
भारतीय दूरसंचार विनियामक प्राधिकरण ने डिजिटल कनेक्टिविटी के लिए रेटिंग पर मैनुअल का मसौदा जारी किया
नई दिल्ली । भारतीय दूरसंचार विनियामक प्राधिकरण (भादूविप्रा) ने “डिजिटल कनेक्टिविटी के लिए संपत्तियों की रेटिंग विनियमन, 2024” के तहत,डिजिटल कनेक्टिविटी के लिए संपत्तियों की रेटिंग के आकलन के हेतु13 मई 2025 को मैनुअल का मसौदा जारी किया है। यह रेटिंग मैनुअल डिजिटल कनेक्टिविटी रेटिंग एजेंसियों (डीसीआरए) द्वारा एकसमान कार्यप्रणाली को अपनाने में सक्षम बनाएगा एवं संपत्ति प्रबंधकों (पीएम) को इमारतों और संपत्तियों के अंदर डिजिटल कनेक्टिविटी इंफ्रास्ट्रक्चर (डीसीआई) के निर्माण के लिए मानक संदर्भ प्रदान करेगा। मैनुअल के मसौदे का पूरा पाठ भादूविप्रा की वेबसाइट www.trai.gov.in पर उपलब्ध है।
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!
2. हमारी जीवनशैली और काम करने के तरीके के लिए डिजिटल कनेक्टिविटी बहुत ज़रूरी है। दरअसल, पिछले दशक में डिजिटलीकरण में तेज़ी से हुई वृद्धि ने दुनिया में क्रांति ला दी है, जिसका असर अर्थव्यवस्था, नवाचार, विज्ञान और शिक्षा से लेकर स्वास्थ्य, स्थिरता, शासन और जीवनशैली तक हर जगह पड़ा है।डिजिटल तकनीक मौलिक रूप से व्यापार मॉडल, संस्थानों और समाज को समग्र रूप से बदल रही हैं।
3. रिपोर्टों के अनुसार, डेटा की अधिकतम खपत इमारतों के अंदर होती है और इसलिए ‘इन-बिल्डिंग डिजिटल कनेक्टिविटी’ विशेष रूप से 4 जी और 5 जी नेटवर्क के लिए बहुत महत्वपूर्ण हो गई है जोउच्च गति की डाटा स्पीड देने के लिए उच्च आवृत्तिके बैंड का उपयोग करती है लेकिन दीवारों और भवन निर्माण सामग्री के कारण उच्च आवृत्ति के बैंड क्षीण हो जाते हैं।
4. इमारतों के अंदर डिजिटल कनेक्टिविटी से संबंधित मुद्दों के समाधान के लिए एक बड़े कदम के रूप में, प्राधिकरण ने 20 फरवरी 2023 को “डिजिटल कनेक्टिविटी के लिए इमारतों या क्षेत्रों की रेटिंग” पर सरकार को अनुशंसाएंप्रस्तुत की हैं। इन अनुशंसाओंका उद्देश्य यह है कि किसी भी विकासात्मक गतिविधि के हिस्से के रूप में डिजिटल कनेक्टिविटी इंफ्रास्ट्रक्चर (डीसीआई) के सह-निर्माण के लिए एक इकोसिस्टम बनाया जाए।
5. उपर्युक्त अनुशंसाओं के अलावा, भादूविप्रा ने 25 अक्टूबर, 2024 को “डिजिटल कनेक्टिविटी के लिए संपत्तियों की रेटिंग विनियम, 2024” भी जारी किया है, ताकि सहयोगात्मक और आत्मनिर्भर दृष्टिकोण के माध्यम से अच्छी डिजिटल कनेक्टिविटी के निर्माण को बढ़ावा देने के लिए डिजिटल कनेक्टिविटी हेतु संपत्तियों की रेटिंग के लिए एक रूपरेखा तैयार की जा सके। बेहतर रेटिंग वाली संपत्ति अधिक उपयोगकर्ताओं, खरीदारों या निवेशकों को आकर्षित करेगी और इस तरह संपत्तियों की अहमियतबढ़ाएगी।
6. मसौदा रेटिंग मैनुअल में विभिन्न श्रेणियों की संपत्तियों और क्षेत्रों की डिजिटल कनेक्टिविटी का आकलन करने के लिएतरीका बताया गया है । संपत्तियों का मूल्यांकन विनियमन में परिभाषित मापदंडों जैसे फाइबर कीतैयारी, मोबाइल नेटवर्क की उपलब्धता, इन-बिल्डिंग समाधानऔर वाई-फाई इंफ्रास्ट्रक्चर आदि के आधार पर किया जाएगा।
7. यहमसौदा रेटिंग मैनुअल एक संरचित ढांचा प्रस्तुत करता है जिसे विनियमन के प्रावधानों के तहत डिजिटल कनेक्टिविटी का आकलन करने के लिए एक निष्पक्ष, पारदर्शी और मानकीकृत दृष्टिकोण सुनिश्चित करने के लिए डिज़ाइन किया गया है। यह दस्तावेज़ संपत्तियों और क्षेत्रों मेंडिजिटल कनेक्टिविटी के कार्यान्वयन और मूल्यांकन में शामिल डिजिटल कनेक्टिविटी रेटिंग एजेंसी (डीसीआरए), संपत्ति प्रबंधक (पीएम) और सेवा प्रदाताओं सहित सभी हितधारकों के लिए एक व्यापक मार्गदर्शन उपलब्ध करवाता है।
8. एक संरचित रेटिंग प्रणाली संभावित किरायेदारों और खरीदारों को संपत्तियों की कनेक्टिविटी रेटिंग के आधार पर तुलना करने में सक्षम बनाती हैऔर सुनिश्चित करती है कि वे सर्वोत्तम डिजिटल बुनियादी ढांचे वाले स्थानों का चयन करें।
9. हितधारकों को संपत्तियों की रेटिंग पर मसौदा मैनुअल पर अपनी टिप्पणियां और प्रतिक्रिया अनुलग्नक-Iमें दिए गए प्रारूप में दिनांक 2 जून 2025 तक और प्रति-टिप्पणियां दिनांक 9 जून 2025 तक प्रस्तुत करने के लिए आमंत्रित किया जाता प्रारूप, मसौदा मैनुअल के अंतिम पृष्ठ पर भी उपलब्ध है।
10. मसौदा मैनुअल से संबंधित किसी भी स्पष्टीकरण के लिए तेजपाल सिंह, सलाहकार (क्यूओएस-I) भादूविप्रा से ईमेल: [email protected] या टेलीफोन नंबर +91-11-20907759 पर संपर्क किया जा सकता है।

