
पंजाब का पानी: हरियाणा के सीएम के खिलाफ प्रदर्शन
लुधियाना में जल विवाद ने चुनावी रंग लिया-हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर के हालिया लुधियाना दौरे के दौरान, पंजाब के लोगों ने उनका जोरदार विरोध किया। पानी के बंटवारे को लेकर लंबे समय से चले आ रहे विवाद ने एक बार फिर सियासी रंग ले लिया है। प्रदर्शनकारियों ने मुख्यमंत्री के काफिले को काले झंडे दिखाए और नारेबाजी की।
दशकों पुराना विवाद, आज भी ताजा-यह विरोध प्रदर्शन पंजाब के जल संसाधनों को लेकर जनता के गुस्से का प्रतीक है। दशकों से पंजाब और हरियाणा के बीच पानी के बंटवारे को लेकर विवाद चल रहा है। पंजाब का आरोप है कि हरियाणा पंजाब के हिस्से का पानी ज़्यादा ले रहा है, जिससे पंजाब के किसानों को भारी परेशानी हो रही है।
‘पंजाब दा पानी चोर…’ गूंजते नारे-प्रदर्शनकारियों ने ‘पंजाब दा पानी चोर मुर्दाबाद’ जैसे नारे लगाए। उनका कहना है कि हरियाणा सरकार जानबूझकर पंजाब का पानी ले जा रही है, जिससे राज्य का कृषि ढांचा कमजोर हो रहा है। यह मुद्दा अब आगामी उपचुनाव में भी अहम भूमिका निभा सकता है।
बीबीएमबी पर उठ रहे सवाल-भाखड़ा ब्यास प्रबंधन बोर्ड (बीबीएमबी) के पानी बंटवारे के तरीके पर भी सवाल उठ रहे हैं। प्रदर्शनकारी आरोप लगाते हैं कि बीबीएमबी हरियाणा को पंजाब के हक का पानी दे रहा है।
पंजाब सरकार का सख्त रुख-हालांकि, पंजाब सरकार ने इस मुद्दे पर सख्त रुख अपनाया है। सरकार ने नहरी पानी की पहुंच बढ़ाने और जल प्रबंधन में सुधार के कदम उठाए हैं। इससे पंजाब के किसानों को थोड़ी राहत मिली है।
पानी बना चुनावी मुद्दा-यह जल विवाद अब लुधियाना पश्चिमी उपचुनाव का मुख्य मुद्दा बन गया है। मतदाता इस मुद्दे पर स्पष्ट जवाब चाहते हैं और अपनी राय ज़रूर रखेंगे।

