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चीन मास्टर्स क्वार्टर फाइनल: पीवी सिंधु की उम्मीदें फिर टूटीं, अन से यंग ने दी मात

 सिंधु का चीन मास्टर्स में सफर खत्म: लगातार आठवीं बार हारीं अन से यंग से!

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सिंधु के लिए एक और निराशाजनक दिन-हमारी स्टार बैडमिंटन खिलाड़ी पीवी सिंधु का अच्छा प्रदर्शन करने का इंतजार अभी और लंबा हो गया है। चीन मास्टर्स सुपर 750 टूर्नामेंट में भी उनका सफर क्वार्टर फाइनल में ही थम गया। इस बार उन्हें दुनिया की नंबर वन खिलाड़ी, दक्षिण कोरिया की अन से यंग ने सीधे गेमों में मात दी। यह मैच बहुत ही जल्दी, सिर्फ 38 मिनट में खत्म हो गया, जिसमें सिंधु को 14-21 और 13-21 से हार का सामना करना पड़ा। यह वाकई चिंता की बात है कि सिंधु लगातार आठवीं बार अन से यंग के खिलाफ जीत हासिल नहीं कर पाईं। यह आंकड़ा सिंधु के फैंस के लिए थोड़ा निराशाजनक है, क्योंकि हम सभी उनसे बेहतरीन प्रदर्शन की उम्मीद करते हैं।

क्यों अन से यंग के सामने मुश्किल हो रही है सिंधु को?-पीवी सिंधु, जो दो बार ओलंपिक पदक जीत चुकी हैं, उनका करियर शानदार रहा है। उन्होंने कई बड़े खिताब अपने नाम किए हैं। लेकिन जब बात अन से यंग की आती है, तो रिकॉर्ड थोड़ा एकतरफा नजर आता है। इस मैच की शुरुआत से ही सिंधु थोड़ी पिछड़ती हुई दिखीं। पहले गेम में तो वह 1-6 से पीछे हो गईं थीं। हालांकि, उन्होंने कुछ अच्छे शॉट खेलकर स्कोर 5-9 तक ला दिया था, लेकिन अन से यंग ने अपने तेज़ और सटीक स्मैश से तुरंत वापसी की और बढ़त बना ली। जब तक पहला गेम इंटरवल तक पहुंचा, तब तक स्कोर 11-5 हो गया था, और सिंधु पर दबाव साफ दिख रहा था। सिंधु ने 11-14 तक वापसी की कोशिश तो की, लेकिन कुछ गलतियां, जैसे नेट पर शॉट गँवाना और डिफेंस में थोड़ी ढीली शुरुआत, उन्हें भारी पड़ीं। वहीं, अन से यंग ने हर मौके का फायदा उठाया और पहला गेम जीत लिया।

दूसरे गेम में भी नहीं मिली लय-दूसरे गेम की शुरुआत सिंधु के लिए थोड़ी बेहतर हुई। उन्होंने 3-2 की बढ़त भी बनाई और कुछ शानदार क्रॉस-कोर्ट शॉट्स भी देखने को मिले। लेकिन यह लय ज्यादा देर तक कायम नहीं रह सकी। अन से यंग ने अपनी बेहतरीन चालों और खेल में विविधता से सिंधु को लगातार चौंकाया। देखते ही देखते स्कोर 11-7 हो गया, और सिंधु फिर से पिछड़ने लगीं। इसके बाद, कोरियाई खिलाड़ी ने लगातार अंक बटोरे और स्कोर 14-7 तक पहुंचा दिया। सिंधु ने कुछ फ्रंट-कोर्ट ड्रॉप और स्मैश से अंक जरूर हासिल किए, लेकिन अन से यंग का खेल का तरीका और उनका आत्मविश्वास हर बार सिंधु पर भारी पड़ता दिखा। अंत में, सिंधु की एक और गलती ने मैच का फैसला कर दिया और उन्हें हार का सामना करना पड़ा।

सिंधु के लिए आगे क्या है?-यह हार सिर्फ एक मैच की हार नहीं है, बल्कि यह एक बड़ा संकेत है कि सिंधु को अपने खेल में कुछ नए बदलाव और रणनीतियों की जरूरत है। बैडमिंटन में फुर्ती, फिटनेस और लगातार अंक बटोरने की क्षमता बहुत मायने रखती है, और यही अन से यंग की सबसे बड़ी ताकत है। सिंधु ने कई बार अच्छा खेल दिखाया, लेकिन उनकी खेल में अस्थिरता और कुछ गलतियां उन्हें जीत से दूर ले गईं। अब सवाल यह उठता है कि सिंधु अपने खेल में कितनी जल्दी सुधार कर पाती हैं। उन्हें अपने डिफेंस को और मजबूत करना होगा और नेट पर होने वाली गलतियों को कम करना होगा। आने वाले टूर्नामेंट्स में उनके लिए चुनौती और भी बड़ी होगी, क्योंकि दुनिया की टॉप खिलाड़ी लगातार अपने खेल को बेहतर बना रही हैं।

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