
उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने मोवा ओवरब्रिज मरम्मत कार्य स्थल का किया औचक निरीक्षण
मोवा ओवरब्रिज मरम्मत कार्य में लापरवाही बर्दाश्त नहीं, तीन दिन में होगी जांच, जिम्मेदार पर होगी कड़ी कार्रवाई : डिप्टी सीएम अरुण साव
रायपुर। रायपुर के मोवा ओवरब्रिज मरम्मत कार्य में लापरवाही की खबर पर उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव ने आज मौके पर पहुंचकर औचक निरीक्षण किया। इस दौरान कार्य स्थल में सड़क मरम्मत कार्य लापरवाही पूर्वक एवं गुणवत्ताविहीन पाया गया। मौके पर संबंधित ठेकेदार और इंजीनियर्स को सख्त चेतावनी दी। उन्होंने कहा कि, यह सुशासन की सरकार है, इसमें अनियमिता कतई बर्दाश्त नहीं की जाएगी। एक रुपए का भी भुगतान नहीं होगा ठेकेदार को, जब तक गुणवत्ता पूर्ण कार्य नहीं हो जाता, भुगतान करने पर अधिकारियों की सैलरी से कटेंगे पैसे।
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने उच्च अधिकारियों को मौके पर निर्देशित किया कि, मुख्य अभियंता स्तर अधिकारी के नेतृत्व में ओवरब्रिज मरम्मत कार्य की जांच कर तीन दिन में रिपोर्ट पेश करें। श्री साव ने सख्त लहजे में कहा कि, गुणवत्ताविहीन कार्य के लिए जिम्मेदार अधिकारी नहीं बख्शेंगे, जांच के बाद कड़ी कार्रवाई होगी। बता दें कि, औचक निरीक्षण के दौरान लोक निर्माण विभाग के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।

विभाग ने जारी किया जांच आदेश
उप मुख्यमंत्री अरुण साव जी के सख्त निर्देश के बाद लोक निर्माण विभाग ने जांच के आदेश जारी कर दिए हैं। जारी आदेश में लिखा है कि 10 जनवरी को उप मुख्यमंत्री ने मोवा ओव्हरब्रिज का औचक निरीक्षण किया है। निरीक्षण के दौरान कार्य स्थल पर खराबी पाई गई। उक्त ब्रिज पर दिनांक 7 जनवरी 2025 को रात 3-4 बजे किये गये बिटूमिनस कॉक्रीट की 40 एम.एम. की परत से डामरीकरण किया जा रहा था, जो मिक्सिंग के समय डामर के मानक से अधिक गर्म होने पर गिट्टी आपस में नहीं चिपकने के कारण यातायात के दौरान गिट्टी का आपस में अलग होकर बिखरना पाया गया, जो घोर लापरवाही है। उक्त डामरीकरण कार्य में खराबी क्यों आयी? उक्त डामरीकरण कार्य में कौन-कौन अधिकारी जिम्मेदार है? इसकी जाँच मुख्य अभियंता स्तर के अधिकारियों से जांच करा कर, जांच रिपोर्ट तीन दिन में अनिवार्य रूप से प्रस्तुत करें।

