
सामान्य से बेहतर मानसून की उम्मीद और अब तक कोई वैश्विक जोखिम नहीं होने की वजह से चालू वित्त वर्ष 2024-25 में भारतीय अर्थव्यवस्था की रफ्तार 7 फीसदी से अधिक रहेगी। नेशनल काउंसिल ऑफ एप्लायड इकनॉमिक रिसर्च (एनसीएईआर) ने अपनी मासिक समीक्षा में कहा, प्रमुख आर्थिक संकेतकों से पता चलता है कि घरेलू जीडीपी मजबूत बनी हुई है। इसकी रफ्तार अन्य विकसित अर्थव्यवस्थाओं से तेज है। सभी एजेंसियों ने चालू वित्त वर्ष के लिए अपने वृद्धि दर अनुमान में संशोधन किया है।
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!निवेश-आर्थिक गतिविधियों में तेजी
आर्थिक शोध संस्थान की महानिदेशक पूनम गुप्ता ने कहा, चालू वित्त वर्ष में जीडीपी की वृद्धि दर 7 फीसदी से अधिक और 7.5 फीसदी के आसपास रहेगी। यह संभावना पहली तिमाही में देखी गई आर्थिक गतिविधियों में तेजी, निवेश, वृद्धि और व्यापक आर्थिक स्थिरता पर गहन नीतिगत ध्यान एवं सामान्य मानसून की उम्मीदों पर आधारित है।
