रायपुर में स्वास्थ्य सेवा की नई तस्वीर… 15 मोबाइल मेडिकल यूनिट्स के जरिए मोहल्लों तक पहुंची इलाज की सुविधा
घर के नजदीक इलाज, जांच और दवाइयां — जरूरतमंद नागरिकों के लिए बनी बड़ी राहत

रायपुर – राजधानी शहर रायपुर में बेहतर स्वास्थ्य सुविधा केवल बड़े अस्पतालों तक सीमित न रहे, बल्कि जरूरतमंद नागरिकों को उनके मोहल्ले और घर के नजदीक ही प्राथमिक स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध हों—इसी उद्देश्य के साथ मोबाइल मेडिकल यूनिट्स (एमएमयू ) स्वास्थ्य सेवाओं को लोगों के और करीब पहुंचाने का काम कर रही हैं।
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!रायपुर में संचालित 15 मोबाइल मेडिकल यूनिट्स अलग-अलग क्षेत्रों में पहुंचकर नागरिकों को स्वास्थ्य जांच, चिकित्सकीय परामर्श, लैब टेस्ट और आवश्यक दवाओं जैसी सुविधाएं उपलब्ध करा रही हैं। उपलब्ध आंकड़े बताते हैं कि इन सेवाओं का लाभ बड़ी संख्या में नागरिकों तक पहुंचा है।
एमएमयू की बड़ी उपलब्धियां
लाभार्थियों की संख्या
🏥 कुल ओपीडी – 16,88,768
🔬 लैब टेस्ट किए गए मरीजों की संख्या – 3,57,296
💊 दवा वितरण किए गए मरीजों की संख्या – 14,83,515
16.88 लाख से अधिक ओपीडी का आंकड़ा बताता है कि नागरिकों ने अपने नजदीक उपलब्ध स्वास्थ्य सेवाओं का बड़े स्तर पर लाभ उठाया है। वहीं 3.57 लाख से अधिक मरीजों के लैब टेस्ट के जरिए विभिन्न स्वास्थ्य समस्याओं की जांच में मदद मिली और 14.83 लाख से अधिक लोगों को दवाएं उपलब्ध कराई गईं।
मोहल्ले तक पहुंची स्वास्थ्य सेवा
अस्पताल तक पहुंचने में दूरी, समय और खर्च कई परिवारों के लिए बड़ी चुनौती होती है। विशेषकर मजदूर, बुजुर्ग, महिलाएं और आर्थिक रूप से कमजोर परिवार कई बार छोटी स्वास्थ्य समस्या के लिए भी अस्पताल जाने में कठिनाई महसूस करते हैं।
एमएमयू मॉडल इसी समस्या को कम करने की दिशा में काम करता है। मेडिकल टीम लोगों के नजदीक पहुंचती है और वहीं डॉक्टर की सलाह, प्राथमिक उपचार, जांच तथा आवश्यक दवाओं की सुविधा उपलब्ध कराती है।
महिलाओं के लिए खास पहल — दाई-दीदी क्लीनिक
महिला मरीजों के लिए महिला डॉक्टर और स्टाफ के साथ विशेष स्वास्थ्य सेवा
एमएमयू व्यवस्था की सबसे महत्वपूर्ण विशेष पहलों में से एक है “दाई-दीदी क्लीनिक”, जिसे विशेष रूप से महिलाओं के लिए तैयार किया गया है।
दाई-दीदी क्लीनिक में महिला डॉक्टर, महिला फार्मासिस्ट, महिला लैब टेक्नीशियन और एएनएम सहित महिला स्टाफ के माध्यम से स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराई जाती हैं। इसका उद्देश्य महिलाओं को बिना संकोच अपनी स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं बताने और उपचार प्राप्त करने का सुरक्षित एवं सहज वातावरण देना है।
यह पहल खास तौर पर उन महिलाओं के लिए महत्वपूर्ण है जो समय की कमी, दूरी, आर्थिक परेशानी या संकोच के कारण अपनी स्वास्थ्य समस्या का इलाज नहीं करा पाती थीं।
दाई-दीदी क्लीनिक में महिलाओं के स्वास्थ्य के साथ-साथ गर्भावस्था, स्त्री स्वास्थ्य, प्रजनन स्वास्थ्य और परिवार नियोजन से संबंधित परामर्श एवं प्राथमिक स्वास्थ्य सेवाओं पर भी ध्यान दिया जाता है।
सिर्फ इलाज नहीं, जांच भी
