
सूरज की मार: कहीं धूप आपकी स्किन को बिगाड़ तो नहीं रही?-सूरज की रोशनी, जिसे हम अक्सर जीवनदायिनी मानते हैं, सेहत के लिए विटामिन-डी का एक अहम स्रोत है। लेकिन, क्या आप जानते हैं कि यही सूरज जब अपनी पूरी ताकत से चमकता है, तो हमारी त्वचा के लिए एक बड़ा खतरा भी बन सकता है? जी हाँ, हम बात कर रहे हैं ‘सन डैमेज’ की, एक ऐसी समस्या जो धीरे-धीरे हमारी त्वचा की खूबसूरती और सेहत को छीन लेती है। इसका असर तुरंत नहीं दिखता, बल्कि सालों बाद यह कई गंभीर निशान छोड़ जाता है। अगर हमने समय रहते ध्यान न दिया, तो यह स्किन कैंसर जैसी जानलेवा बीमारी का रूप भी ले सकता है। आइए, आज हम इसी सन डैमेज के बारे में विस्तार से जानते हैं और समझते हैं कि कैसे हम अपनी त्वचा को इस नुकसान से बचा सकते हैं।
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!त्वचा पर काले धब्बे और सनस्पॉट्स: खूबसूरती पर दाग-सूरज की तेज किरणें जब हमारी त्वचा पर लगातार पड़ती हैं, तो सबसे पहले जो निशान दिखाई देते हैं, वे हैं काले या भूरे धब्बे। इन्हें हम सनस्पॉट्स, एज स्पॉट्स या लिवर स्पॉट्स के नाम से भी जानते हैं। ये धब्बे अक्सर चेहरे, हाथों, कंधों और पीठ जैसे हिस्सों पर ज्यादा होते हैं, क्योंकि ये सीधे धूप के संपर्क में आते हैं। इसका मुख्य कारण है हमारी त्वचा में मौजूद ‘मेलानिन’ का असंतुलन। जब यूवी किरणें त्वचा पर पड़ती हैं, तो मेलानिन का उत्पादन बढ़ जाता है और यह असमान रूप से त्वचा में फैल जाता है, जिससे ये धब्बे बन जाते हैं। शुरुआत में ये हल्के होते हैं, लेकिन समय के साथ और गहरे होते जाते हैं और हमारी त्वचा की प्राकृतिक चमक को कम कर देते हैं। अगर इन पर ध्यान न दिया जाए, तो ये हमारी त्वचा को समय से पहले बूढ़ा दिखाने लगते हैं, जिससे हमारी उम्र से ज्यादा हम दिखने लगते हैं।
समय से पहले झुर्रियां और रूखी त्वचा: उम्र की रेखाएं-क्या आपने कभी गौर किया है कि कुछ लोगों के चेहरे पर उनकी उम्र से कहीं पहले ही झुर्रियां दिखने लगती हैं? खासकर आंखों के आसपास, माथे पर और होंठों के पास? इसका एक बहुत बड़ा कारण है धूप से होने वाला नुकसान, जिसे ‘फोटोएजिंग’ भी कहते हैं। सूरज की अल्ट्रावायलेट (UV) किरणें हमारी त्वचा की ऊपरी परत को भेदकर अंदरूनी परतों तक पहुंच जाती हैं। वहां, ये उन खास प्रोटीन को नुकसान पहुंचाती हैं जो हमारी त्वचा को कसाव और लचीलापन देते हैं – जैसे कोलेजन और इलास्टिन। जब ये प्रोटीन कमजोर पड़ जाते हैं, तो त्वचा अपनी लोच खो देती है। नतीजा यह होता है कि त्वचा ढीली पड़ने लगती है, रूखी और बेजान दिखने लगती है, और उस पर बारीक रेखाएं और गहरी झुर्रियां उभर आती हैं। यह प्रक्रिया हमारी त्वचा की उम्र बढ़ने की गति को सामान्य से कहीं ज्यादा तेज कर देती है।
टैनिंग और रेडनेस: सेहत का अलार्म-धूप में निकलने के बाद त्वचा का रंग गहरा हो जाना, जिसे हम ‘टैनिंग’ कहते हैं, कई लोग इसे सामान्य मानते हैं। लेकिन, यह भी एक संकेत है कि आपकी त्वचा सूरज की किरणों से खुद को बचाने की कोशिश कर रही है। जब यूवी किरणें त्वचा पर पड़ती हैं, तो त्वचा ज्यादा मेलानिन बनाने लगती है, जिससे उसका रंग बदल जाता है। वहीं, अगर धूप बहुत तेज हो या आप बिना सुरक्षा के लंबे समय तक धूप में रहें, तो त्वचा लाल हो सकती है, जिसे ‘सनबर्न’ या रेडनेस कहते हैं। यह असल में त्वचा के जलने का शुरुआती संकेत है। बार-बार ऐसा होने से त्वचा की कोशिकाएं क्षतिग्रस्त होती हैं और लंबे समय में यह त्वचा कैंसर के खतरे को बढ़ा सकता है। इसलिए, टैनिंग और रेडनेस को कभी भी हल्के में नहीं लेना चाहिए।
त्वचा का पतला और नाजुक होना: आसानी से चोट लगना-जो लोग अपना ज्यादातर समय धूप में बिताते हैं, उनकी त्वचा अक्सर पतली और नाजुक हो जाती है। आप देखेंगे कि ऐसी त्वचा के नीचे की बारीक नसें भी साफ दिखाई देने लगती हैं। ऐसा इसलिए होता है क्योंकि सूरज की यूवी किरणें सिर्फ त्वचा की ऊपरी सतह को ही नहीं, बल्कि उसकी निचली परतों को भी नुकसान पहुंचाती हैं। ये किरणें त्वचा की मजबूती और उसके लचीलेपन को बनाए रखने वाले तत्वों को कमजोर कर देती हैं। धीरे-धीरे, त्वचा इतनी संवेदनशील हो जाती है कि जरा सी रगड़ या खरोंच से भी वह छिल जाती है या उस पर निशान पड़ जाते हैं। इसीलिए, जो लोग बाहर काम करते हैं, उनकी त्वचा अक्सर ज्यादा डैमेज और पतली नजर आती है।
एक्टिनिक केराटोसिस: स्किन कैंसर का पहला कदम?-सन डैमेज का सबसे गंभीर और चिंताजनक रूप है ‘एक्टिनिक केराटोसिस’। इस स्थिति में, त्वचा पर छोटे-छोटे, खुरदुरे, लाल या भूरे रंग के धब्बे या उभार दिखाई देने लगते हैं। ये अक्सर उन जगहों पर होते हैं जो धूप के संपर्क में सबसे ज्यादा रहती हैं, जैसे चेहरा, कान, गर्दन और हाथ। डॉक्टर इसे ‘प्री-कैंसरस’ स्थिति मानते हैं, जिसका मतलब है कि अगर इसका समय पर इलाज न कराया जाए, तो यह धीरे-धीरे स्किन कैंसर का रूप ले सकता है। इसलिए, अगर आपकी त्वचा पर ऐसे कोई भी असामान्य धब्बे या उभार दिखें, तो उन्हें बिल्कुल भी नजरअंदाज न करें। तुरंत किसी त्वचा विशेषज्ञ (डर्मेटोलॉजिस्ट) से सलाह लेना बहुत जरूरी है।

