
क्या आप जानते हैं क्यों खास है कारगिल विजय दिवस? उत्तराखण्ड के शूरवीरों की अनकही दास्तान
कारगिल विजय: उत्तराखंड के वीरों का साहस
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!एक ऐसा बलिदान जिसने भारत को गौरवान्वित किया- कारगिल विजय दिवस पर, हम उत्तराखंड के उन वीर सपूतों को नमन करते हैं जिन्होंने कारगिल युद्ध में देश के लिए अपना सर्वस्व न्योछावर कर दिया। उनके अदम्य साहस और बलिदान की गाथा सदियों तक याद रखी जाएगी। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने भी शहीदों को भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की और राज्य सरकार द्वारा सैनिकों और उनके परिवारों के कल्याण के लिए किए जा रहे प्रयासों पर प्रकाश डाला।
देवभूमि से वीरभूमि तक का सफर- उत्तराखंड, देवभूमि होने के साथ-साथ वीरभूमि भी है। इस पवित्र भूमि की मिट्टी में बलिदान और साहस की परंपरा पीढ़ी दर पीढ़ी चली आ रही है। यहाँ के लगभग हर परिवार का कोई न कोई सदस्य देश की रक्षा के लिए सेना में सेवा दे चुका है। छोटे से राज्य होने के बावजूद, उत्तराखंड का योगदान राष्ट्रीय सुरक्षा के इतिहास में हमेशा स्वर्णिम अक्षरों में लिखा जाएगा। यह वीरता और बलिदान की अनूठी कहानी है जो हमें हमेशा प्रेरित करती रहेगी।
भारतीय सेना का अदम्य साहस- कारगिल युद्ध ने भारतीय सेना के पराक्रम और साहस को पूरी दुनिया के सामने प्रस्तुत किया। हमारे वीर जवानों ने दुश्मन के कब्जे वाले ऊंचे मोर्चों पर भी अपनी जान की परवाह किए बिना जीत हासिल की। उनकी वीरता ने देश का मान बढ़ाया और कारगिल में शहीद हुए सैनिकों का बलिदान राष्ट्र कभी नहीं भूलेगा। यह एक ऐसा इतिहास है जिसे आने वाली पीढ़ियाँ हमेशा याद रखेंगी और गर्व से कहेंगी।
