बीजापुर-जगदलपुर: बस्तर के जंगलों में दशकों तक दहशत का पर्याय रहा मोस्ट वांटेड नक्सली कमांडर पापा राव आज कानून के सामने घुटने टेक सकता है। सूत्रों के हवाले से खबर है कि वह अपने 17 साथियों और AK-47 जैसे आधुनिक हथियारों के साथ आत्मसमर्पण करने वाला है। इसे बस्तर में नक्सलवाद की कमर तोड़ने वाली सबसे बड़ी कामयाबी के रूप में देखा जा रहा है।
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पापा राव पर 25 लाख रुपये का इनाम घोषित है। वह वेस्ट बस्तर डिवीजन का सचिव और दंडकारण्य स्पेशल जोनल कमेटी का प्रभावशाली सदस्य है। कुटरू-बेदरे रोड पर हुए उस भीषण IED ब्लास्ट का मुख्य आरोपी, जिसमें 8 जवान शहीद हुए थे। पीएलजीए के ऑपरेशनल फैसलों में उसकी भूमिका निर्णायक रही है।
सुरक्षा एजेंसियां इस ऑपरेशन को बेहद गुप्त रख रही हैं। जानकारी के अनुसार, पुलिस की एक विशेष टीम इंद्रावती नेशनल पार्क के भीतरी इलाकों में एक गुप्त ठिकाने पर उसे लेने पहुंच चुकी है। पापा राव को पहले बीजापुर लाया जाएगा, जहाँ से कड़ी सुरक्षा के बीच उसे जगदलपुर ले जाने की तैयारी है। बस्तर रेंज के आईजी पी. सुंदरराज के सामने वह औपचारिक रूप से अपने हथियार डालेगा।
बदल रहा है बस्तर का परिदृश्य
पापा राव का सरेंडर संगठन के भीतर बढ़ते अविश्वास और सुरक्षाबलों के बढ़ते दबाव का नतीजा माना जा रहा है। उसकी पत्नी उर्मिला की मुठभेड़ में मौत के बाद से ही वह संगठन में अलग-थलग पड़ने लगा था।