Asia Cup 2025 Final Controversy: ट्रॉफी लेकर भाग गए ACC प्रमुख, सूर्यकुमार यादव ने खोला पूरा राज़

एशिया कप 2025: भारत की जीत का जश्न, और एक “गुमशुदा” ट्रॉफी का रहस्य!-एशिया कप 2025 का फाइनल, भारत और पाकिस्तान के बीच एक यादगार मुकाबला था। भारत ने शानदार प्रदर्शन करते हुए पाकिस्तान को 5 विकेट से हराया और खिताब अपने नाम किया। लेकिन जश्न के दौरान जो हुआ, उसने सभी को चौंका दिया। भारतीय टीम ने जीत के बाद मैदान पर ट्रॉफी के बिना ही जश्न मनाया, क्योंकि एशियन क्रिकेट काउंसिल (ACC) के प्रमुख मोहसिन नक़वी ट्रॉफी लेकर चले गए। अब, भारतीय कप्तान सूर्यकुमार यादव ने इस पूरे मामले पर चुप्पी तोड़ते हुए असली सच्चाई बताई है। आइए जानते हैं इस पूरे घटनाक्रम के बारे में!
जीत का जश्न और ट्रॉफी का “गुमशुदा” होना-भारत ने फाइनल में पाकिस्तान को धूल चटाकर एशिया कप जीता, जिससे हर भारतीय क्रिकेट प्रेमी खुशी से झूम उठा। लेकिन जैसे ही खिलाड़ी ट्रॉफी उठाने और जश्न मनाने के लिए तैयार हुए, तभी एक अजीब घटना हुई। रिपोर्ट्स के मुताबिक, ACC प्रमुख मोहसिन नक़वी अचानक ट्रॉफी लेकर स्टेज से चले गए। भारतीय खिलाड़ी और फैंस दोनों ही हैरान थे कि आखिर यह सब क्या हो रहा है। जीत के बाद मैदान पर जश्न तो हुआ, लेकिन वो चमकती हुई ट्रॉफी कहीं नज़र नहीं आई। इससे कई सवाल उठने लगे कि क्या भारतीय टीम ने जानबूझकर नक़वी से ट्रॉफी लेने से इनकार कर दिया था? क्या यह कोई राजनीतिक मुद्दा था?
सूर्यकुमार यादव ने तोड़ी चुप्पी: सच क्या है?-इस पूरे मामले पर फैली अटकलों को शांत करने के लिए, भारतीय कप्तान सूर्यकुमार यादव ने मीडिया से बात की। उन्होंने बताया कि पाकिस्तान मीडिया में जो बातें चल रही हैं, वो पूरी तरह से गलत हैं। वहां कहा जा रहा था कि भारतीय टीम ने दरवाज़ा बंद कर लिया था और प्रेजेंटेशन में देरी करवाई, जबकि ऐसा कुछ भी नहीं हुआ। सूर्यकुमार ने कहा, “हमने किसी को इंतज़ार नहीं करवाया और ना ही दरवाज़ा बंद किया। सच यह है कि हमने देखा कि कोई ट्रॉफी लेकर भाग गया।” उनकी इस बात से विवाद पर से काफी हद तक पर्दा हट गया।
क्या टीम इंडिया ने जानबूझकर किया इनकार? असली कहानी!-सबसे बड़ा सवाल यही था कि क्या भारतीय खिलाड़ियों ने राजनीतिक कारणों से मोहसिन नक़वी के हाथों से ट्रॉफी लेने से इनकार कर दिया था। इस पर सूर्यकुमार ने बड़ी ही स्पष्टता से जवाब दिया। उन्होंने कहा कि इस पूरे मामले में न तो BCCI और न ही भारत सरकार ने कोई दबाव डाला था। यह फैसला टीम इंडिया ने खुद लिया। सूर्यकुमार ने बताया कि मंच पर ACC अधिकारियों के बीच बातचीत चल रही थी और तभी उनके एक प्रतिनिधि ने ट्रॉफी उठाई और निकल गए। यानी, ट्रॉफी विवाद भारतीय टीम की वजह से नहीं, बल्कि आयोजकों की ओर से हुई गड़बड़ी का नतीजा था।
विवाद का असर और क्रिकेट प्रेमियों की नाराज़गी-इस घटना ने क्रिकेट प्रेमियों को निराश कर दिया। सोशल मीडिया पर कई लोगों ने सवाल उठाए कि इतने बड़े टूर्नामेंट में ट्रॉफी जैसे अहम मौके पर इतनी लापरवाही कैसे हो सकती है। कई लोगों ने इसे राजनीति से जोड़कर भी देखा। भारतीय फैंस का कहना है कि टीम इंडिया की मेहनत और जीत को इस विवाद ने थोड़ा फीका कर दिया। हालांकि, सूर्यकुमार की सफाई के बाद साफ हो गया है कि टीम इंडिया ने अपनी गरिमा बनाए रखी और किसी तरह की राजनीति में नहीं पड़ी। अब सबकी निगाहें ACC और PCB पर हैं कि वे इस मामले पर क्या आधिकारिक बयान जारी करते हैं।

