
बस्तर: नक्सलगढ़ से शिक्षा और विकास का गढ़ बनने की ओर
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!बस्तर अब नक्सलगढ़ नहीं, बल्कि शिक्षा और विकास का नया केंद्र बन रहा है। राज्य सरकार ने नक्सलवाद पर सख्त प्रहार करते हुए 305 नक्सलियों को मार गिराया है और 1000 से अधिक ने आत्मसमर्पण किया है। बस्तर ओलंपिक और बस्तर पर्व जैसे सांस्कृतिक आयोजनों के लिए विशेष बजट प्रावधान किया गया है। कोंडागांव में नवनिर्मित इथेनॉल प्लांट इसी वित्तीय वर्ष में शुरू होगा, जिससे क्षेत्र में औद्योगिक विकास को गति मिलेगी। अंबिकापुर मेडिकल कॉलेज के लिए 110 करोड़ रुपये की अतिरिक्त राशि स्वीकृत की गई है। मुख्यमंत्री सुगम यातायात योजना के तहत 25 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है ताकि आवागमन को सुगम बनाया जा सके। साथ ही, बस्तर और सरगुजा प्राधिकरण के लिए 50-50 करोड़ रुपये का बजट तय किया गया है। पीएम सूर्यधर योजना के अंतर्गत अतिरिक्त राहत हेतु 200 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। ये सभी प्रयास बस्तर में नक्सलवाद के सूर्यास्त और विकास के नए सवेरा का संकेत देते हैं।

