
उत्तराखंड में राशन कार्ड धारकों के लिए e-KYC अनिवार्य, सरकार ने जारी किए नए निर्देश
पौड़ी: उत्तराखंड के पौड़ी गढवाल जिले में सार्वजनिक वितरण प्रणाली को अधिक पारदर्शी और प्रभावी बनाने के उद्देश्य से सभी राशनकाडर् धारकों के लिए ई-केवाईसी अनिवार्य कर दी गई है। शासन के निर्देशों के तहत राशन काडर् में दर्ज प्रत्येक यूनिट की शत-प्रतिशत ई-केवाईसी कराने के निर्देश जारी किए गए हैं। इसके लिए केन्द्र सरकार द्वारा जारी‘मेरा केवाईसी ऐप’के माध्यम से उपभोक्ताओं को घर बैठे ही यह सुविधा उपलब्ध कराई गई है।
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!ई-केवाईसी प्रक्रिया अनिवार्य
बुधवार को जिला पूर्ति अधिकारी अरुण कुमार वर्मा ने बताया कि ई-केवाईसी प्रक्रिया के लिए राशन काडर् में दर्ज सभी सदस्यों का आधार काडर् होना अनिवार्य है। साथ ही आधार से लिंक सक्रिय मोबाइल नंबर भी आवश्यक रहेगा, क्योंकि सत्यापन प्रक्रिया के दौरान उसी नंबर पर ओटीपी प्राप्त होगा। उन्होंने कहा कि फेस ऑथेंटिकेशन के लिए स्माटर्फोन का कैमरा अच्छी गुणवत्ता का होना चाहिए तथा इंटरनेट कनेक्टिविटी भी सुचारु रहनी चाहिए।
मोबाइल ऐप के माध्यम से ई-केवाईसी कर सकते हैं उपभोक्ता
उन्होंने जानकारी दी कि जिन उपभोक्ताओं को मोबाइल ऐप के माध्यम से ई-केवाईसी कराने में कठिनाई हो रही हो, वे अपने राशन काडर्, आधार काडर् एवं मोबाइल नंबर के साथ नजदीकी उचित दर की दुकान पर जाकर भी यह प्रक्रिया पूरी करा सकते हैं। ई-केवाईसी की प्रक्रिया के तहत उपभोक्ताओं को सबसे पहले गूगल प्ले स्टोर अथवा ऐप स्टोर से‘मेरा केवाईसी ऐप’डाउनलोड करना होगा। इसके साथ‘आधार फेस आरडी’ऐप इंस्टॉल करना भी जरूरी होगा।
12 अंकों का आधार नंबर दर्ज कर पूरी करें प्रकिया
ऐप में लॉगिन करने के बाद राज्य के रूप में उत्तराखंड का चयन कर‘वेरिफाई लोकेशन’विकल्प पर क्लिक करना होगा। इसके बाद 12 अंकों का आधार नंबर दर्ज कर मोबाइल पर प्राप्त ओटीपी भरना होगा। फेस केवाईसी विकल्प पर क्लिक करने के बाद कैमरे के सामने चेहरे का सत्यापन किया जाएगा और प्रक्रिया पूरी होने पर‘ई-केवाईसी सक्सेसफुल’का संदेश प्रदर्शित होगा।
बिना किसी बाधा के जारी रहे राशन वितरण की प्रक्रिया
जिला पूर्ति अधिकारी ने सभी राशनकाडर् धारकों से अपील की है कि वे अपने परिवार के प्रत्येक सदस्य की ई-केवाईसी शीघ्र पूर्ण कराएं, ताकि सार्वजनिक वितरण प्रणाली के तहत मिलने वाले राशन और अन्य लाभों का वितरण बिना किसी बाधा के जारी रह सके।

