
पंजाब में बाढ़ का खतरा बढ़ा: कई जिलों में भारी बारिश का येलो अलर्ट, ब्यास-सतलुज का जलस्तर बढ़ा
पंजाब में बाढ़ का खतरा: ब्यास और सतलुज नदियाँ उफान पर-पंजाब में इन दिनों ब्यास और सतलुज नदियों का जलस्तर खतरे के निशान को पार कर गया है, जिससे कई इलाकों में बाढ़ जैसे हालात पैदा हो गए हैं। पौंग बांध से लगातार पानी छोड़े जाने के कारण यह स्थिति उत्पन्न हुई है।
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!बढ़ता जलस्तर और बाढ़ का खतरा-गुरदासपुर, कपूरथला, होशियारपुर, अमृतसर और फिरोजपुर ज़िलों के कई इलाके बाढ़ की चपेट में आ गए हैं। सुल्तानपुर लोधी और होशियारपुर के कई हिस्से पानी में डूब चुके हैं। नदियों के किनारे बसे गांवों में पानी का दबाव लगातार बढ़ रहा है, जिससे प्रशासन को लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने की चुनौती का सामना करना पड़ रहा है। राहत और बचाव कार्य युद्ध स्तर पर चलाए जा रहे हैं, लेकिन लगातार बारिश से स्थिति और जटिल होती जा रही है। सरकार ने प्रभावित लोगों को हर संभव मदद का भरोसा दिया है।
मौसम विभाग का अलर्ट और भारी बारिश की आशंका-मौसम विभाग ने 14 और 15 अगस्त के लिए पंजाब के कई जिलों में येलो अलर्ट जारी किया है। खासकर हिमाचल प्रदेश से सटे जिलों जैसे पठानकोट, गुरदासपुर, होशियारपुर, रूपनगर, नवांशहर, मोहाली और फतेहगढ़ साहिब में भारी बारिश की आशंका जताई गई है। हिमाचल प्रदेश में हो रही लगातार बारिश का सीधा असर पंजाब पर पड़ रहा है, जिससे बाढ़ का खतरा और बढ़ गया है। मौसम विभाग ने अगले कुछ दिनों तक सावधानी बरतने की सलाह दी है और लोगों से अपील की है कि वे सुरक्षित स्थानों पर रहें।
तापमान में उतार-चढ़ाव और मौसम का मिजाज-बीते दिन पंजाब के कई जिलों में मौसम शुष्क रहा, जिससे तापमान में बढ़ोतरी हुई। राज्य का औसत अधिकतम तापमान 2.6 डिग्री तक बढ़ गया। अबोहर में सबसे अधिक 36.2 डिग्री तापमान दर्ज किया गया। हालांकि, होशियारपुर में हल्की बारिश हुई। मौसम विभाग के अनुसार, अगले कुछ दिनों में मौसम में बदलाव आने की संभावना है, जिससे बाढ़ प्रभावित इलाकों में स्थिति और बिगड़ सकती है। लोगों से अपील की गई है कि वे मौसम की जानकारी पर नज़र रखें और सुरक्षा के सभी उपाय करें।