एमएमयू का उद्देश्य केवल मरीज को डॉक्टर की सलाह देना नहीं है। स्वास्थ्य सेवाओं को अधिक प्रभावी बनाने के लिए लैब जांच की सुविधा भी महत्वपूर्ण हिस्सा है।
रायपुर में अब तक 3,57,296+ मरीजों के लैब टेस्ट किए जा चुके हैं।
इससे मरीजों की बीमारी को समझने, आवश्यक उपचार तय करने और समय पर आगे की चिकित्सा सलाह देने में मदद मिलती है।
राज्य की एमएमयू व्यवस्था में विभिन्न प्रकार की नियमित जांचों के साथ बीपी, ब्लड शुगर और अन्य प्राथमिक स्वास्थ्य जांचों की सुविधा का भी उल्लेख किया गया है।
दवा भी, इलाज भी
डॉक्टर से जांच और परामर्श के बाद मरीजों को आवश्यक दवाएं उपलब्ध कराना एमएमयू की महत्वपूर्ण विशेषता है।
रायपुर में 14,83,515+ लोगों को दवा वितरण किया गया है।
इससे विशेष रूप से ऐसे परिवारों को राहत मिलती है, जिनके लिए इलाज के बाद दवाइयों का खर्च भी अतिरिक्त आर्थिक बोझ बन सकता है।
15 एमएमयू — शहर के अलग-अलग क्षेत्रों तक स्वास्थ्य सेवा
15 मोबाइल मेडिकल यूनिट्स के माध्यम से स्वास्थ्य सेवा को अलग-अलग बस्तियों और जरूरतमंद क्षेत्रों तक ले जाने का प्रयास किया जा रहा है।
इसका उद्देश्य साफ है—
“अस्पताल तक मरीज पहुंचे” के साथ-साथ “स्वास्थ्य सेवा मरीज तक पहुंचे।”
यही मॉडल शहरी क्षेत्रों में प्राथमिक स्वास्थ्य सेवाओं को अधिक सुलभ बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।
एमएमयू से नागरिकों को यह मिला:-
घर के नजदीक इलाज
दूर अस्पताल जाने की आवश्यकता कम हुई और प्राथमिक स्वास्थ्य सुविधा लोगों के करीब पहुंची।
जांच की सुविधा
लैब टेस्ट के माध्यम से बीमारी की पहचान और उपचार में सहायता मिली।
निःशुल्क/उपलब्ध दवाओं से राहत
डॉक्टर की सलाह के अनुसार आवश्यक दवाओं का वितरण किया गया।
* महिलाओं के लिए विशेष सुविधा
दाई-दीदी क्लीनिक के जरिए महिलाओं को महिला स्वास्थ्यकर्मियों के साथ सहज वातावरण में उपचार और परामर्श उपलब्ध कराया गया।
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कमजोर वर्गों तक पहुंच
स्लम एवं जरूरतमंद क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवा पहुंचाने का मॉडल उन परिवारों के लिए विशेष रूप से उपयोगी है, जिन्हें नियमित स्वास्थ्य सुविधा तक पहुंचने में कठिनाई होती है।
आंकड़ों में रायपुर की स्वास्थ्य सेवा
कुल 15 मोबाइल मेडिकल यूनिट्स
16,88,768- कुल ओपीडी
3,57,296 – लैब टेस्ट किए गए मरीजों की संख्या
14,83,515 को दवा वितरण
एमएमयू ने स्वास्थ्य सेवाओं को लोगों के और करीब लाने का काम किया है
रायपुर में मोबाइल मेडिकल यूनिट्स ने स्वास्थ्य सेवाओं को लोगों के और करीब लाने का काम किया है। ओपीडी से लेकर लैब जांच और दवा वितरण तक, एक ही व्यवस्था के माध्यम से नागरिकों को प्राथमिक स्वास्थ्य सुविधा उपलब्ध कराने का प्रयास किया जा रहा है।
महिलाओं के लिए दाई-दीदी क्लीनिक जैसी विशेष पहल इस व्यवस्था को और अधिक संवेदनशील बनाती है—जहां महिला मरीजों को महिला स्वास्थ्य कर्मियों के साथ अपनी समस्याएं साझा करने और उपचार प्राप्त करने का सहज अवसर मिलता है।
15 एमएमयू 16.88 लाख से अधिक ओपीडी , 3.57 लाख से अधिक लैब टेस्ट और 14.83 लाख से अधिक दवा वितरण—ये आंकड़े बताते हैं कि स्वास्थ्य सेवा को नागरिकों के दरवाजे तक पहुंचाने की दिशा में एक बड़ा प्रयास किया जा रहा है।

