
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के प्रयासों से राजनांदगांव को मिली बड़ी सौगात छत्तीसगढ़ बना इलेक्ट्रॉनिक्स हब
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के प्रयासों से राजनांदगांव को मिली बड़ी सौगात छत्तीसगढ़ बना इलेक्ट्रॉनिक्स हब
राजनांदगांव में बनेगा इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग क्लस्टर : मुख्यमंत्री श्री साय ने प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी का जताया आभार*
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!₹3,000 करोड़ निवेश और 9,000 युवाओं को मिलेगा रोजगार
रायपुर। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ को औद्योगिक विकास के क्षेत्र में एक और बड़ी उपलब्धि मिली है। भारत सरकार के इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (MeitY) ने राजनांदगांव जिले के ग्राम पटेवा में इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग क्लस्टर (EMC 2.0) की स्थापना को मंजूरी दे दी है।
इस महत्वाकांक्षी परियोजना से राज्य में लगभग 9,000 रोजगार के अवसर सृजित होंगे तथा ₹3,000 करोड़ से अधिक के निवेश की संभावना है।
भारत सरकार ने EMC 2.0 योजना के अंतर्गत ₹432.08 करोड़ की कुल परियोजना लागत के विरुद्ध ₹210.56 करोड़ की केंद्रीय सहायता स्वीकृत की है। परियोजना का क्रियान्वयन छत्तीसगढ़ राज्य औद्योगिक विकास निगम (CSIDC) द्वारा किया जाएगा।
करीब 306.56 एकड़ भूमि पर विकसित होने वाले इस क्लस्टर में 150.56 एकड़ औद्योगिक भूखंड आरक्षित किए गए हैं। यहां रेडी-बिल्ट फैक्ट्री, विद्युत एवं जल आपूर्ति, वेयरहाउस तथा अन्य आधुनिक औद्योगिक सुविधाएं विकसित की जाएंगी। सभी आवश्यक वैधानिक स्वीकृतियां प्राप्त हो चुकी हैं और परियोजना क्रियान्वयन के लिए पूरी तरह तैयार है।
सेमीकंडक्टर, इलेक्ट्रिक वाहन (ईवी) और स्मार्ट इलेक्ट्रॉनिक्स क्षेत्र की चार एंकर इकाइयों ने पहले ही इस क्लस्टर में रुचि दिखाई है। इन कंपनियों द्वारा लगभग ₹365 करोड़ के प्रारंभिक निवेश का प्रस्ताव दिया गया है।
मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने इस स्वीकृति के लिए प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी एवं केन्द्रीय मंत्री श्री अश्विनी वैष्णव के प्रति हार्दिक आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि “EMC 2.0 इस बात का प्रमाण है कि छत्तीसगढ़ अब राष्ट्रीय स्तर के विनिर्माण उद्योगों के लिए एक भरोसेमंद गंतव्य बन चुका है। यह क्लस्टर राज्य के युवाओं के लिए 9,000 गुणवत्तापूर्ण एवं दीर्घकालिक रोजगार के अवसर सृजित करेगा।” उन्होंने कहा कि राज्य सरकार तकनीकी एवं व्यावसायिक प्रशिक्षण संस्थानों को उद्योगों की आवश्यकताओं के अनुरूप तैयार करेगी।
वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री श्री लखन लाल देवांगन ने कहा कि राज्य सरकार ने उद्योगों के लिए ‘वनक्लिक’ सिंगल विंडो प्रणाली विकसित की है। इसके माध्यम से भूमि आवंटन एवं सभी आवश्यक स्वीकृतियां निर्धारित समयसीमा में उपलब्ध कराई जा रही हैं।
यह परियोजना ‘मेक इन इंडिया’, ‘डिजिटल इंडिया’ और ‘आत्मनिर्भर भारत’ जैसे राष्ट्रीय अभियानों को नई गति देने के साथ-साथ छत्तीसगढ़ को देश के उभरते इलेक्ट्रॉनिक्स विनिर्माण केंद्र के रूप में स्थापित करेगी।

