
उत्तराखंड में विकास और प्रगति के नए आयाम: मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी का दृष्टिकोण
उत्तराखंड: विकास की राह पर, युवाओं के सपनों को उड़ान!-उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने हाल ही में देहरादून में आयोजित उत्तराखंड चैप्टर-2025 कॉन्क्लेव में शिरकत की और राज्य के विकास से जुड़े कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर अपनी बात रखी। उन्होंने बताया कि कैसे राज्य सरकार विकास के पथ पर आगे बढ़ रही है और युवाओं के भविष्य को सुरक्षित करने के लिए प्रतिबद्ध है।
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!भारत का बढ़ता गौरव: विकास की नई ऊंचाइयां-मुख्यमंत्री धामी ने बताया कि 2014 के बाद से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत ने विकास और राष्ट्रीयता की भावना को नई ऊंचाइयों पर पहुंचाया है। “रिफॉर्म, परफॉर्म और ट्रांसफॉर्म” की नीति ने देश को वैश्विक मंच पर एक मजबूत और सक्षम राष्ट्र के रूप में स्थापित किया है।उत्तराखंड में भी केंद्र और राज्य सरकारों के प्रयासों से शिक्षा, स्वास्थ्य, उद्योग और धार्मिक पर्यटन जैसे क्षेत्रों में लगातार सुधार हो रहा है। राज्य सरकार का लक्ष्य है कि यहां के लोगों को बेहतर जीवन स्तर, रोजगार और समग्र विकास मिले। उत्तराखंड आज न केवल अपनी सांस्कृतिक और धार्मिक विरासत के लिए जाना जाता है, बल्कि औद्योगिक और आर्थिक प्रगति के लिए भी एक मॉडल बन रहा है।
जीएसटी सुधार: मध्यम वर्ग को राहत-मुख्यमंत्री ने बताया कि केंद्र सरकार ने मध्यम वर्ग को राहत देने के लिए ₹**12 लाख 75 हजार** तक की आय को करमुक्त कर दिया है। इसके अलावा, जीएसटी में किए गए सुधारों से आम नागरिकों को वित्तीय राहत मिली है, साथ ही स्थानीय उद्योगों और व्यापारियों को भी नई ऊर्जा मिली है।जीएसटी सुधारों से व्यापार प्रक्रिया सरल और पारदर्शी हुई है। इससे छोटे और मझोले उद्योगों को उत्पादन लागत कम करने और बाजार में प्रतिस्पर्धा बढ़ाने में मदद मिली है। टैक्स सिस्टम में सुधार से व्यापारी और नागरिक दोनों को फायदा हुआ है, जो राज्य की आर्थिक विकास रणनीति को मजबूत करता है।
नकल प्रकरण: पारदर्शिता और युवाओं का भविष्य-मुख्यमंत्री ने हाल ही में सामने आए नकल मामले पर तुरंत कार्रवाई की जानकारी दी। सरकार ने आरोपियों को गिरफ्तार किया और पूरे मामले की जांच के लिए Aएसआईटी का गठन किया। कुछ लोगों ने राजनीतिक स्वार्थ के चलते युवाओं को आगे करके सीबीआई जांच की मांग की थी।धामी ने खुद युवाओं से मुलाकात की और उन्हें आश्वासन दिया कि उनकी मांगों पर विचार किया जाएगा। राज्य सरकार ने भर्ती प्रक्रियाओं को पारदर्शी बनाने और नकल माफिया पर लगाम लगाने के लिए देश का सबसे सख्त नकल विरोधी कानून लागू किया है। सरकार युवाओं के भविष्य और हितों की रक्षा के लिए पूरी तरह से प्रतिबद्ध है।
युवाओं को रोजगार: सरकारी नौकरियों में वृद्धि-मुख्यमंत्री ने बताया कि पिछले चार वर्षों में राज्य के **25 हजार** से अधिक युवाओं को सरकारी नौकरी मिली है, जो उत्तराखंड में एक रिकॉर्ड है। नकल विरोधी कानून के लागू होने के बाद ही प्रदेश में नकल को एक उद्योग बनने से रोका गया।अब तक 100 से अधिक नकल माफियाओं को जेल भेजा जा चुका है। सरकार किसी भी कीमत पर युवाओं के सपनों के साथ खिलवाड़ नहीं होने देगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि अगर जरूरत पड़ी तो वे युवाओं के हितों की रक्षा के लिए खुद भी अपनी जिम्मेदारी निभाने को तैयार हैं।
चारधाम यात्रा: पर्यटन में बढ़ोतरी-धामी ने कहा कि इस साल आपदाओं के बावजूद लगभग **45 लाख** श्रद्धालु चारधाम यात्रा पूरी कर सुरक्षित लौट चुके हैं। “शीतकालीन यात्रा” शुरू करने से पर्यटक और श्रद्धालु अब सर्दियों में भी धार्मिक स्थलों और पर्यटन का आनंद ले सकते हैं।राज्य सरकार नंदा देवी राजजात (2026) और कुंभ (2027) जैसी महत्वपूर्ण धार्मिक यात्राओं को दिव्य और भव्य बनाने के लिए प्रतिबद्ध है। इससे धार्मिक आस्था का विकास होगा और स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी बढ़ावा मिलेगा।
औद्योगिक विकास: निवेश के लिए अनुकूल माहौल-मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में उद्योगों के लिए अनुकूल माहौल तैयार किया जा रहा है। औद्योगिक विकास के लिए निवेशकों को सभी प्रकार की सुविधाएं दी जा रही हैं। उनका मानना है कि औद्योगिकीकरण से रोजगार के अवसर बढ़ेंगे और राज्य की अर्थव्यवस्था मजबूत होगी।राज्य सरकार का लक्ष्य है कि उत्तराखंड में शिक्षा, रोजगार, पर्यटन और औद्योगिक विकास एक साथ प्रगति करें। इसका सीधा लाभ आम जनता को मिलेगा और राज्य की सामाजिक-आर्थिक स्थिति मजबूत होगी।

