सेल और 90% डिस्काउंट के चक्कर में न गंवा दें अपनी कमाई! फेस्टिव ऑफर के नाम पर खाली हो सकता है बैंक अकाउंट

टेक्नोलॉजी डेस्क: दिवाली और दूसरे त्योहारों के दौरान ऑनलाइन शॉपिंग पर मिलने वाली भारी छूट लोगों को खरीदारी के लिए आकर्षित करती है। मोबाइल स्क्रीन पर किसी नामी कंपनी का लोगो, महंगे iPhone की तस्वीर और महज 5,000 रुपये में फोन खरीदने का ऑफर देखकर कोई भी आकर्षित हो सकता है। लेकिन सावधान रहें, क्योंकि ऐसे ही लुभावने ऑफर्स के जरिए साइबर ठग लोगों को अपना निशाना बना रहे हैं।
त्योहारी सीजन में ई-कॉमर्स कंपनियों की फेस्टिव सेल के बीच फर्जी वेबसाइटों और सोशल मीडिया विज्ञापनों के जरिए ठगी का खतरा बढ़ जाता है। ठग नामी कंपनियों के लोगो और नाम की नकल करके असली जैसी दिखने वाली वेबसाइट तैयार करते हैं। इसके बाद ग्राहकों को भारी छूट का लालच देकर जल्द से जल्द भुगतान करने के लिए प्रेरित किया जाता है। ऐसे में एक गलत क्लिक आपकी जमा-पूंजी पर भारी पड़ सकता है।
कैसे काम करता है फर्जी वेबसाइट का जाल?
साइबर ठग सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर ऐसे विज्ञापन दिखाते हैं, जिनमें महंगे इलेक्ट्रॉनिक सामान बेहद कम कीमत पर बेचने का दावा किया जाता है। उदाहरण के लिए, iPhone जैसे महंगे फोन को कुछ हजार रुपये में उपलब्ध बताकर ग्राहकों को लिंक पर क्लिक करने के लिए आकर्षित किया जाता है।
लिंक खोलने पर कई बार आधिकारिक वेबसाइट या ऐप के बजाय किसी दूसरी वेबसाइट पर पहुंच जाते हैं। यह वेबसाइट देखने में असली जैसी लग सकती है, लेकिन इसका मकसद ग्राहक से पैसे या उसकी गोपनीय वित्तीय जानकारी हासिल करना होता है।
इसी तरह, नामी शॉपिंग प्लेटफॉर्म के नाम और लोगो से मिलते-जुलते विज्ञापनों में महंगे घरेलू उपकरणों को बेहद कम कीमत पर बेचने का दावा किया जाता है। कुछ वेबसाइटों पर केवल ऑनलाइन भुगतान का विकल्प मिलता है, जिससे भुगतान करने के बाद सामान नहीं मिलने का खतरा रहता है।
कई मामलों में ठग वेबसाइट के नाम में मामूली बदलाव करते हैं, जिसे सामान्य नजर से पहचानना मुश्किल हो सकता है। इसलिए सिर्फ कंपनी का लोगो देखकर किसी वेबसाइट पर भरोसा करना नुकसानदायक साबित हो सकता है।
भारी छूट वाले ऑफर की ऐसे करें जांच
फेस्टिव सेल के दौरान किसी भी आकर्षक ऑफर पर भरोसा करने से पहले उसकी वास्तविकता जांचना जरूरी है। यदि कोई महंगा उत्पाद बाजार मूल्य से काफी कम कीमत पर मिल रहा है, तो जल्दबाजी में भुगतान करने के बजाय कुछ बातों पर ध्यान दें।
- आधिकारिक वेबसाइट पर जांचें: सोशल मीडिया विज्ञापन में दिए गए लिंक पर क्लिक करने के बजाय कंपनी की आधिकारिक वेबसाइट या ऐप खोलकर उत्पाद खोजें।
- वेबसाइट का पता ध्यान से देखें: डोमेन नेम की स्पेलिंग और वेबसाइट के पते का मिलान आधिकारिक वेबसाइट से करें। मामूली बदलाव भी सावधान होने का संकेत हो सकता है।
- कीमत की तुलना करें: एक ही उत्पाद की कीमत दूसरे भरोसेमंद ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर भी जांचें। असामान्य रूप से कम कीमत पर अतिरिक्त सतर्कता बरतें।
- भुगतान के विकल्प देखें: यदि वेबसाइट केवल तत्काल ऑनलाइन भुगतान का दबाव बना रही है या भुगतान के विकल्प सीमित हैं, तो पहले उसकी विश्वसनीयता की जांच करें।
- ऑफर की शर्तें पढ़ें: उत्पाद की जानकारी, रिटर्न पॉलिसी, रिफंड नियम और विक्रेता की पहचान की जांच किए बिना ऑर्डर न करें।
ध्यान रखें कि केवल भारी छूट या कैश ऑन डिलीवरी का विकल्प नहीं होना किसी वेबसाइट के फर्जी होने का पक्का प्रमाण नहीं है। वेबसाइट की प्रामाणिकता दूसरे संकेतों के आधार पर भी जांचनी चाहिए।
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साइबर ठगी से बचने के लिए इन बातों का रखें ध्यान
त्योहारी खरीदारी के दौरान सतर्कता बरतकर ऑनलाइन धोखाधड़ी के जोखिम को कम किया जा सकता है।
- अनजान वेबसाइटों पर अपने बैंक खाते, डेबिट या क्रेडिट कार्ड की गोपनीय जानकारी साझा न करें।
- किसी अनजान लिंक पर बैंकिंग पासवर्ड, पिन या ओटीपी दर्ज न करें।
- ‘ऑफर सिर्फ कुछ मिनटों के लिए है’ या ‘आखिरी मौका’ जैसे संदेशों के दबाव में खरीदारी न करें।
- सोशल मीडिया पर मिले संदिग्ध विज्ञापनों और लिंक से दूरी बनाए रखें।
- भुगतान करने से पहले वेबसाइट और विक्रेता की विश्वसनीयता की जांच करें।
ऑनलाइन ठगी हो जाए तो तुरंत क्या करें?
अगर किसी फर्जी वेबसाइट के जरिए आपके साथ वित्तीय धोखाधड़ी हो जाती है, तो बिना देर किए अपने बैंक या संबंधित भुगतान सेवा प्रदाता से संपर्क करें। इसके साथ ही साइबर अपराध हेल्पलाइन 1930 पर शिकायत दर्ज कराएं। ऑनलाइन शिकायत के लिए भारत सरकार के आधिकारिक पोर्टल cybercrime.gov.in का भी इस्तेमाल किया जा सकता है।
त्योहारी सीजन में आकर्षक ऑफर्स का लाभ उठाना गलत नहीं है, लेकिन किसी भी डील पर भरोसा करने से पहले उसकी पुष्टि करना जरूरी है। याद रखें, भारी छूट का लालच देने वाला हर विज्ञापन असली नहीं होता। थोड़ी सी सावधानी आपको आर्थिक नुकसान से बचा सकती है।

