
कांग्रेस का तंज: अब नारे और भाषण से काम नहीं चलेगा!
क्या हो रहा है?- हाल ही में, कांग्रेस पार्टी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर निशाना साधा है। इसका कारण बना है अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का पाकिस्तान आर्मी चीफ जनरल आसिम मुनीर की प्रशंसा करना। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता जयराम रमेश ने सोशल मीडिया पर लिखा कि अब भारतीय कूटनीति के लिए सिर्फ नारे, डींगे और भाषण देने का समय खत्म हो गया है। उनका कहना है कि भारत को गंभीर कूटनीतिक चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है, और दिखावे की राजनीति से काम नहीं चलने वाला।
विश्वगुरु का असली चेहरा?-
कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने प्रधानमंत्री मोदी पर सीधा हमला करते हुए कहा कि जो लोग खुद को विश्वगुरु बताते हैं, वे अब पूरी तरह से बेनकाब हो चुके हैं। रमेश ने ट्रंप के भाषण का हवाला देते हुए कहा कि अमेरिकी राष्ट्रपति बार-बार पाकिस्तान के आर्मी चीफ की तारीफ कर रहे हैं, जबकि भारत के हितों और सुरक्षा से जुड़े कई सवाल अभी भी अनुत्तरित हैं।
ट्रंप और आसिम मुनीर की मुलाकात: एक सवाल?-कांग्रेस नेता ने बताया कि ट्रंप ने पिछले तीन महीनों में व्हाइट हाउस में पाकिस्तान आर्मी चीफ आसिम मुनीर से दो बार मुलाकात की। इतना ही नहीं, ट्रंप ने कहा कि उन्हें यह बहुत अच्छा लगा जब मुनीर ने उनकी तारीफ करते हुए कहा कि उन्होंने भारत और पाकिस्तान के बीच लाखों लोगों की जान बचाई है। रमेश ने तंज कसते हुए कहा कि यह वही शख्स हैं जिनके बयानों ने कई बार साम्प्रदायिक तनाव को बढ़ावा दिया और आतंकवादी हमलों का माहौल बनाया।
ट्रंप का दावा: भारत-पाकिस्तान विवाद मैंने सुलझाया!-डोनाल्ड ट्रंप ने अपने हालिया बयान में दावा किया है कि उन्होंने भारत और पाकिस्तान के बीच एक बड़ा विवाद सुलझा दिया। उन्होंने कहा कि दोनों देश परमाणु शक्ति संपन्न हैं और यह झगड़ा बहुत खतरनाक हो सकता था। ट्रंप के अनुसार, उनके प्रयासों से 10 मई को हालात काबू में आए और एक बड़े संकट को टाला गया।
नौ महीनों में सात बड़े विवाद सुलझाए?-ट्रंप यहीं नहीं रुके। उन्होंने कहा कि अपनी प्रशासनिक अवधि के सिर्फ नौ महीनों में उन्होंने सात बड़े अंतरराष्ट्रीय विवादों को सुलझाया। उनके मुताबिक, भारत-पाकिस्तान का विवाद उनमें सबसे बड़ा था और इसका समाधान उनके लिए सबसे बड़ी उपलब्धि है। उन्होंने इसे अपनी “जीवनभर की डील करने की क्षमता” का हिस्सा बताया।
कांग्रेस का सवाल: भारत की कूटनीति कहां है?-कांग्रेस ने सवाल उठाया है कि जब अमेरिकी राष्ट्रपति खुलेआम पाकिस्तान आर्मी चीफ की तारीफ कर रहे हैं और भारत-पाक विवाद को हल करने का श्रेय खुद को दे रहे हैं, तब भारत की कूटनीतिक ताकत कहां है? पार्टी का कहना है कि अब मंच से बड़े-बड़े दावे करने की बजाय असल चुनौतियों का समाधान करने की ज़रूरत है।
भारत के लिए कूटनीतिक चेतावनी!-कांग्रेस का मानना है कि मौजूदा हालात भारत के लिए एक कूटनीतिक चेतावनी हैं। एक ओर ट्रंप खुद को मध्यस्थ और शांति स्थापित करने वाला बता रहे हैं, वहीं पाकिस्तान आर्मी चीफ की तारीफ भी कर रहे हैं। ऐसे में भारत को अपनी विदेश नीति को मजबूत और व्यावहारिक बनाना होगा। अब सिर्फ भाषणों और नारों से अंतरराष्ट्रीय राजनीति में जगह नहीं बन सकती।
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