
उद्यमिता के गुर सीखेंगी छात्राएं, दुधाधारी कॉलेज में शुरू हुआ 12 दिवसीय प्रशिक्षण
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युवाओं को आत्मनिर्भर बनाने सूक्ष्म उद्यमिता विकास कार्यक्रम की शुरुआत
रायपुर, शासकीय दुधाधारी गर्ल्स पीजी कॉलेज, रायपुर में भारतीय उद्यमिता विकास संस्थान के तत्वावधान में 12 दिवसीय सूक्ष्म उद्यमिता विकास कार्यक्रम का शुभारंभ उत्साहपूर्ण वातावरण में किया गया। यह कार्यक्रम छत्तीसगढ़ उद्यमिता विकास केंद्र तथा वाणिज्य एवं उद्योग विभाग के सहयोग से आयोजित किया जा रहा है।
प्रशिक्षण कार्यक्रम का उद्देश्य छात्राओं एवं युवाओं में उद्यमिता के प्रति जागरूकता विकसित करना, उन्हें स्वरोजगार के लिए प्रेरित करना तथा स्थानीय संसाधनों पर आधारित सूक्ष्म उद्यम स्थापित करने के लिए आवश्यक ज्ञान और कौशल प्रदान करना है। यह पहल मुख्यमंत्री के “विकसित छत्तीसगढ़” के विज़न को साकार करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।
कार्यक्रम के उद्घाटन सत्र में जिला उद्योग एवं व्यापार केंद्र की प्रतिनिधि प्रीती खंडेलवाल, स्टार्टअप प्रोग्राम मैनेजमेंट यूनिट उपस्थित रहीं। उन्होंने छात्राओं को उद्यमिता के क्षेत्र में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करते हुए विभाग द्वारा संचालित योजनाओं और सुविधाओं की जानकारी दी।
भारतीय उद्यमिता विकास संस्थान से गुरुकल्याण नायक, मुकुल वेदी, डॉ. संदीप यादव तथा विनय यादव भी कार्यक्रम में शामिल हुए। उन्होंने प्रतिभागियों को उद्यमिता के महत्व, आत्मनिर्भरता के अवसरों तथा स्थानीय स्तर पर उपलब्ध संसाधनों के माध्यम से व्यवसाय स्थापित करने की संभावनाओं पर विस्तृत जानकारी दी।
महाविद्यालय की प्राचार्य डॉ. जया तिवारी ने अपने संबोधन में कहा कि वर्तमान समय में उद्यमिता युवाओं के लिए एक सशक्त करियर विकल्प के रूप में उभर रही है। ऐसे प्रशिक्षण कार्यक्रम छात्राओं को आत्मनिर्भर बनने की दिशा में महत्वपूर्ण मार्गदर्शन प्रदान करते हैं।
इस अवसर पर महाविद्यालय की प्रोफेसर कीर्ति श्रीवास, प्रोफेसर ऋतु मरवाह और मुक्ता मल्होत्रा भी उपस्थित रहीं। उन्होंने छात्राओं को प्रशिक्षण कार्यक्रम का अधिकतम लाभ उठाने के लिए प्रेरित किया।
12 दिवसीय इस प्रशिक्षण कार्यक्रम के दौरान प्रतिभागियों को उद्यमिता की अवधारणा और महत्व, व्यवसायिक अवसरों की पहचान, स्थानीय संसाधनों पर आधारित उद्यम स्थापना, बाजार सर्वेक्षण एवं विश्लेषण, व्यवसाय योजना और परियोजना रिपोर्ट तैयार करना, लागत एवं लाभ विश्लेषण, वित्तीय प्रबंधन, बैंकिंग प्रणाली एवं ऋण सुविधाओं की जानकारी, प्रधानमंत्री मुद्रा योजना सहित विभिन्न शासकीय योजनाओं का परिचय, विपणन रणनीतियां, डिजिटल मार्केटिंग, उत्पाद की ब्रांडिंग एवं पैकेजिंग, ग्राहक प्रबंधन तथा उद्यम संचालन से जुड़े कानूनी एवं पंजीकरण संबंधी पहलुओं की जानकारी दी जाएगी।
इसके साथ ही प्रतिभागियों को व्यावहारिक प्रशिक्षण, समूह चर्चा, केस स्टडी, विशेषज्ञ व्याख्यान और फील्ड विजिट के माध्यम से उद्यमिता के विभिन्न पहलुओं को समझने का अवसर भी मिलेगा। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में छात्राओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया है, जो उन्हें भविष्य में स्वयं का उद्यम स्थापित करने तथा रोजगार सृजन की दिशा में प्रेरित करेगा।


