
काहिरा । सूडान के उत्तरी कोर्डोफान राज्य की राजधानी ओबेद में स्थित एक मुख्य जेल पर शनिवार को हुए संदिग्ध ड्रोन हमले में कम से कम 20 कैदियों की मौत हुई, जबकि 50 अन्य गंभीर रूप से घायल हो गए। यह हमला अर्धसैनिक बल रैपिड सपोर्ट फोर्सेज (आरएसएफ) का बताया जा रहा है। सूडानी सूचना मंत्री और सैन्य गठबंधन सरकार के प्रवक्ता खालिद एलीसर ने इसकी पुष्टि करते हुए हमले की कड़ी निंदा की।
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यह हमला ऐसे समय हुआ है, जब आरएसएफ देशभर में सैन्य ठिकानों पर ड्रोन हमलों की संख्या बढ़ा रही है। ओबेद, राजधानी खार्तूम से लगभग 363 किलोमीटर दक्षिण में स्थित है और हाल के सप्ताहों में यह क्षेत्र बार-बार संघर्ष का केंद्र बन गया है।
इस महीने की शुरुआत में आरएसएफ ने पोर्ट सूडान शहर पर भी कई दिनों तक ड्रोन हमले किए थे, जो इस समय सरकार की अस्थायी राजधानी के रूप में काम कर रहा है। इन हमलों में वहां के हवाई अड्डों, समुद्री बंदरगाहों और ईंधन भंडारण जैसी महत्वपूर्ण संरचनाओं को निशाना बनाया गया था। जबकि बीते दिन शुक्रवार को पश्चिमी दारफुर क्षेत्र में आरएसएफ ने विस्थापितों के एक कैंप पर बमबारी की थी, जिसमें 14 लोगों की जान गई थी। वहीं, सूडानी सेना ने दक्षिण दारफुर के न्याला हवाई अड्डे पर हवाई हमला किया था, जिसमें 12 से अधिक आरएसएफ अधिकारी मारे गए थए।
सूडान 15 अप्रैल, 2023 से गृहयुद्ध की चपेट में है, जब सेना और आररएसएफ के बीच लंबे समय से चले आ रहे तनाव ने खुली जंग का रूप ले लिया। राजधानी खार्तूम से शुरू हुई यह लड़ाई अब देश के दक्षिणी, पश्चिमी और पूर्वी हिस्सों तक फैल चुकी है। अब तक इस गृहयुद्ध में 24,000 से अधिक लोग मारे जा चुके हैं। करीब 1.3 करोड़ लोग अपने घरों से विस्थापित हो चुके हैं, जिनमें 40 लाख से अधिक शरणार्थी अन्य देशों की ओर पलायन कर चुके हैं।

