
गांधी और शास्त्री जयंती पर पीएम मोदी का संदेश: आत्मनिर्भर भारत ही होगी सच्ची श्रद्धांजलि
गांधी जयंती: बापू और शास्त्री जी को याद करते हुए, आत्मनिर्भर भारत की राह-गांधी जयंती एक ऐसा दिन है जब हम **महात्मा गांधी** को याद करते हैं, जिन्होंने भारत को आज़ादी दिलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। इस खास मौके पर, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बापू को श्रद्धांजलि दी और उनके जीवन के महत्वपूर्ण पहलुओं पर प्रकाश डाला।
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!बापू: सादगी और साहस का प्रतीक-प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि बापू का जीवन साधारण होकर भी असाधारण था। उन्होंने दिखाया कि कैसे सादगी और साहस बड़े बदलाव ला सकते हैं। गांधीजी ने हमेशा सेवा और करुणा की शक्ति में विश्वास किया, और उनका मानना था कि यही समाज को मजबूत बनाने का सबसे अच्छा तरीका है। उनका विचार आज भी हमें नई दिशा दिखाता है।गांधीजी ने हमें सिखाया कि हमें हमेशा सत्य और अहिंसा के मार्ग पर चलना चाहिए। उनका जीवन हमें प्रेरणा देता है कि हम दूसरों की मदद करें और समाज में सकारात्मक बदलाव लाएँ। उनकी सादगी और समर्पण आज भी हमें प्रेरित करते हैं।
लाल बहादुर शास्त्री: ईमानदारी और दृढ़ निश्चय का उदाहरण-गांधी जयंती के साथ-साथ, लाल बहादुर शास्त्री की जयंती भी मनाई जाती है। प्रधानमंत्री मोदी ने शास्त्री जी को भी याद किया, और उनकी ईमानदारी, सादगी और दृढ़ निश्चय की प्रशंसा की। शास्त्री जी ने भारत को मजबूत नेतृत्व दिया और “जय जवान जय किसान” का नारा दिया, जिससे लोगों में देशभक्ति की भावना जगी।शास्त्री जी का योगदान आज भी हमें प्रेरित करता है। उन्होंने देश को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण काम किया। उनकी सादगी और ईमानदारी आज भी हमारे लिए प्रेरणादायक हैं।
आत्मनिर्भर भारत: स्वदेशी का संकल्प- प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि गांधीजी और शास्त्री जी को सच्ची श्रद्धांजलि तभी होगी जब हम भारतीय उत्पादों को प्राथमिकता देंगे। उनका मानना है कि स्वदेशी ही आत्मनिर्भर और विकसित भारत की नींव है। उन्होंने लोगों से अपील की कि हम अपने रोजमर्रा के जीवन में भारतीय वस्तुओं को अपनाकर न केवल देश की अर्थव्यवस्था को मजबूत करेंगे, बल्कि स्वतंत्रता सेनानियों के सपनों का भारत भी बनाएंगे। हमें स्वदेशी वस्तुओं का उपयोग करके अपने देश के प्रति अपनी जिम्मेदारी निभानी चाहिए। यह न केवल हमारे देश की अर्थव्यवस्था को मजबूत करेगा, बल्कि हमारे स्वतंत्रता सेनानियों के सपनों को भी साकार करेगा।
गांधी और शास्त्री की प्रेरणा: आज भी प्रासंगिक- महात्मा गांधी और लाल बहादुर शास्त्री दोनों ही भारत के इतिहास की अमूल्य धरोहर हैं। गांधीजी ने सत्य और अहिंसा के बल पर आज़ादी की लड़ाई लड़ी, और शास्त्री जी ने ईमानदारी और सादगी से देश का नेतृत्व किया। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि उनका जीवन दर्शन आज भी देश को आगे बढ़ाने की प्रेरणा देता है। आत्मनिर्भरता, स्वदेशी और देश के प्रति समर्पण ही वह मार्ग है, जो भारत को विश्व पटल पर और मजबूत बनाएगा।
हमें गांधीजी और शास्त्री जी के आदर्शों को अपनाना चाहिए और देश के विकास में योगदान देना चाहिए। हमें आत्मनिर्भर भारत बनाने के लिए मिलकर काम करना होगा।

