
ट्राइडेंट के चेयरमैन राजेंद्र गुप्ता का इस्तीफा: क्या है इसके पीछे की कहानी?
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!एक बड़े बदलाव की आहट-ट्राइडेंट ग्रुप के चेयरमैन और जाने-माने उद्योगपति राजेंद्र गुप्ता ने हाल ही में दो महत्वपूर्ण पदों से इस्तीफा दे दिया है। उन्होंने पंजाब योजना बोर्ड के वाइस चेयरमैन और श्री काली माता मंदिर प्रबंधक कमेटी के चेयरमैन पद को छोड़ दिया है। सरकार ने भी तुरंत उनका इस्तीफा स्वीकार कर लिया। इस अचानक हुए बदलाव से राज्य की राजनीति में हलचल मच गई है, और लोग यह जानने के लिए उत्सुक हैं कि इसके पीछे क्या कारण हैं।
मंदिर विकास की योजनाएं-कुछ ही समय पहले, नवरात्रि के दौरान, राजेंद्र गुप्ता ने पटियाला के ऐतिहासिक श्री काली माता मंदिर को वैष्णो देवी और मनसा देवी मंदिरों की तरह विकसित करने का वादा किया था। उन्होंने श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधाएं और मंदिर प्रबंधन में बड़े बदलावों का आश्वासन दिया था। इससे मंदिर के विकास और श्रद्धालुओं के लिए सुविधाओं में सुधार की उम्मीद थी, लेकिन उनके इस्तीफे के बाद, इन योजनाओं पर सवालिया निशान लग गया है।
इस्तीफे के बाद चर्चाओं का बाज़ार-राजेंद्र गुप्ता के इस्तीफे के बाद, राजनीतिक गलियारों में कई तरह की चर्चाएं चल रही हैं। सबसे बड़ी चर्चा यह है कि उन्हें राज्यसभा भेजा जा सकता है। हालाँकि, सरकार के वरिष्ठ अधिकारियों ने इस बारे में कोई भी स्पष्ट जानकारी देने से इनकार कर दिया है, लेकिन अटकलों का दौर जारी है। लोग यह जानने के लिए उत्सुक हैं कि क्या यह कदम राज्यसभा चुनाव से जुड़ा है या इसके पीछे कोई और कारण है।
राज्यसभा चुनाव का गणित-राज्यसभा सांसद संजीव अरोड़ा के इस्तीफे के बाद खाली हुई सीट को भरने के लिए चुनाव की घोषणा हो चुकी है। चुनाव 24 अक्टूबर को होना तय है। ऐसा माना जा रहा है कि इस चुनाव में आम आदमी पार्टी (आप) का उम्मीदवार आसानी से जीत हासिल करेगा।
आप की मजबूत पकड़-वर्तमान में, पंजाब में कुल 116 विधानसभा सीटों में से 93 सीटें आम आदमी पार्टी के पास हैं। इस मजबूत स्थिति के कारण, राज्यसभा की सीट पर आप का कब्जा लगभग तय माना जा रहा है। इसके अलावा, तरनतारन सीट भी खाली है, जिस पर किसी भी समय उपचुनाव की घोषणा हो सकती है। यह देखना दिलचस्प होगा कि आगे क्या होता है और इस घटनाक्रम का राज्य की राजनीति पर क्या असर पड़ता है।

