
रूपनगर के किसानों का बिगुल: ज़मीन अधिग्रहण नीति के खिलाफ उग्र आंदोलन की तैयारी-रूपनगर जिले के सात गांवों के किसानों ने ज़मीन अधिग्रहण नीति के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। यह नीति उनके लिए पीढ़ियों की मेहनत पर कुठाराघात जैसी है, जिससे उन्हें अपना घर-बार छोड़ने का डर सता रहा है। पंजाब मोर्चा के नेता गौरव राणा ने किसानों को एकजुट होकर आंदोलन करने का आह्वान किया है, और सरकार को चेतावनी दी है।
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!सात दिन का अल्टीमेटम: आंदोलन की तारीख नज़दीक-गौरव राणा ने सरकार को सात दिन का अल्टीमेटम दिया है। अगर ज़मीन अधिग्रहण नीति वापस नहीं ली गई, तो किसान बड़े पैमाने पर आंदोलन करेंगे। इस आंदोलन में कई अन्य नेता भी शामिल होंगे, और किसानों का कहना है कि वे अपने हक़ के लिए आखिरी दम तक लड़ेंगे। यह आंदोलन सिर्फ़ ज़मीन बचाने तक सीमित नहीं है, बल्कि यह पंजाब के किसानों के अस्तित्व के लिए एक लड़ाई है।
बाहरी लोगों को तरजीह: पंजाबियों के साथ धोखा?-आंदोलनकारियों का आरोप है कि सरकार राज्य में नौकरियों में बाहरी लोगों को तरजीह दे रही है। उनका मानना है कि ज़मीन अधिग्रहण नीति पंजाबियों के साथ एक बड़ा धोखा है। उन्होंने आंकड़े पेश करके बताया है कि कैसे इस नीति से पंजाब के युवाओं और किसानों का भविष्य खतरे में पड़ सकता है। किसान अब सड़क पर उतरने को पूरी तरह तैयार हैं, और उनकी आवाज़ अब दबाना मुश्किल होगा।

