Business news: टैक्सी में घूमना अब पड़ेगा महंगा, जानें ऐसे क्यों
Business news: टैक्सी में घूमना अब पड़ेगा महंगा, जानें ऐसे क्यों
आम लोगों के लिए सफर को लेकर राहत वाली खबर नहीं है. राज्य सरकार ने प्रदेश के अंदर कैब सेवाओं के लिए किराया संशोधित किया है. सरकार ने सिटी टैक्सियों और ओला और उबर जैसे एग्रीगेटर्स के तहत चलने वाले वाहनों के किराये में बढ़ोतरी कर दी है. परिवहन विभाग ने इन किराये को तीन भागों में बांटा है, जो वाहनों की लागत के आधार पर तय किया गया है. नए किराये में न्यूनतम और प्रति किलोमीटर एक्स्ट्रा शुल्क शामिल है. वहीं अगर रात में सफर करते हैं तो उसके लिए अधिभार भी जोड़ा गया है, जिसका मतलब है कि रात के सफर के लिए दिन के मुकाबले ज्यादा किराया देना होगा.
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!यह फैसला कर्नाटक सरकार की ओर से लिया गया है. कर्नाटक में ओला-उबर के साथ अन्य कैब के लिए किराया तय किया गया है. अवर सचिव पुष्पा के नेतृत्व में परिवहन विभाग ने वाहन की लागत के आधार पर किराये को तीन हिस्सों में कैटेगराइज्ड किया है. नया किराया तत्काल प्रभाव से लागू होगा. राज्य सरकार ने कहा कि इन तय किए गए दर को कड़ाई से पालन करना होगा.
नियमों पालन नहीं करने पर होगी कार्रवाई
मनीकंट्रोल की रिपोर्ट के मुताबिक, सरकार ने कहा कि इस आदेश को तत्काल प्रभाव से लागू किया गया है और इसे कड़ाई से पालन करना होगा. अगर कोई इस आधार पर किराया नहीं वसूलता है तो उसपर कार्रवाई हो सकती है. सरकार ने कहा कि इस कदम का लक्ष्य है कि शहर की टैक्सी सर्विस में ज्यादा किराया वसूलने की व्यापकर शिकायतों को दूर करना है और सभी के लिए एक समान किराया सिस्टम को बढ़ावा देना है.
इतना सामान साथ ले जाना होगा फ्री
सरकार ने कुछ अतिरिक्त नियम भी पेश किए हैं, जिसमें 120 किलोग्राम तक सामान साथ ले जाने पर फ्री होगा. इसके बाद 7 रुपये प्रति 30 ग्राम और वहीं पहले 5 मिनट की वेटिंग रेट फ्री है, उसके बाद 1 रुपये प्रति मिनट शामिल होगा. रात 12 बजे से सुबह 6 बजे के बीच चलने वाली टैक्सियों पर 10 फीसदी एक्स्ट्रा शुल्क लगाया गया है. इसके अलावा, यात्रियों से जीएसटी टोल शुल्क वसूला जा सकता है, लेकिन समय के आधार पर कोई वसूली नहीं की जा सकती

