
पंजाब में बड़ी वारदात! कुल्हाड़ी से ताबड़तोड़ वार कर ब्लॉक कांग्रेस प्रधान की ह+त्या
लुधियाना : लुधियाना और जिला खन्ना की सरहद पर बसे गांव तखरां में रविवार की देर शाम उस समय चीख-पुकार मच गई, जब बाइक सवार दो अज्ञात हमलावरों ने कांग्रेस ब्लॉक प्रधान परमिंदर तिवारी की बेरहमी से हत्या कर दी। हमलावरों के सिर पर खून इस कदर सवार था कि उन्होंने सरेआम बस स्टैंड के पास तिवारी पर कुल्हाड़ी से तब तक वार किए, जब तक उनकी सांसें नहीं थम गईं।
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इस सनसनीखेज वारदात के बाद जहां इलाके में दहशत का माहौल है, वहीं पुलिस प्रशासन की कार्यप्रणाली पर भी गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। हैरानी की बात तो यह रही कि वारदात के बाद जब मौके पर पुलिस पहुंची, तो कार्रवाई शुरू करने के बजाय लुधियाना कमिश्नरेट और खन्ना पुलिस काफी देर तक हदबंदी के चक्कर में उलझी रही। दोनों जिलों की पुलिस नक्शा खोलकर यह तय करने में जुटी रही कि वारदात किस इलाके की है। अंत में जब यह साफ हुआ कि इलाका कमिश्नरेट पुलिस के अधीन आता है, तब कहीं जाकर थाना कूमकलां की पुलिस और ए.सी.पी. इंद्रजीत सिंह बोपाराय ने जांच की कमान संभाली। जानकारी के मुताबिक, परमिंदर तिवारी रोजाना की तरह गांव के बस स्टैंड पर मौजूद थे। हमलावर पहले से ही वहां घात लगाकर बैठे थे और जैसे ही उन्हें मौका मिला, उन्होंने पीछे से तिवारी के सिर और कान के पास कुल्हाड़ी से जोरदार वार किए। चश्मदीदों ने बताया कि हमलावरों के हाथ में चमकते हथियार देखकर कोई भी उन्हें रोकने की हिम्मत नहीं जुटा सका। कुछ देर बाद जब तिवारी का बेटा वहां से गुजरा, तो अपने पिता को खून से लथपथ तड़पता देख उसके पैरों तले जमीन खिसक गई।
आनन-फानन में उन्हें माछीवाड़ा के सिविल अस्पताल ले जाया गया, जहां से गंभीर हालत देखते हुए लुधियाना के फोर्टिस अस्पताल रेफर कर दिया गया, लेकिन गहरे घावों के कारण उन्होंने दम तोड़ दिया। इस मामले में पुलिस की मुस्तैदी की पोल भी खुल गई है। एक चश्मदीद ने दावा किया कि जब कातिल वारदात को अंजाम दे रहे थे, तब उसने तुरंत पुलिस कंट्रोल रूम नंबर पर फोन मिलाया, लेकिन बार-बार घंटी बजने के बावजूद किसी ने फोन उठाना मुनासिब नहीं समझा। लोगों का कहना है कि अगर पुलिस समय रहते फोन उठा लेती और नाकाबंदी कर देती, तो लुधियाना की ओर भागे कातिलों को दबोचा जा सकता था। फिलहाल ए.सी.पी. बोपाराय का कहना है कि जांच शुरू कर दी गई है और सीसीटीवी फुटेज खंगाली जा रही है ताकि हमलावरों की पहचान की जा सके।

