
रायपुर में शहरी आपदा जोखिम प्रतिरोधक क्षमता पर दो दिवसीय कार्यशाला में प्रशिक्षित अभियंताओ, अधिकारियों को दिये गये प्रशस्ति पत्र
जीवन में सीखने की कोई उम्र नहीं होती, सींखने का जज्बा होना चाहिए- उपमुख्यमंत्री श्री अरूण साव
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!छत्तीसगढ़ राज्य को शहरी आपदा प्रबंधन का श्रेष्ठ केन्द्र बनायेंगे – उप मुख्यमंत्री नगरीय प्रशासन एवं विकास
कोई आपदा बताकर नहीं आती, आपदा से निपटने पूर्व तैयारी हो तो प्रबंधन में आसानी रहती है- महापौर श्रीमती मीनल चौबे
दो दिवसीय कार्यशाला में प्रशिक्षित अधिकारियों, अभियंताओं की कार्यक्षमता बढ़ेगी और इसका लाभ रायपुर सहित प्रदेश के सभी नगरीय निकायों को मिल सकेगा – आयुक्त श्री विश्वदीप
रायपुर- आज स्थानीय पीडब्ल्यूडी सर्किट हाउस में राज्य नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग और राजस्व और आपदा प्रबंधन विभाग सहित रायपुर जिला प्रशासन, राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण, यूएनडीआरआर, एडीपीसी, टीईआरआई, केपीएमजी के सहयोग से रायपुर नगर पालिक निगम के तत्वावधान में दो दिवसीय कार्यशाला का समापन हो गया। शहरी आपदा प्रबंधन में प्रतिरोधक क्षमता पर आधारित दो दिवसीय प्रशिक्षण कार्यशाला के समापन अवसर पर मुख्य अतिथि के रूप में प्रदेश के उपमुख्यमंत्री नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग श्री अरूण साव सम्मिलित हुए। कार्यक्रम की अध्यक्षता नगर निगम रायपुर की महापौर श्रीमती मीनल चौबे ने की। नगर निगम आयुक्त श्री विश्वदीप और केपीएनजी के संचालक श्री प्रबल भारद्वाज, आईआईएसएम के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री संतोष कुमार, एडीपीसी के किलियन मूर्फी, टीईआरआई के श्री शरीयन पंडित की मंच पर उपस्थिति रही। उपमुख्यमंत्री नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग श्री अरूण साव ने प्रशिक्षित अभियंताओं एवं अधिकारियों को मंच से महापौर श्रीमती मीनल चौबे सहित प्रशस्ति पत्र प्रदत्त किये।
प्रदेश के उपमुख्यमंत्री नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग श्री अरूण साव ने शहरी आपदा जोखिम प्रतिरोधक क्षमता विषय पर आयोजित दो दिवसीय कार्यशाला में सफल आयोजन हेतु नगर निगम रायपुर की महापौर श्रीमती मीनल चौबे और आयुक्त श्री विश्वदीप सहित पूरी टीम की सराहना की। उन्होने कहा कि यह भाव मन में आ सकता है कि मेरी उम्र 45 – 50 वर्ष की है अब मुझे कुछ सीखने की आवश्यकता नहीं है, वे स्वयं अधिवक्ता वर्ग से आते है, जहां विषय पर बुजुर्ग नागरिक भी अध्ययन लगातार करते रहते है। सीखने की जीवन में कोई उम्र नहीं होती सीखने का व्यक्ति में जज्बा होना चाहिए। उन्होने कहा कि इस कार्यशाला से प्रदेश के नगरीय निकाय के अधिकारी एवं अभियंतागण लाभान्वित होंगे। आपदा प्रबंधन जीवन का महत्वपूर्ण विषय है जिसे प्रत्येक क्षेत्र में किया जाना आवश्यक है। उपमुख्यमंत्री ने कहा कि इस कार्यशाला के बाद और कार्यशालाएं होंगी और हम सब मिलकर छत्तीसगढ़ राज्य को शहरी आपदा प्रबंधन का श्रेष्ठ केन्द्र देश में बनायेंगे।
