
Budget Session 2026: वित्त मंत्री निर्मला सीतारामन आज संसद में पेश करेंगी आर्थिक सर्वेक्षण 2025-26
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण 1 फरवरी को बजट पेश करने वाली हैं। लेकिन उससे पहले 29 जनवरी को वित्त वर्ष 2025-26 का Economic Survey संसद में पेश किया जाएगा। बजट सत्र 28 जनवरी से शुरू होकर 2 अप्रैल तक चलेगा। बता दें कि इकोनॉमिक सर्वे वित्त मंत्रालय के तहत आर्थिक मामलों के विभाग द्वारा तैयार की जाने वाली एक सालाना रिपोर्ट है, जिसे मुख्य आर्थिक सलाहकार गाइड करते हैं। यह रिपोर्ट बीते वित्त वर्ष की आर्थिक स्थिति का पूरा आकलन करती है।
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!इकोनॉमिक सर्वे में GDP ग्रोथ, महंगाई, अलग-अलग सेक्टरों का प्रदर्शन, रोजगार, शिक्षा और स्वास्थ्य जैसे पहलू शामिल होते हैं। बजट से पहले यही सर्वे देश की आर्थिक दिशा तय करता है, इसलिए अर्थशास्त्री और बाजार के जानकार इसे बहुत ध्यान से देखते हैं।
इन फैक्टर्स पर रहेगी नजर
इस बार इकोनॉमिक सर्वे में खास तौर पर वित्त वर्ष 2026 के लिए Real GDP ग्रोथ का अनुमान, महंगाई और कीमतों की स्थिति, बैंकिंग, कृषि और दूसरे सेक्टरों की परफॉर्मेंस पर नजर रहेगी।। इसके साथ ही निर्यात और सर्विस सेक्टर की मजबूती पर भी फोकस रहने वाला है।
पिछले सालों में अनुमान से बेहतर रहे आंकड़े
पिछले कुछ सालों में भारत की असली आर्थिक वृद्धि अक्सर Economic Survey के अनुमानों से बेहतर रही है। 2025-26 के लिए पहली एडवांस GDP अनुमान के मुताबिक ग्रोथ 7.4% रहने की उम्मीद है, जबकि प्री-बजट सर्वे में 6.3 से 6.8 प्रतिशत का अनुमान लगाया गया था।
2024-25 में आर्थिक वृद्धि 6.5% रही, जो सर्वे के 6.5 से 7 प्रतिशत के अनुमान के करीब थी। वहीं 2023-24 में GDP ग्रोथ 9.2% रही, जो सर्वे के 6 से 6.8 प्रतिशत के अनुमान से काफी ज्यादा थी।
Economic Survey 2026 को कैसे देख सकेंगे लाइव?
Economic Survey 2026 की लाइव कवरेज Sansad TV और Doordarshan पर देखी जा सकती है। इसके अलावा सरकारी ऑनलाइन चैनलों पर भी लाइव स्ट्रीम उपलब्ध होगी। सर्वे का पूरा टेक्स्ट और डेटा indiabudget.gov.in वेबसाइट पर जारी किया जाएगा।
Economic Survey कल संसद के दोनों सदनों में पेश किया जाएगा। इसके बाद प्रेस ब्रीफिंग होगी, जहां वित्त मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारी सर्वे के मुख्य निष्कर्षों और आर्थिक रुझानों की जानकारी देंगे। यह रिपोर्ट देश की अर्थव्यवस्था की मौजूदा हालत बताती है और आगे की ग्रोथ को लेकर संकेत देती है।

