
Hong Kong Open 2025: सिंधु का सफर खत्म, प्राणॉय-लक्ष्य सेन पहुंचे प्री-क्वार्टर फाइनल में
हांगकांग ओपन में भारतीय बैडमिंटन का धमाल: सिंधु हारीं, प्रणय और लक्ष्य जीते!
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!पीवी सिंधु की अप्रत्याशित हार: फैंस का दिल टूटा-हांगकांग ओपन सुपर 500 में भारत की स्टार शटलर पीवी सिंधु का सफर पहले ही दौर में समाप्त हो गया। डेनमार्क की अनसीडेड खिलाड़ी लाइन क्रिस्टोफर्सन के खिलाफ खेले गए मुकाबले में सिंधु से बड़ी उम्मीदें थीं। उन्होंने पहले गेम में शानदार प्रदर्शन करते हुए 21-15 से जीत दर्ज की, जिससे लगा कि वे आसानी से अगला दौर पार कर लेंगी। लेकिन दूसरे गेम में कुछ गलतियों ने उन्हें लय से भटका दिया और वे 16-21 से हार गईं। निर्णायक तीसरा गेम बेहद कांटे का रहा, जहां स्कोर 19-19 तक पहुंचा, लेकिन अंत में दो महत्वपूर्ण अंक गंवाने के साथ सिंधु 19-21 से मैच हार गईं। यह हार इसलिए भी चौंकाने वाली थी क्योंकि सिंधु ने इससे पहले क्रिस्टोफर्सन को पांच बार हराया था और यह उनकी पहली हार थी। इस हार ने निश्चित रूप से भारतीय बैडमिंटन प्रेमियों को निराश किया।
एचएस प्रणय का शानदार प्रदर्शन: भारत की उम्मीदें बरकरार-जहां एक तरफ सिंधु की हार से फैंस निराश थे, वहीं एचएस प्रणय ने अपने दमदार खेल से सबको खुश कर दिया। विश्व रैंकिंग में 34वें स्थान पर काबिज प्रणय ने चीन के लू ग्वांग झू, जो 14वें नंबर के खिलाड़ी हैं, को सीधे गेमों में हराया। उन्होंने पहला गेम 21-17 और दूसरा गेम 21-14 से जीतकर सिर्फ 44 मिनट में मैच अपने नाम कर लिया। प्रणय की तेज रफ़्तार और बेहतरीन नेट प्ले ने विपक्षी खिलाड़ी को कोई मौका नहीं दिया। इस जीत के साथ प्रणय ने प्री-क्वार्टर फाइनल में अपनी जगह पक्की कर ली है और भारतीय बैडमिंटन के लिए एक नई उम्मीद जगाई है।
लक्ष्य सेन की कड़ा संघर्ष: जीत का जज्बा-युवा सनसनी लक्ष्य सेन ने भी हांगकांग ओपन में अपने इरादे मजबूत दिखाए। उन्होंने एक कड़ा संघर्षपूर्ण मुकाबले में जीत दर्ज की। पहले गेम में लक्ष्य ने 22-20 से बाजी मारी, लेकिन दूसरा गेम वे 16-21 से हार गए। हालांकि, तीसरे गेम में उन्होंने शानदार वापसी करते हुए 21-15 से मैच जीत लिया। यह जीत आसान नहीं थी, क्योंकि दोनों खिलाड़ियों ने आक्रामक खेल दिखाया और हर अंक के लिए कड़ा संघर्ष किया। लगभग एक घंटे तक चले इस मैच में लक्ष्य की फिटनेस और मानसिक दृढ़ता उनकी जीत का मुख्य कारण बनी।
किरण जॉर्ज और आयुष शेट्टी का जलवा: युवा प्रतिभा का प्रदर्शन-सिर्फ प्रणय और लक्ष्य ही नहीं, बल्कि किरण जॉर्ज और आयुष शेट्टी ने भी भारतीय प्रशंसकों को खुश होने का मौका दिया। किरण जॉर्ज ने सिंगापुर के जेसन तेह को 21-16, 21-11 से हराकर आसानी से प्री-क्वार्टर फाइनल में प्रवेश किया। वहीं, विश्व नंबर 31 आयुष शेट्टी ने चीनी-ताइपे के शटलर सू ली यांग को तीन गेमों में 15-21, 21-19, 21-13 से मात दी। पहला गेम हारने के बाद भी आयुष ने हार नहीं मानी और शानदार वापसी करते हुए मैच जीता। यह दर्शाता है कि भारत के पास युवा खिलाड़ियों की एक मजबूत पौध तैयार है जो अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अच्छा प्रदर्शन कर सकती है।
डबल्स में निराशा: मिश्रित परिणाम-जहां सिंगल्स में भारतीय खिलाड़ियों ने शानदार प्रदर्शन किया, वहीं डबल्स मुकाबलों में कुछ निराशा हाथ लगी। महिला डबल्स में रुतापर्णा पांडा और स्वेतापर्णा पांडा की जोड़ी को हांगकांग की जोड़ी से 17-21, 9-21 से हार का सामना करना पड़ा। इसी तरह, मिक्स्ड डबल्स में ध्रुव कापिल और तनिषा क्रास्टो की जोड़ी भी चीनी ताइपे के खिलाड़ियों से हार गई। अब भारतीय फैंस की उम्मीदें रोहन कपूर और रुत्विका गाड्डे की जोड़ी पर टिकी हैं, जो अगले दौर में चीनी खिलाड़ियों से भिड़ेंगे।
आगे क्या उम्मीदें: भारतीय बैडमिंटन का भविष्य-हांगकांग ओपन बैडमिंटन टूर्नामेंट अभी जारी है और भारतीय खिलाड़ियों के लिए आगे की राह चुनौतीपूर्ण है। पीवी सिंधु की हार ने भले ही फैंस को निराश किया हो, लेकिन पुरुष सिंगल्स में एचएस प्रणय, लक्ष्य सेन, किरण जॉर्ज और आयुष शेट्टी जैसे खिलाड़ियों के शानदार प्रदर्शन ने उम्मीदें जिंदा रखी हैं। इन युवा खिलाड़ियों ने साबित कर दिया है कि वे अंतरराष्ट्रीय स्तर पर किसी भी चुनौती का सामना करने के लिए तैयार हैं। अब यह देखना रोमांचक होगा कि ये खिलाड़ी आगे के राउंड्स में कैसा प्रदर्शन करते हैं और भारत के लिए कितनी सफलता हासिल करते हैं।