मोहन कैबिनेट के 12 बड़े फैसले: EOW के लिए ₹345 करोड़ मंजूर, माटी कला और सिंचाई परियोजना को भी मिली हरी झंडी

भोपाल : मध्य प्रदेश में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में किसान कल्याण, विकास योजनाओं, प्रशासनिक कार्रवाई और पारंपरिक माटी कला को प्रोत्साहित करने सहित कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा हुई। बैठक में आर्थिक अपराधों की जांच के लिए EOW को 345 करोड़ रुपये की मंजूरी दी गई। वहीं, प्रदेश के 12 जिलों में अल्पवर्षा की स्थिति की समीक्षा कर किसानों को राहत देने के लिए जिलेवार आकलन पर जोर दिया गया।
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EOW के लिए 345 करोड़ रुपये मंजूर
कैबिनेट बैठक में आर्थिक अनियमितताओं पर कार्रवाई और विकास योजनाओं की समीक्षा की गई। नगरीय निकायों से जुड़े मामलों में 392 लोगों पर कार्रवाई की जानकारी दी गई। इस दौरान जांच और प्रशासनिक कामकाज में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) सहित आधुनिक तकनीक के इस्तेमाल का भी उल्लेख किया गया।
इसके अलावा छिंदवाड़ा, सागर, सिवनी और मुरैना से संबंधित योजनाओं के लिए कुल 3,378 करोड़ रुपये की मंजूरी दिए जाने की जानकारी साझा की गई।
12 जिलों में अल्पवर्षा की स्थिति पर चर्चा
किसान कल्याण वर्ष के तहत अब तक किए गए कार्यों का प्रस्तुतीकरण भी कैबिनेट के सामने रखा गया। बैठक में प्रदेश के 12 जिलों में कम बारिश की स्थिति और उससे जुड़े निर्धारित मापदंडों पर चर्चा हुई। सरकार ने जिलेवार आकलन के आधार पर किसानों को सहयोग देने की बात कही।
अल्पवर्षा से प्रभावित जिलों में अलीराजपुर, इंदौर, उज्जैन, बैतूल, हरदा, नर्मदापुरम, रतलाम, झाबुआ, धार, शाजापुर और पांढुर्णा सहित अन्य जिले शामिल बताए गए। अलीराजपुर में सामान्य से करीब 52 प्रतिशत कम बारिश होने की जानकारी दी गई। हालांकि, सूखाग्रस्त घोषित करने को लेकर अंतिम स्थिति संबंधित मापदंडों और आकलन पर निर्भर करेगी।
दीपावली पर माटी कला को मिलेगा प्रोत्साहन
दीपावली के अवसर पर पारंपरिक माटी कला और स्थानीय कुम्हारों को प्रोत्साहित करने पर भी जोर दिया गया। मुख्यमंत्री ने मंत्रियों को अपने-अपने प्रभार वाले जिलों में मिट्टी के दीये खरीदने और उनके इस्तेमाल को बढ़ावा देने के लिए पहल करने के निर्देश दिए।
इस पहल का उद्देश्य स्थानीय कारीगरों को आर्थिक सहयोग देना और स्वदेशी उत्पादों को बढ़ावा देना है। इससे पारंपरिक कला को संरक्षित करने के साथ ही कुम्हारों की आजीविका को भी सहारा मिल सकता है।
सेवा संकल्प अभियान के तहत लगाए गए 1,345 शिविर
बैठक में मुख्यमंत्री ने सेवा संकल्प अभियान के तहत किए गए कार्यों की जानकारी दी। अभियान के अंतर्गत 1,345 सेवा शिविर लगाए गए, जबकि 1,600 से अधिक सेवा ज्योति यात्राएं निकाली गईं। नमो सेवा नुक्कड़ टोली के माध्यम से भी जनसेवा से जुड़े प्रयास किए गए।
इसके साथ ही पिछले दो सप्ताह के दौरान मध्य प्रदेश को मिले विभिन्न पुरस्कारों की जानकारी साझा की गई। पीएम धन-धान्य कृषि योजना, राष्ट्रीय पोषण, पर्यटन और बिजली ट्रांसमिशन में पावर लॉस कम करने से जुड़ी उपलब्धियों का उल्लेख किया गया।
स्थापना दिवस और अन्य आयोजनों की तैयारी
कैबिनेट बैठक में आगामी महत्वपूर्ण आयोजनों पर भी चर्चा हुई। इसमें 31 अक्टूबर को सरदार वल्लभभाई पटेल जयंती, 1 नवंबर को मध्य प्रदेश स्थापना दिवस और 15 नवंबर को भगवान बिरसा मुंडा जयंती के कार्यक्रम शामिल हैं।
इसके अलावा भोपाल में आयोजित राष्ट्रीय फिशरीज नीति कार्यक्रम और इंदौर में हुए सेमीकंडक्टर समिट से संबंधित जानकारी भी बैठक में साझा की गई। कुल मिलाकर, बैठक में किसान कल्याण, विकास योजनाओं, जनसेवा, प्रशासनिक कार्रवाई और स्थानीय कारीगरों को प्रोत्साहन देने जैसे मुद्दे प्रमुख रहे।

