
गुरदासपुर शहर के सबसे भीड़-भाड़ वाले इलाकों में से एक, हनुमान चौक, शुक्रवार शाम उस वक्त अफरा-तफरी का माहौल बन गया जब स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI) की एक शाखा में अचानक आग लग गई। देखते ही देखते इलाके में दहशत फैल गई। हालांकि, फायर ब्रिगेड की तेज़ कार्रवाई की वजह से हालात नियंत्रण में आ गए और कोई बड़ी जनहानि नहीं हुई।
घनी आबादी वाला इलाका, ऊपर वाली मंज़िल से निकली आग – यह घटना स्टेट बैंक की हनुमान चौक शाखा की पहली मंज़िल पर हुई, जो गुरदासपुर के सबसे घने रिहायशी और व्यावसायिक इलाकों में गिनी जाती है। चारों तरफ दुकानें, ऑफिस और मकान हैं, ऐसे में किसी को भी यह अंदेशा नहीं था कि बैंक जैसी जगह में अचानक से धुआं निकलने लगेगा। आग पहली मंज़िल के उस कमरे में लगी जहां क्लर्कियल स्टाफ काम करता है। जैसे ही आग की लपटें बाहर दिखने लगीं, आस-पास के दुकानदार और लोग सड़कों पर आ गए। हालात बिगड़ने से पहले ही फायर ब्रिगेड की गाड़ियां मौके पर पहुंच गईं और आग को नीचे की मंज़िल तक पहुंचने से रोक लिया गया। गनीमत रही कि ग्राउंड फ्लोर, जहां ग्राहक आते-जाते हैं, पूरी तरह सुरक्षित रहा।
शॉर्ट सर्किट बना आग की वजह, राहत रही कि समय रहते आग पर पाया गया काबू – नगर काउंसिल के अध्यक्ष बलजीत सिंह पाहड़ा भी घटनास्थल पर पहुंचे और स्थिति का जायज़ा लिया। उन्होंने बताया कि शुरुआती जानकारी के मुताबिक आग एसी या किसी अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरण के तारों में शॉर्ट सर्किट से लगी। उन्होंने यह भी कहा कि “फायर ब्रिगेड और स्थानीय लोगों की मदद से आग पर जल्दी काबू पा लिया गया, नहीं तो बड़ा नुकसान हो सकता था। बैंक कर्मचारियों ने भी आग बुझाने में पूरी कोशिश की और ग्राउंड फ्लोर को सुरक्षित रखने में मदद की। हालांकि जिस कमरे में आग लगी, वहां अभी भी काफी धुआं और ज़हरीली गैस भरी हुई है। इसलिए फिलहाल अंदर जाना खतरनाक बताया गया है। दो फायरमैन को ऑक्सीजन सिलेंडर के साथ अंदर भेजा गया, ताकि स्थिति की सही जानकारी ली जा सके।
ट्रैफिक पुलिस ने तत्काल रास्ते को डायवर्ट करवाई आवाजाही बहाल – आग लगने की सूचना मिलते ही ट्रैफिक पुलिस इंचार्ज सतनाम सिंह भी मौके पर पहुंचे। उन्होंने तुरंत स्थिति को संभालते हुए आस-पास का ट्रैफिक डायवर्ट करवा दिया ताकि दमकल की गाड़ियों और राहत दलों की आवाजाही सुचारु बनी रहे।
स्थानीय प्रशासन की सक्रियता और दमकल विभाग की तत्परता ने इस आगजनी की घटना को एक बड़ी त्रासदी में बदलने से बचा लिया। हालांकि, अभी यह साफ नहीं हो पाया है कि बैंक को कुल कितना नुकसान हुआ है।

