
शंभू बार्डर से 21 जनवरी को दिल्ली कूच करेंगे किसान, आंदोलन होगा तेज
पीएम की सुरक्षा में चूक पर पंजाब के 25 किसानों को नोटिस
चंडीगढ़ । एक तरफ खनौरी बॉर्डर पर किसान नेता जगजीत सिंह डल्लेवाल का आमरण अनशन चल रहा है, वहीं दूसरी ओर शंभू बार्डर से किसान नेता सरवन सिंह पंधेर ने 21 जनवरी को दिल्ली कूच का ऐलान कर दिया है। किसान नेता सरवण पंधेर ने कहा कि इसमें 101 किसान शामिल होंगे। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार अभी तक वार्ता का मन नहीं बना रही है, इसलिए आंदोलन को और तेज करेंगे।
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!
शंभू बाडर्र पर गुरुवार को पत्रकारों से बातचीत में उन्हाेंने चेतावनी भी दी कि उनके नरेंद्र मोदी के प्रधानमंत्री रहते ही देश में एमएसपी पर फसल खरीद की गारंटी का कानून आएगा। किसानों की सभी मांगें देश हित में हैं और उन्हें लागू कराया जाएगा। पंधेर ने कहा कि इससे पहले भी दिसंबर महीने में 3 बार दिल्ली कूच की कोशिश कर चुके हैं। किसान 6 दिसंबर, 8 दिसंबर और 14 दिसंबर 2024 को दिल्ली की ओर रवाना हुए थे लेकिन तीनों बार हरियाणा पुलिस ने उन्हें बैरिकेड पर ही रोक लिया था।
पंधेर ने 5 जनवरी 2022 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के फिरोजपुर दौरे के दौरान हुई सुरक्षा चूक के मुद्दे को उठाते हुए कहा कि 2022 की घटना में अब पंजाब सरकार ने केंद्र के दबाव में आकर 25 के करीब किसानों के खिलाफ समन भेज दिए हैं। इसमें अब हत्या की कोशिश का मामला भी जोड़ दिया गया है। हम इसका विरोध करते हैं।
उन्होंने कहा कि सभी जानते हैं कि 5 जनवरी 2022 को प्रधानमंत्री बॉय एयर आ रहे थे, लेकिन अचानक उनका रूट बदल दिया गया। वे सड़क मार्ग से आए और उनका काफिला 15-20 मिनट के लिए रुक गया था। एक भी किसान ने पीएम की तरफ फूल तक नहीं मारा था। तत्कालीन मुख्यमंत्री चरणजीत चन्नी की अगुआई वाली कांग्रेस सरकार ने साफ किया था कि किसानों का मकसद उन्हें नुकसान पहुंचाना नहीं था। इसके बावजूद अब 3 साल के बाद किसानों पर दोबारा से कार्रवाई निंदनीय है।

