
भाग्यनगर में प्रज्ञा प्रवाह द्वारा आयोजित लोकमंथन कार्यक्रम में शामिल हुए वनमंंत्री केदार कश्यप
सांस्कृतिक एकता की ओर बढ़ता भारत, विश्व का नेतृत्व करने भारत तैयार
रायपुर। प्रज्ञा प्रवाह द्वारा भाग्यनगर(हैदराबाद) में 21 नवम्बर से 24 नवम्बर तक आयोजित (राष्ट्रीय) “लोकमंथन” कार्यक्रम का आयोजन किया गया। छत्तीसगढ़ के वनमंत्री केदार कश्यप भी इस कार्यक्रम में सम्मिलित हुए।
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!मंत्री केदार कश्यप ने जानकारी देते हुए बताया कि लोक मंथन में छत्तीसगढ़ के पारंपरिक वाद्ययंत्रों के स्टॉल लगा हुआ है जिसका अवलोकन कर उन्होंने छत्तीसगढ़ से कार्यक्रम में सम्मिलित लोक कलाकारों से भेंट कर संवाद किए।

समृद्धि संस्कृति को एकता के सूत्र में बांधने की पहल
वनमंत्री केदार ने कहा कि यह भारत के समृद्ध संस्कृति, परंपराओं और विरासत को एकता के सूत्र में बांधने व मजबूत करने का एक सराहनीय पहल है। लोकमंथन जैसे आयोजनों का उद्देश्य भारत में रहें वाले लोगों को अपने मूल जड़ों की ओर लौटाने का छोटा सा प्रयत्न है।

विश्व का नेतृत्व करने भारत तैयार
वनमंत्री केदार ने कहा कार्यक्रम में सम्मिलित होकर प्रबुद्ध जनों का विचार सुनने के पश्चात यह अनुभव हुआ की भारत अब किसी अन्य राष्ट्र या देश से पीछे नहीं है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के मार्गदर्शन में भारत तीव्र गति से विकसित राष्ट्र की ओर अग्रशील हुआ है। जिस प्रकार से आज पश्चिम के राष्ट्र भारत की ओर देख रहे हैं इससे प्रतीत होता है कि भारत वैश्विक स्तर पर नेतृत्व के लिए तैयार है।

वनमंत्री ने बताया कि कार्यक्रम के शुभारंभ अवसर पर छत्तीसगढ़ प्रदेश की अराध्य देवी माई दंतेश्वरी का पूजा अर्चना किया गया। यह क्षण हमारे लिए गौरव का विषय था। पहले दिन कार्यक्रम में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू व राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सर संघचालक डॉ. मोहनराव भागवत का मार्गदर्शन व पाथेय प्राप्त हुआ।