उपमुख्यमंत्री ने कहा कि शहरी आपदा प्रबंधन जैसे महत्वपूर्ण विषय पर कार्य अब शुरू हुआ है। इसका लाभ रायपुर शहर सहित पूरे छत्तीसगढ़ राज्य को आगे चलकर प्राप्त होगा। उन्होने कहा कि छत्तीसगढ़ राज्य निर्माण के बाद 25 वर्ष की विकास यात्रा में रायपुर शहर अब एक विश्व स्तरीय शहर बन चुका है। आज रायपुर में आने वाला कोई भी नागरिक पहले के रायपुर के मुकाबले वर्तमान रायपुर शहर के विकास की कल्पना नहीं कर सकता। शहरो में अवैध कब्जो पर नियमानुसार कार्यवाही होती है। इसके साथ ही आमजनो के जीवन में न्यूनतम सुविधाएं उपलब्ध करवाने का कार्य करना नगरीय निकायो का दायित्व है।
उपमुख्यमंत्री श्री अरूण साव ने देश विदेश से दो दिवसीय कार्यशाला में रायपुर आए प्रतिनिधियों का आत्मीय स्वागत किया एवं उन्हें धन्यवाद दिया कि उन्होने शहरी आपदा प्रबंधन आगे सुव्यवस्थित तरीके से करने नगरीय निकाय के अधिकारियों एवं अभियंताओं को प्रशिक्षित किया है। शहरो की बढ़ती आबादी एवं शहरीकरण और अव्यवस्थित विकास को व्यवस्थित रूप देना नगरीय निकायो की जिम्मेदारी है। आपदा प्रबंधन में पूर्व मानसिक तैयारी आवश्यक होती है और इस कार्यशाला के माध्यम से नगरीय निकाय अधिकारियो और अभियंताओं को इसमें सहायता अवश्य मिल सकेगी। आपदा में किस प्रकार कार्य किया जाना है कौन से उपकरण अपनाएं जाने है इन सब पर कार्यशाला में विस्तृत प्रकाश डाला गया है। जो अधिकारी एवं अभियंता प्रशिक्षित हुए है, वे अन्य अधिकारियों और अभियंताओं को अपने कार्यशाला के अनुभवो से प्रशिक्षित करें तो यह और अधिक प्रभावकारी होगा।
महापौर श्रीमती मीनल चौबे ने कहा कि शहरी आपदा प्रबंधन के महत्वपूर्ण विषय पर कार्यशाला में प्रशिक्षण का लाभ रायपुर शहर सहित पूरे प्रदेश के नगरीय निकायो को मिलेगा। आपदा बताकर नहीं आती किंतु यदि प्रबंधन की पूर्व तैयारी हो तो आपदा से निपटने में आसानी रहती है। रायपुर नगर पालिक निगम क्षेत्र में जलभराव की गंभीर समस्या तेज बारिश में होती है। इस कार्यशाला में प्रशिक्षित रायपुर नगर पालिक निगम के अधिकारी एवं अभियंता अब प्रबंधन अधिक बेहत्तर तरीके से शहर में कर सकेंगे। महापौर श्रीमती मीनल चौबे ने दो दिवसीय कार्यशाला की सफलता हेतु रायपुर नगर निगम के आयुक्त श्री विश्वदीप एवं उनकी टीम को सराहा।
आयुक्त श्री विश्वदीप ने कार्यशाला के दौरान प्रशिक्षण एवं गतिविधियों पर प्रकाश डाला। उन्होने कहा कि आने वाले समय में संभावित इलेक्ट्रानिक्स गजेटस के निष्पादन की चुनौती का सफलता से सामना कर निष्पादन करने के उपायो पर भी कार्यशाला में चर्चा हुई है। इसका लाभ रायपुर सहित पूरे प्रदेश के नगरीय निकायो को मिल सकेगा। देश विशेष से आए विषय विशेषज्ञो ने अधिकारियो और अभियंताओ को प्रशिक्षित कर उन्होने शहरी आपदा प्रबंधन की जानकारी एवं उपाय के गुर सिखलाकर दक्ष बनाने का कार्य किया है।
केपीएनजी के संचालक श्री प्रबल भारद्वाज ने आभार व्यक्त करते हुए कहा कि बहुत अच्छी और सफल कार्यशाला पहली बार छत्तीसगढ़ में राज्य स्तर पर हुई है एवं इसके लिए महापौर श्रीमती मीनल चौबे, आयुक्त श्री विश्वदीप का एवं उनकी पूरी टीम का पूर्ण सहयोग रहा है। उन्होने कहा कि रायपुर शहर को आपदा प्रबंधन का श्रेष्ठ केन्द्र बनाने का वे सबके साथ मिलकर आगे पूरा प्रयास करेंगे। कार्यक्रम का संचालन नगर निगम रायपुर के अपर आयुक्त श्री विनोद पाण्ड्य एवं अंत में आभार प्रदर्शन केपीएनजी के संचालक श्री प्रबल भारद्वाज ने किया।


