
छत्तीसगढ़ विधानसभा : जिला पंचायत अध्यक्ष-उपाध्यक्ष के चुनाव टालने के मुद्दे पर विपक्ष ने किया बर्हिगमन
रायपुर । छत्तीसगढ़ विधानसभा में गुरुवार को जिला पंचायत अध्यक्ष-उपाध्यक्ष के चुनाव टालने के मुद्दे पर सदन में खूब हंगामा हुआ। नारेबाजी के बाद विपक्ष ने सदन से बर्हिगमन कर दिया और फिर सभी सदस्य गांधी प्रतिमा के सामने धरने पर बैठ गए। सदन में जिला पंचायत अध्यक्ष चुनाव टालने का मुद्दा अनिला भेंडिया, सावित्री मंडावी ने उठाया।
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शून्यकाल में इस मुद्दे पर कांग्रेस विधायकों ने भाजपा पर आरोप लगाया। उमेश पटेल ने कहा कि जहां-जहां कांग्रेस के सदस्य अधिक हैं, वहां चुनाव टाला जा रहा है। उन्होंने विपक्षी विधायकों पर खरीद फरोख्त का आरोप लगाया है।
वहीं भूपेश बघेल ने कहा कि लोकतंत्र के चीरहरण का प्रयास किया जा रहा है। दुर्ग में जिला पंचायत सदस्य को गायब कर दिया गया। जिसकी वजह से चुनाव निर्विरोध हो गया। जिला पंचायत सदस्य का शासकीय तौर पर अपहरण कराया गया।
विपक्षी सदस्यों ने जिला पंचायत चुनाव टालने पर बर्हिगमन किया और गांधी जी की प्रतिमा के समक्ष धरना दिया। कुछ देर बाद नाराज विपक्ष नेता प्रतिपक्ष के केबिन में इकट्ठा हुए। जिसके बाद विपक्ष को मनाने के लिए वित्त मंत्री ओपी चौधरी और पूर्व मंत्री अजय चंद्राकर पहुंचे।
मंत्री ने नेता प्रतिपक्ष और विधायकों को कार्यवाही में शामिल होने का अनुरोध किया। लेकिन, विपक्षी विधायको ने कहा कि इस मामले में सरकार को सदन में जवाब देना चाहिये। पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल इस मामले में मीडिया से बातचीत में कहा कि सत्तापक्ष ने चुनाव जीतने में शासकीय मशीनरी का उपयोग किया। कई पंचायतों में लोकतंत्र को अपमानित किया गया है। उन्होंने आरोप लगाया कि पंचायत में बैठक आहूत करने के बाद चुनाव तिथि बदलने की कार्रवाई हुई। विधानसभा में शासन की ओर से कोई जवाब नहीं आया है।
