
8 हजार से ज्यादा ज्योति कलशों से जगमगाएगा डोंगरगढ़ का बम्लेश्वरी मंदिर, रेलवे और पुलिस ने की चाक-चौबंद व्यवस्था
डोंगरगढ़. 19 मार्च से शुरू हो रहे चैत्र नवरात्रि पर्व को लेकर मां बम्लेश्वरी मंदिर में तैयारियां पूरी कर ली गई हैं. इस बार नवरात्रि में जहां एक ओर हजारों ज्योति कलशों से बम्लेश्वरी धाम जगमगाएगा, वहीं दूसरी ओर श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को देखते हुए प्रशासन, पुलिस और रेलवे ने व्यापक इंतजाम किए हैं. इस वर्ष नीचे स्थित मंदिर में 901 और पहाड़ी पर स्थित मुख्य मंदिर में लगभग 7,500 ज्योति कलश प्रज्वलित किए जाएंगे. सभी दीप तेल से जलाए जाएंगे, जिससे पूरे धाम में भक्ति और आध्यात्मिक ऊर्जा का विशेष वातावरण निर्मित होगा. नवरात्रि के नौ दिनों तक डोंगरगढ़ में आस्था का सैलाब उमड़ता है और लाखों श्रद्धालु माता के दर्शन के लिए पहुंचते हैं. इसे देखते हुए इस बार व्यवस्थाओं को और अधिक सुदृढ़ किया गया है.
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!आस्था और परंपराओं से जुड़ा है मंदिर का इतिहास (Navratri 2026)
मां बम्लेश्वरी मंदिर का इतिहास आस्था और परंपराओं से जुड़ा हुआ है. मंदिर को लेकर कई किंवदंतियां प्रचलित हैं, जिनमें एक कथा विक्रमादित्य से भी जुड़ी मानी जाती है, हालांकि ऐतिहासिक प्रमाण सीमित हैं. ऐतिहासिक दस्तावेजों के अनुसार यह मंदिर लगभग 200 वर्ष पूर्व खैरागढ़ रियासत के राजा कमलनारायण सिंह द्वारा बनवाया गया था. आज़ादी के बाद राजा बीरेन्द्र बहादुर सिंह ने मंदिर के संचालन के लिए ट्रस्ट का गठन कराया, जो आज तक व्यवस्थाओं का संचालन कर रहा है. इस बार नवरात्रि में श्रद्धालुओं की सुविधा को ध्यान में रखते हुए रेलवे ने भी विशेष पहल की है. डोंगरगढ़ रेलवे स्टेशन पर यात्रियों की बढ़ती संख्या को देखते हुए कई अतिरिक्त ट्रेनों का संचालन शुरू किया गया है, वहीं कई प्रमुख एक्सप्रेस ट्रेनों का अस्थायी ठहराव भी डोंगरगढ़ में दिया गया है. इससे छत्तीसगढ़ के साथ-साथ महाराष्ट्र, मध्यप्रदेश और अन्य राज्यों से आने वाले श्रद्धालुओं को सीधा लाभ मिलेगा और यात्रा अधिक सुगम होगी.
सुरक्षा के दृष्टिकोण से भी इस बार व्यापक इंतजाम किए गए हैं. लगभग एक हजार पुलिस जवानों की तैनाती की जा रही है, जो मंदिर परिसर, पदयात्री मार्ग, रेलवे स्टेशन और शहर के प्रमुख स्थानों पर निगरानी रखेंगे. पुलिस अधीक्षक अंकिता शर्मा के निर्देश पर विशेष क्विक रिस्पांस टीम (QRT) का गठन किया गया है, जो किसी भी आपात स्थिति में तुरंत मौके पर पहुंचकर राहत और सुरक्षा व्यवस्था संभालेगी. प्रशासन, पुलिस और रेलवे के संयुक्त प्रयासों से इस बार डोंगरगढ़ में नवरात्रि महोत्सव भव्य होने के साथ-साथ सुरक्षित और सुव्यवस्थित भी नजर आएगा. हजारों ज्योति कलशों की रोशनी, मजबूत व्यवस्थाएं और श्रद्धालुओं की आस्था इस नवरात्रि को विशेष बना रही हैं. डोंगरगढ़ का मां बम्लेश्वरी धाम एक बार फिर आस्था, परंपरा और आधुनिक व्यवस्थाओं के संगम के रूप में सामने आने जा रहा है, जहां हर श्रद्धालु को सहज, सुरक्षित और दिव्य अनुभव देने की पूरी तैयारी कर ली गई है.

