
भाजपा पर बरसे हरीश रावत, बोले- “कांग्रेस दफ्तर पर हमला नहीं, लोकतंत्र पर है हमला”
पटना में बवाल: हरीश रावत का BJP पर तीखा हमला, क्या है पूरा मामला?
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!लोकतंत्र पर हमला या सियासी चाल?-उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत ने पटना में हुई घटना पर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) को जमकर आड़े हाथों लिया है। उन्होंने कहा कि भाजपा कार्यकर्ताओं ने कांग्रेस कार्यालय में घुसकर न केवल तोड़फोड़ की, बल्कि वहां मौजूद कांग्रेस कर्मचारियों के साथ मारपीट भी की। रावत ने इस घटना को किसी एक पार्टी के दफ्तर पर हमला नहीं, बल्कि सीधे तौर पर लोकतंत्र की मर्यादा पर चोट बताया है। उनका मानना है कि लोकतंत्र में किसी भी व्यक्ति, चाहे वह प्रधानमंत्री ही क्यों न हों, उनके लिए अभद्र भाषा का प्रयोग करना पूरी तरह से गलत है और यह हमारी लोकतांत्रिक परंपराओं को कमजोर करता है।
अपशब्दों का विवाद: कौन है जिम्मेदार?-हरीश रावत ने भाजपा पर एक गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि प्रधानमंत्री के खिलाफ अपशब्दों का इस्तेमाल करने वाले दोनों व्यक्ति असल में भाजपा की अल्पसंख्यक विंग के सदस्य हैं। उनका मानना है कि यह सब कुछ जानबूझकर रचा गया एक सोची-समझी साजिश का हिस्सा है। रावत के अनुसार, भाजपा का मुख्य उद्देश्य कांग्रेस की सफल ‘वोटर अधिकार यात्रा’ जैसी महत्वपूर्ण मुहिम से जनता का ध्यान भटकाना है। उनका यह भी कहना है कि यह पूरी घटना भाजपा की एक सुनियोजित रणनीति का हिस्सा है, जिसका मकसद लोकतांत्रिक मूल्यों को ठेस पहुंचाना है।
कांग्रेस की संस्कृति बनाम भाजपा की राजनीति-रावत ने इस बात पर जोर दिया कि कांग्रेस पार्टी में किसी भी व्यक्ति के खिलाफ अभद्र या अपशब्दों का प्रयोग करना उनकी पार्टी की संस्कृति और मूल स्वभाव के विरुद्ध है। कांग्रेस हमेशा अपने विरोधियों के साथ वैचारिक स्तर पर मुकाबला करती है, न कि भाषा की गंदगी फैलाकर। वहीं, भाजपा पर कटाक्ष करते हुए उन्होंने कहा कि अपने विरोधियों के लिए बुरे शब्दों का इस्तेमाल करना तो भाजपा की राजनीति का रोजमर्रा का हिस्सा बन गया है। रावत ने सभी लोकतंत्र प्रेमियों से अपील की है कि वे सत्ता के इस तरह के अहंकार और गुंडागर्दी के खिलाफ अपनी आवाज जरूर उठाएं।


