त्योहारों में मिठाई खाने को लेकर न करें गिल्ट, जानें फेस्टिव फूड एंग्जायटी से बचने के आसान तरीके

दिवाली जैसे त्योहारों पर घर में मिठाइयों और पकवानों की भरमार रहती है। ऐसे में स्वाद के चक्कर में हम अक्सर जरूरत से ज्यादा खा लेते हैं और बाद में इसे लेकर पछतावा होने लगता है। कुछ लोग मिठाइयों से दूरी बनाने के लिए पहले से खाना छोड़ देते हैं या त्योहार के बाद उपवास रखकर इसकी भरपाई करने की कोशिश करते हैं। लेकिन खाने को लेकर इस तरह का डर और तनाव सेहत के लिए नुकसानदायक हो सकता है।
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क्या है फेस्टिव फूड एंग्जायटी?
त्योहारों के दौरान खान-पान को लेकर होने वाला तनाव फेस्टिव फूड एंग्जायटी कहलाता है। इसमें लोग कैलोरी गिनने, मिठाइयां खाने से डरने, किसी पार्टी या दावत में जाने से बचने और ज्यादा खाने की आशंका में पहले से भोजन छोड़ने लगते हैं।
कई बार लोग त्योहार के बाद उपवास रखकर या कैलोरी कम करके ज्यादा खाने की भरपाई करना चाहते हैं। खासकर डायबिटीज से जूझ रहे लोगों और वजन कम करने की कोशिश कर रहे लोगों के लिए यह स्थिति तनावपूर्ण हो सकती है। इसके अलावा, मेहमानों के घर खाने से मना करना भी कई लोगों को असहज महसूस कराता है।
खाने को लेकर गलत आदतें पड़ सकती हैं भारी
खाने को लेकर जरूरत से ज्यादा तनाव कई बार उल्टा असर डालता है। अगर आप त्योहार के दिन सुबह से भूखे रहते हैं, तो बाद में तेज भूख लगने के कारण जरूरत से ज्यादा खा सकते हैं।
यह समझना जरूरी है कि एक बार मिठाई खाने से तुरंत HbA1c का स्तर नहीं बदलता। HbA1c टेस्ट पिछले लगभग तीन महीनों के औसत ब्लड शुगर स्तर की जानकारी देता है। हालांकि, त्योहार के बाद भी लगातार ज्यादा मिठाइयां और मीठे पकवान खाना ब्लड शुगर और सेहत पर असर डाल सकता है।
फेस्टिव फूड एंग्जायटी से कैसे बचें?
त्योहार के दिन अपने खान-पान का सामान्य रूटीन बनाए रखें। सुबह प्रोटीन से भरपूर नाश्ता करें, ताकि भूख को नियंत्रित रखने में मदद मिले। खाने के समय और मात्रा पर ध्यान दें, लेकिन खुद पर जरूरत से ज्यादा पाबंदियां न लगाएं।
खाने के दौरान पहले दाल, पनीर और सब्जियों जैसे प्रोटीन व फाइबर वाले विकल्प चुनें। इसके बाद मिठाई खा सकते हैं। कुछ अध्ययनों के मुताबिक, कार्बोहाइड्रेट से पहले सब्जियां और प्रोटीन खाने से ब्लड शुगर को नियंत्रित रखने में मदद मिल सकती है।
इसके अलावा, हर भोजन के बाद करीब 10 मिनट टहलना भी फायदेमंद हो सकता है। डायबिटीज से पीड़ित लोग अपनी स्थिति के अनुसार खान-पान और शारीरिक गतिविधियों को लेकर सावधानी बरतें।
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कब है सतर्क होने की जरूरत?
अगर खाने को लेकर होने वाली चिंता के कारण आप लोगों से मिलना-जुलना बंद कर रहे हैं, छिपकर खाना खा रहे हैं या ज्यादा खाने के बाद कई दिनों तक उपवास, उल्टी या जरूरत से ज्यादा एक्सरसाइज करके इसकी भरपाई करने की कोशिश कर रहे हैं, तो इसे नजरअंदाज न करें।
ऐसी स्थिति में विशेषज्ञ से सलाह लेना जरूरी है। याद रखें, त्योहार का आनंद लेने के लिए खुद को भूखा रखना या खाने के बाद अपराधबोध महसूस करना जरूरी नहीं है। संतुलित खान-पान और सही दिनचर्या के साथ त्योहार का आनंद लिया जा सकता है।

