
इस्राइली बमबारी: मलबे में 10 हजार से अधिक लोगों के दबे होने की आशंका
इस्राइली बमबारी: मलबे में 10 हजार से अधिक लोगों के दबे होने की आशंका
इस्राइली बमबारी में कई इलाके पूरी तरह से ध्वस्त हो गए हैं। सैकड़ों इमारतों को नुकसान पहुंचा है और अब भी हवाई, भूमि व समुद्री मार्ग से इस्राइल की सैन्य कार्रवाई जारी है। OCHA ने फलस्तीनी नागरिक प्रतिरक्षा प्राधिकरण का हवाला देते हुए बताया कि मलबे में दबे शवों को बाहर निकालना एक बड़ी चुनौती है, जिसकी एक बड़ी वजह बुलडोजर, खुदाई करने वाले उपकरणों और कर्मचारियों की किल्लत है।
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!यूएन एजेंसी के अनुसार, फिलहाल जो पुराने औजार उपलब्ध हैं, उनकी मदद से शवों को बाहर निकालने में तीन वर्षों तक का समय लग सकता है। यूएन विशेषज्ञों ने सचेत किया है कि बढ़ते तापमान के कारण शवों के सड़ने में तेजी आ सकती है, जिससे बीमारियां फैलने का खतरा बढ़ेगा।
यूएन बाल कोष (UNICEF) की प्रमुख कैथरीन रसैल ने जोर देकर कहा है कि फलस्तीनियों के लिए इस दुस्वप्न का अंत किया जाना चाहिए। उनके अनुसार लगभग दक्षिणी सीमा पर स्थित रफाह शहर में शरण लेने वाले छह लाख बच्चों में से लगभग सभी घायल, बीमार या कुपोषित हैं। गाजा में 200 से अधिक दिनों के युद्ध में पहले से ही हजारों बच्चों की मौत हो चुकी है या वे अपंग हुए हैं।

