
गोल्ड ईटीएफ (Gold ETF) l एक प्रकार का वित्तीय उत्पाद है जो निवेशकों को सोने में निवेश करने का मौका देता है, बिना भौतिक सोना खरीदे। यह स्टॉक एक्सचेंज पर ट्रेड होता है और सोने के मूल्य के उतार-चढ़ाव के हिसाब से लाभ प्रदान करता है। आप गोल्ड ETFs में निवेश करके एक व्यापक और विविधीकृत पोर्टफोलियो बना सकते हैं। जबकि गोल्ड को अक्सर एक सुरक्षित संपत्ति माना जाता है, यह महत्वपूर्ण है कि आप अपने सभी फंड्स को एक ही संपत्ति वर्ग में न डालें। स्टॉक्स, बांड्स और गोल्ड का अच्छा मिश्रण संतुलित विकास और जोखिम प्रबंधन प्रदान कर सकता है। स्टॉक्स में निवेश करके, निवेशक पारंपरिक बचत खातों या बांड्स की तुलना में उच्च रिटर्न प्राप्त करने की संभावना रखते हैं। समय के साथ, स्टॉक मार्केट ने ऐतिहासिक रूप से ऐसे रिटर्न प्रदान किए हैं जो मुद्रास्फीति से ऊपर रहे हैं। कई कंपनियाँ अपने लाभ का एक हिस्सा शेयरधारकों को लाभांश के रूप में वितरित करती हैं। यह निवेशकों के लिए एक स्थिर आयधारा प्रदान कर सकता है। स्टॉक्स को आमतौर पर खरीदना और बेचना आसान होता है, खासकर प्रमुख एक्सचेंजों जैसे NSE और BSE पर। यह तरलता निवेशकों को अपनी निवेशों को जब चाहें नगद में बदलने की सुविधा देती है।
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!सीए रुचि तलरेजा ने यह भी बताया निवेश करने का सर्वोत्तम समय आपके निवेश के उद्देश्य, लक्ष्य और रणनीति पर निर्भर करता है। दीर्घकालिक निवेशक जब भी उनके पास पूंजी हो, तब निवेश कर सकते हैं, जबकि शॉर्ट-टर्म ट्रेडर्स बाजार की प्रवृत्तियों और घटनाओं का समय देखकर निवेश करते हैं। एक अनुशासित दृष्टिकोण जैसे डॉलर-कोस्ट एवरेजिंग बाजार की उतार-चढ़ाव के प्रभाव को कम करने में मदद कर सकता है।ये सभी बातें तारवानी एंड एसोसिएट्स द्वारा आयोजित आर्टिकल स्टडी मीट में ट्रेनर सीए रुचि तलरेजा ने बताई I इस सत्र का मुख्य विषय ” स्टॉक मार्केट ” था, जिसे विशेषज्ञ वक्ता सीए रुचि तलरेजा ने प्रस्तुत किया l सत्र में चार्टर्ड अकाउंटेंट और आर्टिकल्स ने भाग लिया, जिनमें सीए चेतन तारवानी, सीए दिनेश तारवानी, सीए सुरक्षा तारवानी , सीए सिद्धांत माखीजा , मुस्कान शर्मा, नेहा जोतवानी, नेहा काशवानी , नाज़िया, दिव्यांशु धनवानी, उपासना देवनानी, तुषार सिंह राजपूत, कशिश ऐलसिंघानी, कोमल राठी, साधना साहू, मनीष असलानी, वंशिका अग्रवाल और हनी माधवानी , उत्कर्ष चांढक , प्रशांत मथानी ,लोकेश अग्रवाल शामिल थे।
कार्यक्रम की संयोजक नेहा काशवानी ने सभी उपस्थितजनों का आभार व्यक्त किया और सम्मानित वक्ताओं के योगदान की सराहना की l हम सभी ने यह सीखा कि शेयर बाजार में निवेश केवल एक लंबी अवधि की रणनीति के तहत करना चाहिए, जहां जोखिम को ध्यान में रखते हुए सटीक और सूचित निर्णय लिए जाएं। निवेशक के तौर पर हमें अपने लक्ष्य और जोखिम सहनशीलता को समझना बहुत जरूरी है, ताकि हम सही संपत्तियों में निवेश कर सकें और जोखिम को कम कर सकें।
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तुषार सिंह राजपूत
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