
रुपया फिर गिरा: डॉलर की मजबूती और घरेलू बाजार की कमजोरी से बढ़ी चिंता-सोमवार को शुरुआती कारोबार में ही रुपया 20 पैसे गिरकर 86.36 पर आ गया। विदेशी बाजार में डॉलर के मजबूत होने और घरेलू शेयर बाजार में गिरावट से रुपये पर दबाव बना हुआ है। शुक्रवार को रुपया 86.16 पर बंद हुआ था।
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!86.00 का स्तर टूटने से बढ़ी गिरावट-86.00 के अहम स्तर को पार करते ही रुपये में गिरावट और तेज हो गई। विशेषज्ञों का मानना है कि डॉलर इंडेक्स में सुधार से रुपये की स्थिति कमजोर हुई है और व्यापारियों में भी रुपये को लेकर अनिश्चितता है। शुरुआती कारोबार में रुपया 86.27 पर खुला और जल्द ही 86.36 तक पहुंच गया।
डॉलर इंडेक्स में मामूली गिरावट, लेकिन दबाव कायम-डॉलर इंडेक्स में 0.02% की मामूली गिरावट के बावजूद, यह अन्य मुद्राओं के मुकाबले मजबूत बना हुआ है, जिससे रुपये पर दबाव बना हुआ है। विशेषज्ञों का अनुमान है कि रुपये में गिरावट का रुझान जारी रह सकता है और यह 85.90 से 86.40 के बीच रह सकता है।
तेल की कीमतों में बढ़ोतरी से और बढ़ सकती है चिंता-ब्रेंट क्रूड की कीमतों में 0.12% की मामूली बढ़ोतरी हुई है, लेकिन इसका रुपये पर अभी कोई खास असर नहीं दिख रहा है। अगर तेल की कीमतें और बढ़ती हैं, तो रुपये पर और दबाव पड़ सकता है।
भारत-अमेरिका व्यापार वार्ता पर टिकी हैं सबकी उम्मीदें-अब सभी की नजरें भारत और अमेरिका के बीच चल रही व्यापार वार्ता पर टिकी हैं। अगर 1 अगस्त से पहले कोई समझौता नहीं होता है, तो भारतीय निर्यातकों को नए टैरिफ का सामना करना पड़ सकता है, जिससे रुपये पर नकारात्मक असर पड़ेगा। समझौते से रुपये को राहत मिल सकती है।
रुपये में कमजोरी का रुझान जारी, 86.80 तक जा सकता है भाव-विशेषज्ञों का कहना है कि रुपये में कमजोरी का रुझान जारी रह सकता है और इसकी कीमत 86.50 से 86.80 तक जा सकती है। हालांकि, 85.70-85.80 के स्तर पर कुछ समर्थन मिल सकता है।
शेयर बाजार में गिरावट, लेकिन एफआईआई की खरीददारी से उम्मीद-घरेलू शेयर बाजार में भी गिरावट देखी गई है। सेंसेक्स 155.73 अंक और निफ्टी 63.55 अंक गिरे हैं। हालांकि, विदेशी निवेशकों (FII) ने शुक्रवार को 374.74 करोड़ रुपये की शुद्ध खरीदारी की है, जिससे बाजार में स्थिरता आने की उम्मीद है।

