H1N1 Virus Alert: स्वाइन फ्लू में किन लोगों को ICU तक पहुंचने का खतरा? डॉक्टर ने बताए 5 बड़े कारण

H1N1 Virus Alert :दिल्ली समेत कई राज्यों में H1N1 (स्वाइन फ्लू) के मामले बढ़ रहे हैं. हालांकि ज्यादातर लोग इस संक्रमण से ठीक हो जाते हैं, लेकिन कुछ मरीजों में यह गंभीर रूप लेकर ICU तक ले जा सकता है. जानते हैं कि किन कारणों से H1N1 संक्रमण खतरनाक हो सकता है और किन लोगों को सबसे ज्यादा सतर्क रहने की जरूरत है. H1N1 Symptoms यानी स्वाइन फ्लू के लक्षण शुरुआत में सामान्य वायरल इंफेक्शन जैसे लग सकते हैं, लेकिन कुछ मामलों में यह Severe H1N1 Infection का रूप लेकर मरीज को अस्पताल और यहां तक कि ICU तक पहुंचा सकता है.
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आखिर क्यों कुछ लोग पहुंच जाते हैं ICU तक
सिर्फ वायरस मजबूत नहीं होता, बल्कि मरीज की शारीरिक हालत और समय पर सही फैसला न लेना भी बहुत बडी वजह बनता है. आइए समझते हैं वो कौन से बड़े खतरे हैं जिन्हें कभी नजरअंदाज नहीं करना चाहिए. डॉक्टरों के अनुसार H1N1 ICU Risk सभी मरीजों में समान नहीं होता. कुछ लोगों में संक्रमण तेजी से गंभीर रूप ले सकता है, खासकर अगर उन्हें पहले से कोई बीमारी हो या इलाज में देरी हो जाए.
पहले से चल रही पुरानी बीमारी
जिन लोगों को पहले से कोई गंभीर परेशानी है, उनके लिए ये फ्लू बहुत भारी पडता है. अगर मरीज को दिल, फेफडे, लिवर या किडनी की पुरानी समस्या है. जिन लोगों को डायबिटीज है या जिनका इम्यून सिस्टम बहुत कमजोर है. ऐसे मरीजों में साधारण सा फ्लू भी बहुत तेजी से फेफड़ों के गंभीर संक्रमण में बदल जाता है.
जिन लोगों को दिल, फेफड़े, लिवर या किडनी की बीमारी है, वे H1N1 High Risk Groups में आते हैं. ऐसे लोगों में संक्रमण के बाद H1N1 Complications विकसित होने का खतरा अधिक रहता है.
उम्र का नाजुक दौर
उम्र का असर भी इस बीमारी में बहुत गहरा होता है. घर के बुजुर्ग और छोटे मासूम बच्चे इस वायरस की चपेट में जल्दी आ जाते हैं. बुजुर्गों के शरीर में पहले से कई दिक्कतें होती हैं, जिससे शरीर लड नहीं पाता. छोटे बच्चे अपनी तकलीफ बोलकर बता नहीं पाते और बीमारी को समझने में देरी हो जाती है.
| H1N1 में तुरंत अस्पताल कब जाना चाहिए? |
|---|
| सांस लेने में परेशानी हो |
| ऑक्सीजन लेवल कम होने लगे |
| तेज बुखार कई दिनों तक बना रहे |
| मरीज भ्रमित या सुस्त दिखे |
| सीने में दर्द या भारीपन हो |
सांस लेने में बढती तकलीफ
जब शरीर के अंदर आक्सीजन की जंग शुरू होती है, तो लक्षण साफ दिखने लगते हैं. अगर मरीज की सांस लगातार फूल रही हो या सीने में भारीपन लगे. आक्सीजन लेवल तेजी से गिरने लगे और मरीज हांफने लगे. ऐसे समय में घर पर काढा पिलाने या इंतजार करने की भूल भारी पड सकती है.
अगर मरीज को सांस फूलने लगे, ऑक्सीजन कम होने लगे या सीने में भारीपन महसूस हो, तो यह Swine Flu Symptoms के गंभीर होने का संकेत हो सकता है.
ईलाज शुरू करने में देरी
सबसे ज्यादा दुख तब होता है जब लोग अस्पताल पहुंचने में देर कर देते हैं. शुरुआती लक्षणों को साधारण वायरल समझकर मेडिकल स्टोर से खुद दवा लेकर खाना. जब तक डाक्टर के पास पहुंचते हैं, तब तक संक्रमण अंदर ही अंदर फेफड़ों को जकड चुका होता है. लक्षण दिखने के पहले-दूसरे दिन ही चिकित्सकीय जांच बहुत जरूरी है.
विशेषज्ञों का कहना है कि शुरुआती Swine Flu Treatment शुरू करने से गंभीर जटिलताओं का खतरा कम किया जा सकता है. देर से इलाज शुरू होने पर संक्रमण फेफड़ों तक पहुंच सकता है.
फेफड़ों पर बढता दबाव और निमोनिया
जब वायरस फेफड़ों पर गहरा हमला करता है, तो स्थिति हाथ से निकलने लगती है. फेफड़ों में पानी भरना या गंभीर निमोनिया होना. जब मरीज को साधारण आक्सीजन मास्क से भी आराम न मिले, तब डाक्टरों को वेंटिलेटर और ICU का सहारा लेना पड़ता है.
कई मामलों में वायरस फेफड़ों को गंभीर रूप से प्रभावित कर देता है और H1N1 Pneumonia का कारण बन सकता है. ऐसी स्थिति में मरीज को ICU या वेंटिलेटर सपोर्ट की जरूरत पड़ सकती है.
अपनों की हिफाजत के लिए क्या करें
अगर घर में किसी को लगातार तेज बुखार बना हुआ है, बहुत ज्यादा कमजोरी आ गई है, मरीज उलझन या भ्रम में दिख रहा है, या सांस उखड रही है, तो एक पल भी न गंवाएं. अपने डाक्टर से तुरंत मिले. समय पर लिया गया एक छोटा सा फैसला आपके किसी अपने की जिंदगी बचा सकता है. सावधानी ही सबसे बडी सुरक्षा है.
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अगर तेज बुखार, सांस लेने में परेशानी, अत्यधिक कमजोरी या अन्य गंभीर H1N1 Symptoms दिखाई दें, तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें. समय पर जांच और Swine Flu Treatment गंभीर संक्रमण और ICU की नौबत से बचाने में मदद कर सकता है.

