
रायसेन कृषि महोत्सव में पद्मश्री कृषकों के व्याख्यान, आधुनिक तकनीक सीख रहे किसान
कानपुर। रायसेन में आयोजित राष्ट्रीय उन्नत कृषि महोत्सव में आधुनिक खेती की तकनीकों को लेकर किसानों में खासा उत्साह देखने को मिला। तीन दिवसीय आयोजन में देश भर के प्रगतिशील किसान, वैज्ञानिक और विशेषज्ञ एक मंच पर जुटे। पद्मश्री कृषकों ने अपने अनुभव साझा कर खेती को लाभकारी बनाने के तरीके बताए। कार्यक्रम में लैब टू लैंड विजन को साकार करने पर जोर दिया गया। यह बातें रविवार को आईसीएआर अटारी के निदेशक डॉ. राघवेन्द्र सिंह ने कही
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!आईसीएआर (अटारी) जोन-3 कानपुर के समन्वय से मध्य प्रदेश के रायसेन जनपद स्थित दशहरा मैदान में तीन दिवसीय राष्ट्रीय उन्नत कृषि महोत्सव का भव्य शुभारंभ हुआ। जिसका उद्घाटन केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान और मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने किया। इस अवसर पर उत्तर प्रदेश के कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही और आईसीएआर के महानिदेशक डॉ. एम.एल. जाट भी उपस्थित रहे।
महोत्सव का मुख्य उद्देश्य लैब टू लैंड विजन के तहत आधुनिक कृषि तकनीकों, उन्नत बीजों और सरकारी योजनाओं को सीधे किसानों तक पहुंचाना है, ताकि खेती को अधिक लाभप्रद बनाया जा सके। आईसीएआर- अटारी कानपुर के निदेशक डॉ. राघवेन्द्र सिंह एवं वैज्ञानिक डॉ. सीमा यादव के समन्वय से उत्तर प्रदेश के अनेक किसानों ने इसमें भाग लिया।
कार्यक्रम में उत्तर प्रदेश के पद्मश्री एवं अन्य प्रगतिशील किसानों ने कृषक कार्यशाला में व्याख्यान दिए और अपने अनुभव साझा किए। दीनदयाल शोध संस्थान-कृषि विज्ञान केंद्र गनीवां, चित्रकूट एवं कौशाम्बी के 150 से अधिक किसानों का दल भी महोत्सव में शामिल हुआ।
इन किसानों ने निकरा परियोजना के तहत जलवायु अनुकूल खेती, कृषि ड्रोन, जैविक खेती के नए मॉडल और सौर ऊर्जा संचालित उपकरणों की जानकारी स्टालों के माध्यम से प्राप्त की। इस दौरान केवीके अध्यक्ष डॉ. राजेन्द्र नेगी एवं एसआरएफ डॉ. सतीश पाठक का विशेष सहयोग रहा।
डॉ. राघवेन्द्र सिंह ने बताया कि किसानों को राष्ट्रीय मंचों से जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है, ताकि वे नई तकनीकों को अपनाकर अपनी आय बढ़ा सकें। उन्होंने कहा कि यह महोत्सव किसानों के लिए खेती की लागत घटाने और कृषि विविधीकरण को समझने का बेहतर अवसर साबित हो रहा है।

