कैंची धाम जाने वाले श्रद्धालुओं के लिए बड़ा अपडेट, दर्शन से पहले कराना होगा ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन? जानें नए नियम

नैनीताल : उत्तराखंड के प्रसिद्ध धार्मिक स्थल कैंची धाम में बाबा नीम करौली के दर्शन के लिए आने वाले श्रद्धालुओं की बढ़ती संख्या को देखते हुए प्रशासन नई व्यवस्था लागू करने पर विचार कर रहा है। चारधाम यात्रा की तर्ज पर यहां भी श्रद्धालुओं के लिए अनिवार्य रजिस्ट्रेशन व्यवस्था शुरू करने का प्रस्ताव तैयार किया जा रहा है। इसका उद्देश्य मंदिर में भीड़ नियंत्रित करना, ट्रैफिक जाम से राहत दिलाना और श्रद्धालुओं के साथ स्थानीय लोगों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराना है।
हाल के वर्षों में कैंची धाम में श्रद्धालुओं की संख्या तेजी से बढ़ी है। खासकर वीकेंड, छुट्टियों और विशेष अवसरों पर यहां बड़ी संख्या में लोग पहुंचते हैं। इसके चलते सड़कों पर वाहनों का दबाव बढ़ जाता है और पार्किंग, यातायात तथा ठहरने की व्यवस्था को लेकर परेशानियां सामने आती हैं। इन समस्याओं से निपटने के लिए प्रशासन अब व्यवस्थित और तकनीक आधारित इंतजाम करने की तैयारी में है।
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कैंची धाम जाने से पहले कराना पड़ सकता है रजिस्ट्रेशन
प्रस्तावित योजना के तहत श्रद्धालुओं को कैंची धाम पहुंचने से पहले ऑनलाइन या निर्धारित माध्यम से रजिस्ट्रेशन कराना पड़ सकता है। हालांकि, इस व्यवस्था को लागू करने पर अभी विचार किया जा रहा है। प्रशासन की ओर से पुलिस और संबंधित अधिकारियों से रिपोर्ट मांगी गई है। रिपोर्ट के आधार पर प्रस्ताव राज्य सरकार को भेजा जाएगा।
यदि अनिवार्य रजिस्ट्रेशन व्यवस्था लागू होती है, तो प्रशासन को पहले से जानकारी मिल सकेगी कि किस दिन कितने श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना है। इससे ट्रैफिक प्रबंधन, पार्किंग, शटल सेवा और सुरक्षा इंतजामों की बेहतर योजना बनाने में मदद मिलेगी।
होटल और होमस्टे की एडवांस बुकिंग पर भी जोर
कैंची धाम पहुंचने के बाद ठहरने की जगह तलाशने वाले श्रद्धालुओं के कारण आसपास की सड़कों पर भीड़ बढ़ने की समस्या सामने आती है। इसे देखते हुए होटल, होमस्टे और सराय में पहले से बुकिंग कराने को प्रोत्साहित करने की योजना है।
प्रशासन होटल बुकिंग की जांच पर भी जोर दे रहा है, ताकि श्रद्धालुओं के ठहरने की व्यवस्था पहले से सुनिश्चित हो सके। इससे अंतिम समय में होटल तलाशने के लिए होने वाली भागदौड़ और अनावश्यक वाहन आवाजाही को कम करने में मदद मिल सकती है।
मंदिर में प्रवेश और निकास के लिए अलग-अलग रास्ते
भीड़ प्रबंधन को बेहतर बनाने के लिए मंदिर परिसर में प्रवेश और निकास के रास्ते अलग-अलग रखने पर भी सहमति बनी है। इससे श्रद्धालुओं की आवाजाही व्यवस्थित करने और एक ही स्थान पर भीड़ जमा होने से रोकने में मदद मिलेगी।
इसके अलावा निजी मोटरसाइकिलों का बाइक टैक्सी के रूप में इस्तेमाल किए जाने की शिकायतों पर भी चर्चा हुई। ऐसे मामलों में नियमानुसार कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए हैं।
दुकानदारों और होटल संचालकों पर भी रहेगी नजर
कैंची धाम और आसपास के दुकानदारों को अपनी दुकानों पर रेट लिस्ट स्पष्ट रूप से प्रदर्शित करने के निर्देश दिए गए हैं। निर्धारित दरों से अधिक वसूली की शिकायत सही पाए जाने पर कार्रवाई की जाएगी।
होटल और होमस्टे में मनमाने किराये वसूलने की शिकायतों की भी जांच की जाएगी। नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर संबंधित संचालकों के खिलाफ कार्रवाई की जा सकती है। गंभीर मामलों में लाइसेंस या अनुमति निरस्त करने तक का कदम उठाया जा सकता है।
हाईटेक क्राउड मैनेजमेंट सिस्टम बनाने की तैयारी
कैंची धाम में लगातार बढ़ रही श्रद्धालुओं की संख्या को देखते हुए प्रशासन अस्थायी इंतजामों के बजाय स्थायी और तकनीक आधारित भीड़ प्रबंधन व्यवस्था विकसित करने की दिशा में काम कर रहा है। सांसद अजय भट्ट ने भी कहा है कि श्रद्धालुओं की बढ़ती संख्या को देखते हुए व्यवस्थाओं को आधुनिक और सुव्यवस्थित बनाना समय की जरूरत है।
ध्यान दें: कैंची धाम में अनिवार्य रजिस्ट्रेशन व्यवस्था अभी प्रस्तावित है। इसे लागू करने और ऑनलाइन बुकिंग शुरू होने की अंतिम घोषणा के बाद ही रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया और नए नियमों की आधिकारिक जानकारी स्पष्ट होगी।

