
बीसीसीआई की AGM: नए अध्यक्ष और IPL चेयरमैन के चुनाव पर टिकी सबकी निगाहें!-भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) की सालाना आम बैठक (AGM) 28 सितंबर को होने वाली है, और इस बार की बैठक कई मायनों में खास होने वाली है। इस मीटिंग में क्रिकेट प्रशासन से जुड़े कई बड़े फैसले लिए जाएंगे, जिनमें सबसे अहम हैं बीसीसीआई अध्यक्ष और आईपीएल चेयरमैन के पदों के लिए चुनाव। आपको बता दें कि पूर्व भारतीय क्रिकेटर रोजर बिन्नी के अध्यक्ष पद से इस्तीफा देने के बाद यह कुर्सी खाली हो गई है। वहीं, आईपीएल चेयरमैन अरुण धूमल भी अपने छह साल का कार्यकाल पूरा कर चुके हैं और अब उन्हें ‘कूलिंग-ऑफ पीरियड’ पर जाना पड़ सकता है। ऐसे में यह देखना काफी रोमांचक होगा कि भारतीय क्रिकेट के इस महत्वपूर्ण प्रशासनिक ढांचे में नई जिम्मेदारियां किसके हाथों में सौंपी जाती हैं।
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!रोजर बिन्नी की विदाई और अध्यक्ष पद की खाली कुर्सी-इस महीने की शुरुआत में, पूर्व भारतीय क्रिकेटर रोजर बिन्नी ने बीसीसीआई अध्यक्ष पद से अपना इस्तीफा दे दिया, जिससे यह प्रतिष्ठित पद खाली हो गया। बिन्नी को अक्टूबर 2022 में अध्यक्ष चुना गया था और उनके कार्यकाल के दौरान बीसीसीआई ने कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए। हालांकि, 70 साल की उम्र सीमा पार करने के कारण उन्हें अपने पद से हटना पड़ा। अब, 28 सितंबर को होने वाली एजीएम में नए अध्यक्ष का चुनाव किया जाएगा। क्रिकेट के दीवानों की नज़रें इस बात पर टिकी हैं कि रोजर बिन्नी के बाद यह बड़ी जिम्मेदारी किसे सौंपी जाएगी। यह देखना दिलचस्प होगा कि कौन सा चेहरा भारतीय क्रिकेट के नेतृत्व की बागडोर संभालेगा।
IPL चेयरमैन अरुण धूमल पर ‘कूलिंग-ऑफ पीरियड’ का असर-इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) के चेयरमैन अरुण धूमल का कार्यकाल भी एक अहम मोड़ पर आ गया है। उन्होंने अपने छह साल पूरे कर लिए हैं, जिसका मतलब है कि बीसीसीआई के नियमों के अनुसार, उन्हें अब ‘कूलिंग-ऑफ पीरियड’ पर जाना होगा। इस नियम का सीधा मतलब यह है कि धूमल को कुछ समय के लिए अपने पद से दूर रहना पड़ेगा। आईपीएल जैसे दुनिया के सबसे बड़े क्रिकेट लीग के प्रशासनिक ढांचे में यह बदलाव निश्चित रूप से एक महत्वपूर्ण घटना है और इससे टूर्नामेंट की दिशा पर असर पड़ सकता है। हालांकि, बाकी प्रमुख पदों पर फिलहाल किसी बड़े बदलाव की उम्मीद कम ही नजर आ रही है।
अन्य पदों पर यथावत बने रहेंगे चेहरे-हालांकि बीसीसीआई के सभी प्रमुख पदों के लिए चुनाव होने हैं, लेकिन जमीनी हकीकत यह है कि केवल अध्यक्ष का पद ही वास्तव में खाली हुआ है। बीसीसीआई सचिव देवजीत सैकिया को इसी साल जनवरी में सर्वसम्मति से चुना गया था और वे अपना कार्यकाल जारी रखेंगे। उनके साथ ही, संयुक्त सचिव रोहन गॉन्स देसाई और कोषाध्यक्ष प्रभतेज भाटिया भी अपने-अपने पदों पर बने रहेंगे। इसका सीधा मतलब यह है कि बीसीसीआई के प्रशासनिक ढांचे में बड़े पैमाने पर फेरबदल होने की संभावना फिलहाल कम है, और मौजूदा नेतृत्व ही आगे भी अपनी भूमिका निभाता रहेगा।
देवजीत सैकिया की बढ़ती अहमियत-देवजीत सैकिया, जो पहले संयुक्त सचिव के पद पर थे, को इस वर्ष जनवरी में निर्विरोध सचिव चुना गया था। उन्होंने अपना तीन साल का कार्यकाल सफलतापूर्वक पूरा कर लिया है और फिलहाल उनके सामने कोई बड़ी चुनौती नहीं है। जय शाह के अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (ICC) के चेयरमैन बनने के बाद से, देवजीत सैकिया की भूमिका और भी महत्वपूर्ण हो गई है। आगामी एजीएम में भी उनसे कई अहम फैसलों में मुख्य भूमिका निभाने की उम्मीद की जा रही है, जो भारतीय क्रिकेट के भविष्य की दिशा तय करेंगे।
AGM की तारीख से बढ़ा क्रिकेट जगत में उत्साह-जैसे ही एजीएम की तारीख तय हुई है, पूरे क्रिकेट जगत में एक नई ऊर्जा और उत्साह का संचार हो गया है। सभी राज्य क्रिकेट संघों को इस महत्वपूर्ण बैठक की आधिकारिक सूचना भेज दी गई है। पहले ऐसी अटकलें लगाई जा रही थीं कि रोजर बिन्नी एजीएम तक अपने पद पर बने रहेंगे, लेकिन उनका इस्तीफा पहले ही हो चुका है। अब सभी की निगाहें इस बैठक पर हैं, जहाँ नए अध्यक्ष और आईपीएल चेयरमैन के नामों की घोषणा की जाएगी, जिससे क्रिकेट प्रशासन में नई उम्मीदें जगी हैं।
भारतीय क्रिकेट का भविष्य और AGM का महत्व-बीसीसीआई की यह सालाना आम बैठक भारतीय क्रिकेट के भविष्य के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण मानी जा रही है। अध्यक्ष और आईपीएल चेयरमैन जैसे अहम पदों पर नए चेहरों के आने से क्रिकेट प्रशासन को एक नई दिशा मिल सकती है। वहीं, अन्य पदों पर स्थिरता बनी रहने से काम-काज में निरंतरता भी रहेगी। भारतीय क्रिकेट प्रशंसकों के लिए यह चुनाव विशेष रूप से मायने रखता है, क्योंकि आने वाले समय में होने वाले बड़े टूर्नामेंटों और खेल की नीतियों पर इन फैसलों का सीधा प्रभाव पड़ना तय है।

