
सीएसजेएमयू ने रूस की अग्रणी कंपनी जियोस्कैन के साथ किया एमओयू, छात्रों को मिलेगा वैश्विक अनुभव
कानपुर। आइडिया लैब, साइबर सुरक्षा लैब और ड्रोन प्रयोगशाला जैसी अत्याधुनिक सुविधाएं छात्रों को भविष्य की तकनीकों से जोड़ते हुए उन्हें राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रतिस्पर्धा के लिए तैयार करेंगी। यह बातें शुक्रवार को सीएसजेएमयू के कुलपति ने कहीं
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!छत्रपति शाहू जी महाराज विश्वविद्यालय (सीएसजेएमयू) के इंजीनियरिंग संस्थान में तकनीकी शिक्षा और नवाचार को बढ़ावा देने के उद्देश्य से एक साथ कई आधुनिक प्रयोगशालाओं का शुभारंभ किया गया। इसके अंतर्गत अखिल भारतीय तकनीकी शिक्षा परिषद द्वारा वित्तपोषित आइडिया लैब, उन्नत साइबर सुरक्षा प्रयोगशाला और रूस के सहयोग से विकसित ड्रोन प्रयोगशाला स्थापित की गई है। यह पहल विश्वविद्यालय के साथ-साथ शहर के तकनीकी विकास की दिशा में भी महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
आइडिया लैब “सीखो और बनाओ” की अवधारणा पर आधारित है, जहां लगभग एक करोड़ रुपये की लागत से विकसित सुविधा में त्रि-आयामी प्रिंटर, रोबोटिक्स किट, इंटरनेट आधारित उपकरण और एम्बेडेड प्रणालियों पर कार्य का अवसर मिलेगा। इससे छात्रों को अपने विचारों को प्रोटोटाइप और उत्पाद में बदलने के साथ स्टार्टअप और उद्यमिता की दिशा में बढ़ने का अवसर मिलेगा।
साइबर सुरक्षा प्रयोगशाला में उच्च क्षमता वाले सर्वर और सुरक्षित नेटवर्क प्रणाली स्थापित की गई है। यहां नैतिक हैकिंग, पैठ परीक्षण, डिजिटल फॉरेंसिक, कूटलेखन और क्लाउड सुरक्षा के साथ वर्चुअल साइबर रेंज के माध्यम से वास्तविक हमले और बचाव का अभ्यास कराया जाएगा। यह सुविधा पुलिस, बैंकिंग संस्थानों और साइबर अपराध इकाइयों के लिए भी प्रशिक्षण और सुरक्षा परीक्षण का केंद्र बनेगी।
ड्रोन प्रयोगशाला के तहत विश्वविद्यालय ने रूस की अग्रणी कंपनी जियोस्कैन के साथ समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए हैं। इसके माध्यम से छात्रों को मानवरहित हवाई यान डिजाइन, उड़ान संचालन, मानचित्रण, भू-स्थानिक विश्लेषण, नेविगेशन प्रणाली और उन्नत सेंसर तकनीक में अंतरराष्ट्रीय स्तर का प्रशिक्षण दिया जाएगा। रूसी विशेषज्ञ समय-समय पर कार्यशालाएं और प्रशिक्षण सत्र आयोजित करेंगे, जिससे छात्रों को वैश्विक अनुभव प्राप्त होगा।
इन सभी प्रयोगशालाओं के माध्यम से छात्रों को व्यावहारिक अनुभव, उद्योग के अनुरूप कौशल, बेहतर रोजगार के अवसर और शोध की नई संभावनाएं मिलेंगी। विश्वविद्यालय प्रशासन ने भविष्य में उद्योगों के साथ सहयोग बढ़ाने, नियमित प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित करने और छात्रों को प्रोजेक्ट व इंटर्नशिप से जोड़ने की योजना भी बनाई है।
कार्यक्रम में रूस से आए विशेषज्ञ व्लादिमीर एवोनोफ और एलेक्सी ट्रुस्कोव, सृजन पाल सिंह और देबजीत चक्रवर्ती सहित कई विशिष्ट अतिथि उपस्थित रहे। प्रो-कुलपति सुधीर कुमार अवस्थी, कुलसचिव राकेश कुमार मिश्रा, डीन अकादमिक, डीन नवाचार सहित अन्य अधिकारी, शिक्षक और बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं कार्यक्रम में शामिल हुए।

