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बरसात में बढ़ा खतरा: कैसे पहचानें जुकाम और मच्छरजनित बीमारियों में फर्क?

बरसात में बीमारियाँ: जुकाम या डेंगू? कब लें डॉक्टर की सलाह!-बरसात का मौसम आते ही मौसम सुहावना हो जाता है, लेकिन इसी के साथ बीमारियों का खतरा भी बढ़ जाता है। आजकल दिल्ली समेत कई शहरों में लोग बुखार, सिरदर्द, बदन दर्द, खांसी और छींक जैसी परेशानियों से जूझ रहे हैं। अक्सर ये लक्षण सामान्य सर्दी-जुकाम जैसे लगते हैं, लेकिन मन में डेंगू, चिकनगुनिया या मलेरिया जैसी गंभीर बीमारियों का डर बना रहता है। ऐसे में यह जानना बहुत ज़रूरी है कि कब आपको चिंता करनी चाहिए और कब यह सिर्फ एक सामान्य वायरल इंफेक्शन है।

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 सामान्य सर्दी-जुकाम: पहचानें और घबराएं नहीं-साधारण सर्दी-जुकाम, जिसे हम कॉमन कोल्ड भी कहते हैं, के लक्षण ज़्यादातर हमारे श्वसन तंत्र से जुड़े होते हैं। इसमें आपको नाक बहना, बार-बार छींक आना, गले में खराश महसूस होना, हल्की खांसी आना, सिरदर्द और कभी-कभी हल्का बुखार भी हो सकता है। आमतौर पर, ये लक्षण दो से तीन दिन में ज़्यादा परेशान करते हैं और फिर एक हफ्ते के अंदर धीरे-धीरे ठीक होने लगते हैं। सबसे खास बात यह है कि इस दौरान शरीर पर कोई दाने या त्वचा से जुड़ी कोई खास समस्या नहीं होती। अगर आपको ऐसे ही लक्षण दिख रहे हैं, तो आप निश्चिंत हो सकते हैं कि यह ज़्यादातर सामान्य जुकाम या कोई वायरल इंफेक्शन ही है।

मच्छर का काटना: सामान्य प्रतिक्रिया या खतरे की घंटी?-बरसात के मौसम में मच्छरों का बढ़ना तो आम बात है। जब मच्छर काटता है, तो त्वचा पर एक लाल रंग का दाना निकल आता है, जिसमें थोड़ी खुजली और हल्की सूजन हो सकती है। यह हमारे शरीर की एक सामान्य प्रतिक्रिया होती है और ज़्यादातर अपने आप ही ठीक हो जाती है। हाँ, कुछ लोगों में ये लाल दाने थोड़े बड़े या फफोले जैसे भी हो सकते हैं। लेकिन, सिर्फ मच्छर के काटने से अचानक तेज बुखार आ जाना या पूरे शरीर में दर्द होना सामान्य नहीं माना जाता। अगर ऐसा हो रहा है, तो यह किसी और बड़ी समस्या का संकेत हो सकता है।

 जब मच्छर का काटना बन जाए गंभीर बीमारी का कारण-अगर मच्छर के काटने से आपको डेंगू, मलेरिया या चिकनगुनिया जैसी कोई बीमारी हो जाती है, तो इसके लक्षण कुछ दिनों के बाद दिखाई देते हैं। इसमें अचानक तेज बुखार आना, जोड़ों और मांसपेशियों में बहुत तेज़ दर्द होना, सिरदर्द, आँखों के पीछे दर्द महसूस होना, जी मिचलाना और त्वचा पर लाल-लाल दाने निकलना शामिल है। बरसात के दिनों में डेंगू और मलेरिया का खतरा इसलिए भी बढ़ जाता है क्योंकि इस समय जगह-जगह पानी जमा हो जाता है, जिससे मच्छरों की संख्या तेज़ी से बढ़ती है।

लक्षणों में भ्रम क्यों होता है?-लोगों को अक्सर यह समझने में मुश्किल होती है कि यह सामान्य जुकाम है या कोई मच्छर जनित बीमारी, क्योंकि कुछ लक्षण दोनों में मिलते-जुलते हैं। उदाहरण के लिए, बुखार और बदन दर्द जुकाम और डेंगू दोनों में हो सकता है। इसी तरह, त्वचा पर दाने वायरल इंफेक्शन और मच्छर से होने वाली बीमारियों में भी दिख सकते हैं। लेकिन, इन दोनों के बीच का फर्क हम लक्षणों के तरीके और उनके होने के समय से समझ सकते हैं। मच्छर के काटने के तुरंत बाद खुजली और दाना होता है, जबकि डेंगू जैसी बीमारियों के लक्षण कुछ दिनों के अंतराल के बाद ही सामने आते हैं।

 डॉक्टर के पास कब जाना चाहिए?-अगर आपको सिर्फ नाक बह रही है, हल्की खांसी है और हल्का बुखार है, तो यह शायद सामान्य सर्दी-जुकाम ही है। लेकिन, अगर आपको तेज बुखार के साथ पूरे शरीर में ज़बरदस्त दर्द हो रहा है, आँखों के पीछे दबाव महसूस हो रहा है, उल्टी आ रही है, मसूड़ों से खून आ रहा है या पेट में तेज दर्द हो रहा है, तो आपको बिना देर किए डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए। ये लक्षण डेंगू या किसी अन्य गंभीर संक्रमण के हो सकते हैं, जिन पर तुरंत ध्यान देना ज़रूरी है।

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