
Raipur – रायपुर में विधानसभा में गलत जानकारी देने के मामले में वन विभाग के 7 अधिकारियों पर कार्रवाई करने का निर्णय लिया गया है। ये अधिकारी विधानसभा में झूठी जानकारी देकर पकड़े गए थे। वन मंत्री केदार कश्यप ने इन अधिकारियों के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।इस मामले में तीन अधिकारियों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। इनमें रायपुर परिक्षेत्र अधिकारी सतीश मिश्रा, माना नर्सरी प्रभारी वनपाल तेजा सिंह साहू और वनमंडल कार्यालय के दो लिपिक, अविनाश वाल्दे और प्रदीप तिवारी शामिल हैं। परिक्षेत्र कार्यालय के लिपिक अजीत इडसेना को भी निलंबित कर दिया गया है।वनमंडलाधिकारी लोकनाथ पटेल और उप वनमंडलाधिकारी विश्वनाथ मुखर्जी के खिलाफ भी अनुशासनात्मक कार्रवाई करने के लिए शासन स्तर पर पत्राचार करने के निर्देश दिए गए हैं।
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!यह मामला छत्तीसगढ़ विधानसभा के बजट सत्र 2025 के दौरान सामने आया था। पामगढ़ की विधायक शेषराज हरवंश ने माना में इंदिरा निकुंज रोपणी में संचालित होने वाले महिला स्व सहायता समूह के काम की जानकारी मांगी थी। अधिकारियों ने इस समूह की जानकारी छिपाकर मंत्री को गलत जानकारी दी थी।वन मंत्री केदार कश्यप ने वन विभाग के सभी अधिकारियों को भविष्य में इस तरह की गलतियाँ न करने की हिदायत दी है और विधानसभा से संबंधित प्रश्नों की जानकारी सत्य और निष्ठापूर्वक भेजने का आदेश दिया है।

