
क्या मतदाता सूची से बंगाली प्रवासियों को हटाया जा रहा है? ममता बनर्जी का गंभीर आरोप, जानें पूरी खबर
ममता बनर्जी का आरोप: क्या मतदाता सूची में हो रहा है भेदभाव?-पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने एक गंभीर आरोप लगाया है। उनका कहना है कि मतदाता सूची में बदलाव के दौरान, बंगाली भाषी प्रवासियों और अल्पसंख्यकों के साथ भेदभाव किया जा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि बीजेपी और चुनाव आयोग जानबूझकर असली मतदाताओं के नाम भी सूची से हटा रहे हैं। बोलपुर में एक समीक्षा बैठक में, उन्होंने बूथ-स्तरीय अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए हैं कि किसी भी मतदाता को बिना वजह परेशान न किया जाए और पुराने वोटरों के नाम नहीं काटे जाएं। यह आरोप कितना सही है, यह तो जांच के बाद ही पता चलेगा, लेकिन इससे राजनीतिक माहौल ज़रूर गरमा गया है।
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!प्रवासी मज़दूरों के लिए नई योजना-मुख्यमंत्री ने एक अच्छी खबर भी दी है। उन्होंने बताया कि राज्य सरकार प्रवासी मज़दूरों की मदद के लिए एक नई योजना शुरू करने जा रही है। इस योजना के तहत, दूसरे राज्यों से परेशान होकर लौटे मज़दूरों को राशन कार्ड, स्वास्थ्य कार्ड और अस्थायी आवास मुहैया कराया जाएगा। उन्होंने बताया कि लगभग 22 लाख लोग बंगाल से बाहर काम करते हैं और उन्हें सुरक्षित वापस लाने के लिए एक खास टीम बनाई जाएगी। यह योजना उन मज़दूरों के लिए राहत की साँस साबित हो सकती है जो मुश्किलों का सामना कर रहे हैं।
धार्मिक स्थलों और कल्याणकारी योजनाओं पर नज़र-बैठक में, मुख्यमंत्री ने राज्य की कई विकास योजनाओं की प्रगति का भी जायज़ा लिया। उन्होंने ‘आमार पारा, आमार समाधान’ योजना के तहत 60 दिन का एक अभियान चलाने की घोषणा की। इस अभियान में, स्थानीय स्तर पर सुरक्षा और नागरिक सुविधाओं से जुड़ी समस्याओं को सुलझाया जाएगा। इसके अलावा, उन्होंने ‘जलस्वप्न’ योजना में तेज़ी लाने के निर्देश दिए, जिससे 1.75 करोड़ परिवारों को नल का पानी मिल सके। इन योजनाओं से राज्य के लोगों को बड़ा फायदा मिलने की उम्मीद है।

