एशिया कप में भारत ने पाकिस्तान को 6 विकेट से हराया, अभिषेक शर्मा और शुभमन गिल ने बनाया धमाका

अभिषेक का तूफ़ान: 74 रन की धमाकेदार पारी जिसने पाकिस्तान को चौंका दिया!-एशिया कप के सुपर 4 मुकाबले में भारत ने पाकिस्तान को एकतरफा तरीके से मात दी। इस शानदार जीत के पीछे सबसे बड़ा हाथ था युवा बल्लेबाज अभिषेक शर्मा का, जिन्होंने 39 गेंदों में 74 रनों की ऐसी आतिशी पारी खेली कि देखने वाले दंग रह गए। उन्होंने अपनी इस पारी में 6 चौके और 5 गगनचुंबी छक्के जड़े। हर गेंद के साथ मैच का रोमांच बढ़ता ही जा रहा था। जब अभिषेक अपने छठे छक्के के लिए बल्ला घुमा रहे थे और दुर्भाग्यवश आउट हो गए, तब भी दर्शक उनकी बल्लेबाजी के दीवाने थे। इस पारी ने न सिर्फ भारत को जीत दिलाई, बल्कि अभिषेक के नाम एक यादगार पल भी दर्ज करा दिया।
गिल और अभिषेक की जोड़ी: 102 रनों की साझेदारी जिसने मैच का रुख बदला-शुभमन गिल और अभिषेक शर्मा की जोड़ी ने पहले विकेट के लिए 102 रनों की ऐसी मज़बूत नींव रखी कि पाकिस्तान की हार तय हो गई। ये दोनों खिलाड़ी बचपन से, यानी अंडर-12 दिनों से साथ खेल रहे हैं, और उनका यह तालमेल आज फिर से देखने को मिला। शुभमन गिल ने भी 28 गेंदों में 47 रन बनाकर पाकिस्तानी तेज़ गेंदबाजों और स्पिनरों को खूब परेशान किया। लेकिन अभिषेक शर्मा ने तो पाकिस्तानी स्पिनर अब्रार अहमद को विशेष रूप से निशाना बनाया और उनके ओवरों में 5 छक्के जड़कर मैच का पासा ही पलट दिया। इस जोड़ी ने मिलकर पाकिस्तान के गेंदबाजों की कमर तोड़ दी और मैच का समीकरण पूरी तरह से भारत के पक्ष में कर दिया।
मैदान पर गरमा-गरमी: पाकिस्तान की उकसाने की कोशिशें और भारत का संयम-मैच के दौरान कुछ मौकों पर खिलाड़ियों के बीच हल्की नोंक-झोंक भी देखने को मिली। अक्सर ऐसा देखा गया कि पाकिस्तानी खिलाड़ी शुरुआत करते थे, लेकिन भारतीय खिलाड़ी अपनी समझदारी और खेल भावना से मामले को संभाल लेते थे। हारिस रऊफ ने जब अभिषेक शर्मा और भारतीय खिलाड़ियों को उकसाने की कोशिश की, तो अभिषेक और बाकी भारतीय खिलाड़ियों ने उन्हें शांत किया। रऊफ ने सूर्यकुमार यादव को आउट करने के बाद जिस तरह से फाइटर प्लेन का जश्न मनाया, उसने माहौल को और गरमा दिया था। लेकिन इसके बावजूद, भारतीय खिलाड़ी शांत रहे और दर्शकों ने ‘कोहली-कोहली’ के नारे लगाकर माहौल को खुशनुमा बनाए रखा।
पाकिस्तान की पारी और भारतीय गेंदबाजों का दबदबा-पाकिस्तान ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 171/5 का एक चुनौतीपूर्ण स्कोर खड़ा किया था, जिसमें साहिबज़ादा फरहान ने 58 रनों की अच्छी पारी खेली। मैच के शुरुआती 10 ओवरों में पाकिस्तानी बल्लेबाजों ने अच्छी शुरुआत की थी, लेकिन उसके बाद के ओवरों में भारतीय गेंदबाजों ने शानदार वापसी करते हुए रन गति पर लगाम कस दी। शिवम दुबे ने कुछ अहम विकेट लेकर भारतीय गेंदबाजों का पलड़ा भारी कर दिया। हालांकि वरुण चक्रवर्ती को विकेट नहीं मिला, लेकिन उन्होंने अपने किफायती ओवरों से पाकिस्तानी बल्लेबाजों को बड़े शॉट लगाने से रोके रखा, जिससे डीप को विकेट लेने में आसानी हुई।
अंत में तिलक और हार्दिक का संयम: जीत के साथ खेल भावना का प्रदर्शन-मैच में थोड़ी सी घबराहट के बाद, तिलक वर्मा ने 19 गेंदों में 30 रन बनाकर भारत की जीत पक्की कर दी। हार्दिक पांड्या ने 7 रन बनाकर उनका बखूबी साथ दिया और मैच को फिनिश किया। दोनों खिलाड़ियों ने मैच खत्म होने के बाद पाकिस्तानी टीम से हाथ नहीं मिलाया, जो ‘नो हैंडशेक पॉलिसी’ का पालन था। इससे पहले टॉस के समय भी कप्तान सूर्यकुमार यादव ने अपने पाकिस्तानी समकक्ष सलमान आगा से हाथ नहीं मिलाया था। इस तरह के संयमित और रणनीतिक व्यवहार ने न केवल भारत को जीत दिलाई, बल्कि खेल भावना का भी एक बेहतरीन उदाहरण पेश किया।




