
शहीदों को सलाम: उत्तराखंड के वीर सपूतों की कहानी
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!उत्तराखंड के गौरवशाली इतिहास का स्मरण-उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने देहरादून के शहीद स्थल पर राज्य आंदोलनकारियों को श्रद्धांजलि दी। उन्होंने शहीदों की तस्वीरों पर फूल चढ़ाकर उनके साहस और बलिदान को याद किया। धामी ने कहा कि इन वीरों के बिना उत्तराखंड राज्य का सपना कभी पूरा नहीं हो पाता। यह एक ऐसी श्रद्धांजलि थी जो उन सभी लोगों के प्रति सम्मान व्यक्त करती है जिन्होंने उत्तराखंड को एक अलग राज्य बनाने के लिए अपना जीवन समर्पित कर दिया।
शहादत की गौरव गाथा-मुख्यमंत्री ने उन दुखद दिनों को याद किया जब आंदोलनकारियों पर गोलियां चलाई गईं और महिलाओं के साथ बुरा व्यवहार किया गया। उन्होंने सभी शहीदों को नमन किया और उनके परिवारों के लिए राज्य सरकार की प्रतिबद्धता दोहराई। यह उन लोगों के बलिदान को याद करने का एक तरीका था जिन्होंने उत्तराखंड के लिए लड़ाई लड़ी और अपनी जान गंवाई।
सपनों का उत्तराखंड: एक नई शुरुआत-धामी ने कहा कि शहीदों के सपनों को साकार करने के लिए, उत्तराखंड को एक आदर्श और समृद्ध राज्य बनाने का काम जारी है। उन्होंने विजय दशमी और महात्मा गांधी तथा पूर्व पीएम लाल बहादुर शास्त्री की जयंती पर शुभकामनाएं दीं। यह एक ऐसा दृष्टिकोण है जो उत्तराखंड को एक बेहतर भविष्य की ओर ले जाने का वादा करता है, जैसा कि शहीदों ने कल्पना की थी।

