
उत्तराखंड में भू-घोटाला? कांग्रेस का धामी सरकार पर सीधा वार!
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!क्या बीजेपी सरकार अपने चहेतों को मालामाल कर रही है?-कांग्रेस पार्टी उत्तराखंड की धामी सरकार पर एक बहुत बड़ा आरोप लगा रही है। पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष, करन माहरा, ने कहा है कि जॉर्ज एवरेस्ट एस्टेट के पर्यटन विकास प्रोजेक्ट में जो टेंडर हुआ है, वो बीजेपी सरकार के ‘अपने लोगों को फायदा पहुँचाने’ वाले रवैये का जीता-जागता सबूत है। माहरा का तो यहाँ तक कहना है कि ये अब तक का सबसे बड़ा घोटाला है, जहाँ सरकार ने जनता की कीमती ज़मीन को कौड़ियों के दाम पर कुछ निजी कंपनियों को दे दिया। उन्होंने बताया कि बाबा रामदेव और उनके करीबी, आचार्य बालकृष्ण, से जुड़ी कंपनियों को 142 एकड़ की बेशकीमती हेरिटेज ज़मीन सिर्फ 1 करोड़ रुपये सालाना किराए पर दे दी गई है। जबकि, अगर बाज़ार भाव की बात करें तो इस ज़मीन की कीमत 30,000 करोड़ रुपये से भी ज़्यादा है। माहरा ने इसे सीधे तौर पर उत्तराखंड की जनता के साथ धोखा बताया और मांग की है कि इस पूरे मामले की जाँच हाईकोर्ट की निगरानी में सीबीआई करे।
टेंडर में धांधली और कानून की अनदेखी का आरोप-करन माहरा का यह भी दावा है कि दिसंबर 2022 में पर्यटन विकास बोर्ड ने जो टेंडर निकाला था, उसमें शुरू से ही गड़बड़ी की गई थी। उन्होंने बताया कि टेंडर में भाग लेने वाली तीनों कंपनियाँ – राजस एरोस्पोर्ट्स एंड एडवेंचर्स प्राइवेट लिमिटेड, भारूवा एग्री साइंस प्राइवेट लिमिटेड और प्रकृति ऑर्गेनिक्स इंडिया प्राइवेट लिमिटेड – किसी न किसी तरह से आचार्य बालकृष्ण से जुड़ी हुई थीं। इसका सीधा मतलब यह हुआ कि यह पूरी प्रक्रिया सिर्फ दिखावे के लिए थी और सारा खेल एक ही समूह को फायदा पहुँचाने के लिए रचा गया था। कांग्रेस नेता ने इसे ‘एंटी-कोल्यूशन’ कानून का खुला उल्लंघन करार दिया। उनका कहना है कि बीजेपी सरकार ने जानबूझकर पारदर्शिता से मुँह फेरकर निजी कंपनियों को फायदा पहुँचाया है। यह न सिर्फ कानून के खिलाफ है, बल्कि राज्य के लोगों के साथ एक बड़ा विश्वासघात भी है।
पतंजलि को सरकारी संरक्षण? जनता के हितों पर कुठाराघात!-माहरा ने आगे कहा कि बीजेपी सरकार बाबा रामदेव के पतंजलि समूह को लगातार बढ़ावा दे रही है। उन्होंने इस बात पर ज़ोर दिया कि एशियन डेवलपमेंट बैंक से 23.5 करोड़ रुपये का कर्ज़ लेकर तैयार किए गए इस प्रोजेक्ट को एक निजी कंपनी को सौंप देना, जनता के साथ सरासर धोखा है। उन्होंने चिंता जताई कि जहाँ कंपनी की आमदनी आठ गुना बढ़ गई, वहीं राज्य को नाममात्र का राजस्व ही मिला। उन्होंने इसे सरकार और बड़े पूंजीपतियों के बीच हुई एक गुप्त डील बताया। कांग्रेस अध्यक्ष ने सीधे तौर पर मुख्यमंत्री धामी और उनके अधिकारियों को इस पूरे घोटाले का ज़िम्मेदार ठहराया। उनका मानना है कि यह सब देखकर साफ़ पता चलता है कि बीजेपी सरकार अपने चहेतों को राज्य की ज़मीन और संसाधन लुटा रही है।
स्थानीय लोगों के अधिकार छिन रहे हैं?-करन माहरा ने यह भी गंभीर आरोप लगाया है कि धामी सरकार स्थानीय लोगों के अधिकारों को नज़रअंदाज़ कर रही है। उन्होंने उदाहरण के तौर पर धारचूला के गूंजी इलाके का ज़िक्र किया, जहाँ सालों से रह रहे लोगों की ज़मीन और अधिकार सरकार छीन रही है और उन्हें परेशान किया जा रहा है। इसके अलावा, शिव धाम की ज़मीन भी पर्यटन विभाग को दी जा रही है, जिससे यह खतरा बढ़ गया है कि यह भी भविष्य में किसी निजी कंपनी के हाथ लग सकती है। इतना ही नहीं, एक निजी एविएशन कंपनी ओम पर्वत और छोटा कैलाश के नज़ारे दिखाकर यात्रियों को अपने ही होमस्टे में रुकने पर मजबूर कर रही है। इससे इलाके के स्थानीय लोगों की रोज़ी-रोटी पर भारी संकट आ गया है। माहरा ने आरोप लगाया कि सरकार केवल कुछ बड़े पूंजीपतियों को फायदा पहुँचाने में लगी है और उस क्षेत्र में सालों से रह रहे लोगों के साथ घोर अन्याय कर रही है।
कांग्रेस की माँग: हाईकोर्ट की निगरानी में हो CBI जाँच!-करन माहरा ने कहा कि यह पहली बार नहीं है जब बीजेपी सरकार पर ऐसे आरोप लगे हैं। उन्होंने याद दिलाया कि केंद्र से लेकर राज्य तक, बीजेपी सरकार ने कई सरकारी संस्थानों और उद्योगों को निजी हाथों में सौंपने के लिए गलत तरीके अपनाए हैं। चाहे वो भर्ती घोटालों और पेपर लीक का मामला हो या अब यह पर्यटन घोटाला, कांग्रेस का कहना है कि बीजेपी सरकार ने राज्य को लूट का अड्डा बना दिया है। माहरा ने स्पष्ट रूप से कहा कि कांग्रेस इस मुद्दे पर सड़कों से लेकर संसद तक अपनी आवाज़ उठाएगी। उन्होंने मांग की है कि जॉर्ज एवरेस्ट भूमि घोटाले की जाँच हाईकोर्ट की निगरानी में सीबीआई द्वारा की जानी चाहिए, ताकि जनता को इंसाफ मिल सके और सच्चाई सबके सामने आ सके।

