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“युद्ध का नया मोड़: रूस ने 805 ड्रोन से किया हमला, यूक्रेन की राजधानी बनी निशाना”

यूक्रेन पर रूस का महा-हमला: राजधानी कीव में मचा हाहाकार!

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एक विनाशकारी रविवार: जब आसमान से बरसी आफत-रविवार की सुबह यूक्रेन की राजधानी कीव और उसके आसपास के इलाकों के लिए एक भयानक मंजर लेकर आई। रूस ने इस बार अपना पूरा जोर लगाते हुए ड्रोन और मिसाइलों की ऐसी बौछार की कि इसे अब तक का सबसे बड़ा हवाई हमला करार दिया जा रहा है। यूक्रेन के वायु सेना के अधिकारियों ने भी इस बात की पुष्टि की है कि उन्होंने अपने इतिहास में इतने बड़े पैमाने पर कभी कोई हमला नहीं देखा था। इस भीषण हमले में रूस ने करीब 805 ड्रोन और अनगिनत मिसाइलों का इस्तेमाल किया। गनीमत रही कि यूक्रेन की वायु रक्षा प्रणाली ने 747 ड्रोन और 4 मिसाइलों को हवा में ही नष्ट कर दिया। लेकिन, अफसोस की बात यह है कि 9 मिसाइलें और 56 ड्रोन अपने लक्ष्य तक पहुंचने में कामयाब रहे और उन्होंने राजधानी कीव सहित कई इलाकों में भारी तबाही मचाई। सबसे चिंताजनक बात यह रही कि इस हमले की आंच राजधानी कीव की सरकारी इमारतों तक भी पहुंची, जिसने हालात को और भी गंभीर बना दिया है। इस हमले ने यूक्रेन की जनता के मन में डर और अनिश्चितता का माहौल पैदा कर दिया है, और आने वाले दिनों में इसके क्या परिणाम होंगे, यह देखना बाकी है।

सरकारी इमारतें भी नहीं बचीं: कीव में दिखा धुएं का गुबार-कीव शहर के बिल्कुल बीचों-बीच स्थित मंत्रिमंडल की इमारत से उठता हुआ धुएं का गुबार इस बात का गवाह था कि हमला कितना विनाशकारी था। यह वही इमारत है जहाँ यूक्रेन के कई महत्वपूर्ण मंत्री और शीर्ष अधिकारी अपने महत्वपूर्ण कार्य करते हैं। हालांकि, अभी यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि इमारत पर सीधा हमला हुआ था या फिर गिरे हुए मलबे के कारण आग लगी थी, लेकिन यह पहली बार है जब इतनी अहम सरकारी इमारत को इस तरह का नुकसान पहुँचा है। इस घटना ने राजधानी के निवासियों के बीच भय और चिंता की लहर दौड़ा दी है। सुरक्षा बलों ने तुरंत पूरे इलाके को घेर लिया और आग बुझाने के लिए फायर ब्रिगेड की गाड़ियां और घायलों को ले जाने के लिए एंबुलेंस मौके पर पहुंच गईं। प्रधानमंत्री यूलिया स्विरीदेंको ने आश्वासन दिया है कि इमारत की मरम्मत की जाएगी, लेकिन उन्होंने इस बात पर भी जोर दिया कि जिन लोगों की जान गई है, उन्हें किसी भी कीमत पर वापस नहीं लाया जा सकता। यह बयान हमले की भयावहता और उसके मानवीय नुकसान को दर्शाता है।

मासूमों पर भी कहर: दो की मौत, कई घायल, दहशत में लोग-इस भयावह हवाई हमले में दो निर्दोष लोगों की जान चली गई और 15 से अधिक लोग घायल हो गए। मरने वालों में एक छोटा सा, एक साल का मासूम बच्चा भी शामिल था, जिसे बचाव दल ने मलबे के ढेर से बड़ी मुश्किल से निकाला। यह दुखद घटना राजधानी कीव के विभिन्न आवासीय क्षेत्रों में हुई, जहाँ ड्रोन के टुकड़े इमारतों पर गिरे। स्विआतोशिंस्की जिले में एक नौ मंजिला इमारत को काफी नुकसान हुआ, जबकि दार्नित्सकी जिले में एक चार मंजिला मकान पर मलबा गिरने से भी तबाही मची। इन घटनाओं ने लोगों में दहशत का माहौल बना दिया और कई परिवार पूरी रात अपने घरों से बाहर रहने को मजबूर हुए। कीव के मेयर विताली क्लिचको ने बताया कि बचाव कार्य लगातार जारी है और घायलों को तत्काल अस्पताल पहुंचाकर उनका इलाज शुरू कर दिया गया है। यह हमला दिखाता है कि युद्ध का प्रभाव आम नागरिकों पर कितना भयानक होता है।

अंतरराष्ट्रीय समुदाय से गुहार: सिर्फ शब्दों से नहीं, अब कार्रवाई चाहिए!-इस विनाशकारी हमले के बाद, यूक्रेन की प्रधानमंत्री और राष्ट्रपति दोनों ने एक स्वर में अंतरराष्ट्रीय समुदाय से अपील की है कि अब केवल निंदा या बयानबाजी से काम नहीं चलेगा। उन्होंने जोर देकर कहा कि रूस पर और भी कड़े प्रतिबंध लगाए जाने की तत्काल आवश्यकता है, विशेष रूप से उसके तेल और गैस के व्यापार को निशाना बनाकर। प्रधानमंत्री स्विरीदेंको ने कहा, “हम टूटी हुई इमारतों को फिर से बना सकते हैं, लेकिन जो जिंदगियां हमने खो दी हैं, वे कभी भी वापस नहीं आ सकतीं।” इसी तरह, राष्ट्रपति वोलोदिमिर ज़ेलेंस्की ने भी दुनिया से आग्रह किया है कि रूस को रोकने के लिए ठोस और निर्णायक कदम उठाए जाएं। उन्होंने विशेष रूप से अमेरिका से अपील की है कि वह रूस पर और भी सख्त आर्थिक प्रतिबंध लगाए। यह अपील युद्ध की गंभीरता और यूक्रेन की हताशा को दर्शाती है, जो अब दुनिया से ठोस समर्थन की उम्मीद कर रहा है।

शांति की उम्मीदें धूमिल: तनाव में और वृद्धि-यह बड़ा हमला ऐसे नाजुक समय में हुआ है जब यूरोपीय नेताओं ने हाल ही में रूसी राष्ट्रपति पुतिन से युद्ध समाप्त करने की अपील की थी। इसके साथ ही, हाल ही में 26 देशों ने यह वादा भी किया था कि युद्ध समाप्त होने के बाद वे यूक्रेन में शांति और स्थिरता बनाए रखने में मदद के लिए अपने सैनिक भेजेंगे। लेकिन, रूस द्वारा किया गया यह हालिया हमला इन सभी शांति प्रयासों पर पानी फेरता नजर आ रहा है और शांति वार्ता की उम्मीदों को और भी धूमिल कर रहा है। राष्ट्रपति ज़ेलेंस्की ने पहले कहा था कि वह पुतिन के साथ बातचीत के लिए तैयार हैं, लेकिन रूस की ओर से लगातार हो रहे ऐसे हमले यह संकेत दे रहे हैं कि मॉस्को फिलहाल किसी भी तरह के समझौते के मूड में बिल्कुल नहीं है। यही कारण है कि अब पूरी दुनिया की निगाहें अमेरिका और यूरोपीय देशों पर टिकी हैं कि वे इस बढ़ते संकट को नियंत्रित करने और शांति स्थापित करने के लिए आगे क्या कदम उठाते हैं।

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